करंट अफेयर्स अपडेट 10 जुलाई 2017

1.भारत की सही तस्वीर नहीं दिखाता र्वल्ड बैंक
• कारोबार सुगमता की स्थिति व अन्य मामलों को लेकर विश्व बैंक द्वारा पेश की जाने वाली रिपोर्ट में कई खामियां हैं और वह भारत में अभी तक हुए सुधारों को लेकर सही तस्वीर नहीं दर्शाती है। विशेष रूप से करों के मामले में। 

• वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह बात कही।भारत के दौरे पर आई विश्व बैंक की टीम के समक्ष ये मुद्दे उठाए गए हैं। कारोबार सुगमता रिपोर्ट 2017 में विश्व बैंक ने दस मानदंडों पर विभिन्न देशों को रैंकिंग दी है। इनमें करों का भुगतान, कारोबार शुरू करना और सीमापार व्यापार शामिल है। 

• कर भुगतान के मामले में भारत को 190 देशों में 172 स्थान दिया गया है।अफसर ने कहा कि रिपोर्ट में भारत द्वारा निवेशकों का भरोसा बढ़ाने विशेषरूप से मेक इन इंडिया अभियान के तहत किए गए उपायों को नजरअंदाज किया गया।

• टीम के संज्ञान में यह तय लाया गया कि भारत में नमूने का आकार अन्य विकासशील देशों की तुलना में आबादी के हिसाब से आश्र्चयजनक रूप से काफी ऊंचा है।इसके अलावा यह भी पाया गया है कि ये निष्कर्ष भारत में किए गए सुधारों की सही तस्वीर नहीं दिखाते विशेषरूप से कर दरों और प्रशासन के मामले में। 

• विश्व बैंक की टीम फिलहाल मुंबई में है। यह टीम 10 और 11 जुलाई को मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात करेगी।

• विश्व बैंक टीम की भारत यात्रा इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि उसकी अगली रिपोर्ट इस साल अक्टूबर में आएगी। कारोबार करने की स्थिति पर विश्व बैंक की पिछली रिपोर्ट में भारत को 130वां स्थान मिला है। भारत ने इस मोर्चे पर खुद को शीर्ष 50 देशों में पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।
2. एयर इंडिया का विनिवेश इसी वित्त वर्ष में
• सरकार ने 50 हजार करोड़ रपए से ज्यादा के कर्ज में डूबी सार्वजनिक विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया के विनिवेश की दिशा में काम तेज कर दिया है तथा यह प्रक्रिया चालू वित्त वर्ष में ही पूरी होने की उम्मीद है।

• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो सप्ताह पहले ही एयर इंडिया के विनिवेश की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसके लिए मंत्रियों के एक समूह का गठन किया जाना था जिसकी देखरेख में विनिवेश का काम होना है। 

• कार्यसमूह ही यह तय करेगा कि विनिवेश कितना, कब और कैसे किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाले कार्यसमूह में नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू, सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी, रेल मंत्री सुरेश प्रभु और ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं।

• उन्होंने कहा कि समिति की पहली बैठक शीघ्र ही बुलाई जाएगी। मंत्रालय के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विनिवेश प्रक्रिया चालू वित्त वर्ष में ही पूरी करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार शत-प्रतिशत विनिवेश के पक्ष में नहीं है और संभवत: वह नियंत्रक हिस्सेदार बनी रहेगी।

• उन्होंने कहा, कई ऐसे काम हैं जिनके लिए सरकार के नियंतण्रमें एक विमान सेवा कंपनी होनी चाहिए। मसलन कभी विदेशों में हमारे नागरिक फंस जाते हैं तो उन्हें वहां से निकालने का काम निजी विमान सेवा कंपनियां नहीं करतीं। यह काम एयर इंडिया ही करती है। अधिकारी ने कहा कि दुनिया के अधिकतर देशों में सरकारी विमान सेवा कंपनी है।
*3. अमेरिका कोरिया प्रायद्वीप को परमाणु युद्ध में धकेल रहा : उत्तर कोरिया
• अपनी अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए अमेरिका एवं दक्षिण कोरिया के गोलाबारी अभ्यास की रविवार को निंदा करते हुए उत्तर कोरिया ने अमेरिका पर कोरिया प्रायद्वीप को परमाणु युद्ध की ओर धकेलने का आरोप लगाया।

• पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया के पहले अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) परीक्षण के बाद प्रायद्वीप में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने यह इस अभ्यास में हिस्सा लिया। उत्तर कोरिया के इस परीक्षण ने वैश्विक  चिंता बढ़ा दी थीं, क्योंकि इससे उत्तर कोरिया अब अलास्का तक पहुंचने में सक्षम आईसीबीएम का स्वामी बन गया है जो इस देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। 

• शनिवार का अभ्यास उत्तर कोरिया की ओर से संभावित मिसाइल प्रक्षेपणों का कड़ा जवाब देने के मकसद से डिजाइन किया गया था। अभ्यास में अमेरिका के दो बमवर्षक विमानों को दुश्मन की मिसाइल बैटरियों को तबाह करते और भूमिगत कमान चौकियों के खिलाफ दक्षिण कोरिया के जेट विमानों का स्पष्ट हमला दिखा।

• उत्तर कोरिया के सरकारी रोडोंग समाचारपत्र ने बारूद की ढेर पर आग से मत खेलो शीर्षक वाले संपादकीय में आरोप लगाया कि इस अभ्यास से अमेरिका और दक्षिण कोरिया तनाव को और अधिक बढ़ा रहे हैं। 

• कोरियाई प्रायद्वीप को दुनिया का सबसे खतरनाक विस्फोटक स्थान बताते हुए इसमें लिखा गया, एक छोटी से गलती अथवा गलत अनुमान से तत्काल एक परमाणु युद्ध शुरू हो सकता है जो दुनिया को एक
और विश्वयुद्ध की ओर धकेल सकता है।
4. ‘‘वन बेल्ट वन रोड’ के मुकाबिल ‘‘एक्ट ईस्ट’
• चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘‘वन बेल्ट वन रोड’ का बहिष्कार करने के बाद भारत के रणनीतिकार एक्ट ईस्ट नीति और आसियान देशों को जोड़ने को कूटनीति को आगे बढ़ा रहे हैं। जी20 की बैठक के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान, दक्षिण कोरिया और वियतनाम के शासनाध्यक्षों से मुलाकात की जबकि म्यामां के सेना प्रमुख इसी महीने भारत की यात्रा पर आने वाले है।

• भारत अपने पड़ोसी देशों और वृहद पड़ोस के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए कनेक्टिविटी के अलावा अब एनर्जी डिप्लोमेसी एवं सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने की पहल कर रहा है। इंडोनेशिया से लेकर मॉरिशस तक भारत उर्जा संबंधों को मजबूत करने में जुटा हुआ है। 

• इस नई तरह की कूटनीति से पेट्रोलियम उत्पादों के एक बड़े श्रोत के रूप में भारत की स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।

• इंस्टीट्यूट आफ डिफेंस रिसर्च एंड एनालिसिस (आईडीएसए) से जुड़ी डा. साम्पा कुंडू ने कहा कि विदेश मंत्री ने दिल्ली डायलॉग के मंत्री सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमने दक्षिण पूर्व एशिया में अपनी भागीदारी बढ़ाई है। 

• यह 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की म्यांमार में भारत आसियान सम्मेलन में हुई टिप्पणी से प्रतिबिंबित हुई है। वहां उन्होंने घोषणा की थी कि भारत की लुक ईस्ट पॉलिसी नीति एक्ट ईस्ट पॉलिसी बन गई है।
*🍁5. तनाव के बीच तुर्की से जर्मन सेना की वापसी शुरू*
• नाटो के दो सहयोगी देशों जर्मनी और तुर्की के बीच जारी तनाव सतह पर आ गया है। जर्मनी ने आइएस से निपटने के लिए तुर्की में तैनात जवानों और लड़ाकू विमानों की वापसी की प्रक्रिया रविवार से शुरू कर दी है। अब इसे जॉर्डन में तैनात किया जाएगा। 

• जर्मन सांसदों के इंसिरलिक सैन्य अड्डे के दौरे को मंजूरी नहीं देने से दोनों देशों के बीच विवाद शुरू हुआ था।

• जर्मन रक्षा मंत्रलय के प्रवक्ता ने तुर्की से सैन्य वापसी की पुष्टि की है। संसद ने इंसिरिलक एयर बेस से सैन्य वापसी के प्रस्ताव को जून में मंजूरी दी थी। 

• हालांकि, इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आइएस) के खिलाफ जारी संघर्ष में गठबंधन की मदद के लिए टॉरनेडो लड़ाकू विमान जुलाई के अंत तक तुर्की में तैनात रहेंगे। अन्य जरूरी सैन्य साजो-सामान को जॉर्डन के नए एयरफोर्स बेस पर पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। यहां अक्टूबर तक लड़ाकू विमानों को तैनात करने की योजना है। 

• प्रवक्ता ने बताया कि विमानों में ईंधन भरने वाला विमान रविवार को जॉर्डन पहुंच गया। तुर्की ने भी इसकी पुष्टि की है।

• तनाव बढ़ने की आशंका : जर्मनी और तुर्की के रिश्ते और तल्ख होने के आसार हैं। तुर्की में सैन्य तख्ता पलट के असफल प्रयासों के बाद विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दोनों के बीच गहरे मतभेद हैं। राष्ट्रपति रिसेप तैयप एदरेगान को व्यापक अधिकार देने पर भी तनातनी की स्थिति है। 

• तुर्की के प्रति रवैये में बदलाव लाने की नसीहत के साथ अंकारा ने जर्मन सांसदों के दौरे को मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद जर्मन धरती से एदरेगान के लिए प्रचार करने वाले कुछ नेताओं को प्रतिबंधित कर दिया गया था। 

• तुर्की ने जर्मनी पर नाजियों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया था। जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मर्केल ने एदरेगान के साथ मुलाकात के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापक मतभेद होने की बात कही थी।
*🍁5. स्टार्टअप फंडिंग पर जी-20 ने की भारत की तारीफ*
• आर्थिक सुधारों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उठाए गए कदम की जी-20 ने तारीफ की है। शिखर सम्मेलन समाप्त होने के बाद दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के समूह ने एक्शन प्लान जारी किया। 

• इसमें भारत द्वारा स्टार्टअप फंडिंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार सुगमता), श्रम सुधार आदि को लेकर उठाए गए कदम की प्रशंसा की गई है। इसे सतत और समावेशी विकास के लिए बेहतर बताया गया है।

• मोदी सरकार ने एक जुलाई को देश में सबसे बड़े कर सुधार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को भी सफलतापूर्वक लागू किया है। 

• हैम्बर्ग एक्शन प्लान में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए भी भारत की तारीफ की गई है। स्टार्टअप के लिए एक्सटर्नल कमर्शियल बोरोइंग (ईसीबी) की सुविधा मुहैया कराने के कदम को इनोवेशन और व्यापार सुगमता को बढ़ाने में कारगर बताया गया है। 

• जी-20 के सदस्य देशों ने हाल में ही संरचनात्मक सुधार और सतत विकास की गति को बरकरार रखने के लिए इस तरह के कदम उठाए हैं। एक्शन प्लान में कहा गया , ‘भारत द्वारा लागू किए जा रहे श्रम सुधार से कामगारों को सुरक्षा मिलने के अलावा महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और देश में व्यापार करना आसान होगा।’ 

• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में भारत को शीर्ष 50 देशों में शामिल कराना चाहते हैं। पिछले साल भारत को इस सूची में 130वां स्थान मिल
ा था। 

• इस साल के अंत में नई सूची आने की संभावना है। इसे देखते हुए हैम्बर्ग एक्शन प्लान में भारत को दी गई तवज्जो बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है।
*🍁7. नगालैंड में राजनीतिक संकट :पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने सरकार बनाने का दावा किया*
• नगालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने निवर्तमान मुख्यमंत्री शुरहोजेली लिजित्सु को हटाकर नई सरकार बनाने का दावा किया है। इससे राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया।

• जेलियांग ने राज्य विधानसभा में 59 में से 41 विधायकों के समर्थन का दावा किया है और राज्यपाल पी बी आचार्य को पत्र लिखकर उनसे नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) नीत डीएएन की सरकार जल्द से जल्द बनाने का आग्रह किया है। 

• जेलियांग के इस कदम के बाद लिजित्सु ने चार मंत्रियों और 11 संसदीय सचिवों को बर्खास्त कर दिया। शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण देने के निर्णय के खिलाफ राज्य भर में हुए प्रदर्शन के बाद जेलियांग को 22 फरवरी को इस्तीफा देना पड़ा था। 

• उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ एनपीएफ विधायकों में से अधिकतर ने मुख्यमंत्री लिजित्सु के खिलाफ विद्रोह कर दिया है और उनके पास 41 विधायकों का समर्थन है। 

• राज्यपाल को लिखे पत्र में जेलियांग ने कहा कि एनपीएफ विधायक दल की चार जून को हुई बैठक में 47 में से 34 पार्टी विधायकों ने उनका समर्थन किया और वे चाहते हैं कि नयी सरकार बनाने का दावा किया जाए।

• पत्र में कहा गया है कि विधायकों ने अपील की कि अभी तक विधानसभा का सदस्य नहीं बने लिजित्सु इस्तीफा दें।
*🍁8. देश में 302 जगहों से की जाएगी 275 नदियों की निगरानी*
• नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए अब पूरे देश में एक साथ काम होगा। सभी 275 प्रमुख नदियों की 302 चयनित स्थानों से निगरानी की जाएगी। 

• इन सभी जगह से पानी के नमूने भी लिए जाएंगे और औचक निरीक्षण के जरिए यह देखा जाएगा कि नदियों के जल में गंदगी कहां से तथा किस स्तर पर आ रही है। इसके लिए दोषियों पर कार्रवाई के अलावा नदियों के जीर्णोद्धार का प्लान भी तैयार किया जा रहा है।

• दरअसल, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने नदियों के जल प्रदूषण पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के में बताया गया है कि देश की 275 प्रमुख नदियों के 302 स्ट्रेच ऐसे पाए गए हैं, जहां से उनमें सीवरेज और औद्योगिक इकाइयों का दूषित जल मिल रहा है। 

• यह रिपोर्ट 27 जून को दिल्ली में ही आयोजित देश भर के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डो के चैयरमेन और सदस्य सचिवों की कांफ्रेंस में साझा भी की गई।

•  रिपोर्ट के साथ-साथ स्थिति से निपटने के लिए तैयार एक्शन प्लान पर भी विस्तार से चर्चा हुई। 

• 1800 इकाइयों को थमाया नोटिस : नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा नदी में प्रदूषण फैलाने वाले स्ट्रेचों पर भी विशेष निगाह रखी जा रही है।

•  अभी तक गंगा में प्रदूषित जल छोड़ने वाली 800 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस थमाया जा चुका है। इतना ही नहीं इसके अलावा कुछ और इकाइयों को भी क्लोजर नोटिस भेजा जा रहा है।

• जीर्णोद्धार प्लान पर दिया जोर : सीपीसीबी ने सभी राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डो के अधिकारियों से उनके कार्यक्षेत्र में पड़ने वाली नदियों के रेस्टोरेशन यानी जीर्णोद्धार की योजना तैयार करने को कहा है। इस दिशा में गाजियाबाद प्रशासन की प्रशंसा करते हुए ¨हडन नदी का रेस्टोरेशन प्लान दूसरे राज्यों से साझा किया गया है। 

• अन्य राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डो से भी उनके प्लान आपस में एक- दूसरे से साझा करने को कहा गया है।

• देश के सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डो से साझा की योजना

• ड्रेनेज सिस्टम की कड़ी निगरानी की जाए। देखा जाए कि नदियों तक यह सीवरेज कैसे पहुंच रहा है।

• टूटे नालों की मरम्मत कर उनकी निकासी नदियों से इतर सुनिश्चित की जाए।

• समय-समय पर उक्त स्ट्रेचों का दौरा कर अपडेट स्थिति का जायजा लिया जाए।

• औद्योगिक इकाइयों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का सुचारू रूप से चलना सुनिश्चित किया जाए।

• नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं और उनकी जवाबदेही तय की जाए।
*🍁9. यूनेस्को ने अहमदाबाद को माना विश्व धरोहर
• अहमदाबाद को यूनेस्को ने विश्व की धरोहरों में शुमार किया है। अब यह शहर पेरिस, वियना, काइरो, ब्रुसेल्स, रोम और एडिनबर्ग की श्रेणी में शामिल हो गया है। 

• शनिवार देर रात को पोलैंड में हुई यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति की 41वीं बैठक में यह फैसला हुआ। समिति ने माना कि ऐतिहासिक महत्व की जगहों के संरक्षण का काम यहां बेहतरीन है। यूनेस्को ने पहली बार भारत के किसी शहर को विश्व धरोहर का दर्जा दिया है। 

• एशिया से अब तक सिर्फ दो शहरों-नेपाल के भक्तपुर और श्रीलंका के गाल को विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है। 

• माना जाता है कि दीवारों से घिरे इस शहर की खोज अहमद शाह ने लगभग छह सौ साल पहले की थी। यहां पर 26
ऐसे ढांचे हैं, जिनका संरक्षण एएसआइ (पुरातत्व विभाग)कर रहा है। प्राचीन पद्धति से बने मकान व तंग गलियां शहर के प्राचीन होने का एहसास कराती हैं। 

• महात्मा गांधी भी 1915 से 30 तक यहां रहे थे। यह बात शहर को विशिष्टता का अहसास कराती है। जाने माने वास्तुविद एजीके मेनन का कहना है कि इससे भारत के और शहरों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन इस तमगे को बोझ नहीं मानेगा।

• दिल्ली का दावा केंद्र ने वापस लिया : खास बात है कि दिल्ली भी यूनेस्को की सूची में शामिल होने की रेस में शामिल था। लेकिन, केंद्र सरकार ने आखिरी वक्त में अपना दावा वापस ले लिया। 

• हुमायूं के मकबरे के साथ लाल किला और कुतुब मीनार के साथ दिल्ली का दावा बेहद सशक्त माना जा रहा था। लेकिन सरकार का मानना था कि विश्व धरोहर में शामिल होते ही शहरी विकास यहां ठप हो जाएगा।

*10. राजस्थान में पहली बार देखी गई लिट्सिया ग्लूटीनोसा वृक्ष प्रजाति*

• सवाई माधोपुरजिले स्थित रणथंभोर बाघ परियोजना में मोरकुंड के पास लिट्सिया ग्लूटीनोसा’ नामक वृक्ष प्रजाति का एक कुंज देखा गया है। 

• राजस्थान में इस वृक्ष की खोज पूर्व वन अधिकारी डॉ. सतीश कुमार शर्मा और टाइगर वॉच के कंजर्वेशन बायोलॉजिस्ट डॉ. धर्मेंद्र खांडल ने की है। 

• राजस्थान में इस प्रजाति की यह प्रथम उपस्थिति दर्ज हुई है। इस प्रजाति की राजस्थान में उपस्थिति संबंधी रिपोर्ट ”बायो नेचर” अनुसंधान जर्नल में प्रकाशित हुई है।

• डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि यह वृक्ष प्रजाति अन्य जातियों के बड़े वृक्षों के नीचे ”द्वितीय मंजिल” की वनस्पति के रूप में वहां उगा हुआ पाया गया है