सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

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सूचना प्रौद्योगिकी का महत्त्व

सूचना प्रौद्योगिकी,सेवा अर्थतंत्र(Service Economy) का आधार है।

*.पिछड़े देशों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एकसम्यक तकनीकी(appropriate technology) है।

*.गरीब जनता को सूचना-सम्पन्न बनाकर ही निर्धनता का उन्मूलन किया जा सकता है।*.सूचना-संपन्नता से सशक्तिकरण (empowerment) होता है।

*.सूचना तकनीकी, प्रशासन और सरकार मेंपारदर्शितालाती है, इससेभ्रष्टाचारको कम करने मेंसहायता मिलती है।

*.सूचना तकनीक का प्रयोग योजना बनाने, नीति निर्धारण तथा निर्णय लेने में होता है।*.यह नये रोजगारों का सृजन करती है।सूचना प्रौद्योगिकी के विभिन्न घटककंप्यूटर हार्डवेयर प्रौद्योगिकीइसके अन्तर्गत माइक्रो-कम्प्यूटर, सर्वर, बड़े मेनफ्रेम कम्प्यूटर के साथ-साथ इनपुट, आउटपुट एवं संग्रह (storage) करने वाली युक्तियाँ (devices) आतीं हैं।कंप्यूटर साफ्टवेयर प्रौद्योगिकीइसके अन्तर्गतप्रचालन प्रणाली(Operating System),वेब ब्राउजर,डेटाबेस प्रबन्धन प्रणाली(DBMS),सर्वरतथा व्यापारिक/वाणिज्यिक साफ्टवेयर आते हैं।

दूरसंचार व नेटवर्क प्रौद्योगिकीइसके अन्तर्गत दूरसंचार के माध्यम, प्रक्रमक (Processor) तथा इंटरनेट से जुडने के लिये तार या बेतार पर आधारित साफ्टवेयर, नेटवर्क-सुरक्षा, सूचना का कूटन (क्रिप्टोग्राफी) आदि हैं।

मानव संसाधनतंत्र प्रशासक (System Administrator), नेटवर्क प्रशासक (Network Administrator) आदिसूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावसूचना प्रौद्योगिकी ने पूरी धरती को एक गाँव बना दिया है। इसने विश्व की विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं को जोड़कर एक वैश्विक अर्थव्यवस्था को जन्म दिया है।

यह नवीन अर्थव्यवस्था अधिकाधिक रूप से सूचना के रचनात्मक व्यवस्था व वितरण पर निर्भर है। इसके कारण व्यापार और वाणिज्य में सूचना का महत्व अत्यधिक बढ गया है। इसीलिए इस अर्थव्यवस्था कोसूचना अर्थव्यवस्था(Information Economy) याज्ञान अर्थव्यवस्था(Knowledge Economy) भी कहने लगे हैं।

वस्तुओं के उत्पादन (manufacturing) पर आधारित परम्परागत अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ती जा रही है और सूचना पर आधारितसेवा अर्थव्यवस्था(service economy) निरन्तर आगे बढती जा रही है।

सूचना क्रान्ति से समाज के सम्पूर्ण कार्यकलाप प्रभावित हुए हैं – धर्म, शिक्षा (e-learning), स्वास्थ्य (e-health), व्यापार (e-commerce), प्रशासन, सरकार (e-govermance), उद्योग, अनुसंधान व विकास, संगठन, प्रचार आदि सब के सब क्षेत्रों में कायापलट हो गया है।

आज का समाजसूचना समाज कहलाने लगा है।सूचना प्रौद्योगिकी का भविष्यसूचना के महत्व के साथसूचना की सुरक्षाका महत्व भी बढ़ेगा।

सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, विशेष रूप से सूचना सुरक्षा एवं सर्वर के विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी।

इतिहाससूचना प्रौद्योगिकी विभिन्न कालखण्डों में अपने समय की सूचना से सम्बन्धित समस्याओं (इन्पुट, प्रसंस्करण, आउटपुट, संचार आदि) को हल करने की जिम्मेदारी सम्भालती है।

अतः इसके इतिहास को चार मूल कालखण्डों में बांटा जा सकता है-(१) यांत्रिक युग के पूर्व (Premechanical)(२) यांत्रिक युग (Mechanical)(३) विद्युतयांत्रिक युग (Electromechanical), तथा(४) एलेक्ट्रॉनिक युग (Electronic)

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