करंट अफेयर्स 21 अप्रैल 2017

1.अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने थपथपाई भारत की पीठ*
• आईएमएफ के राजकोषीय मामलों के विभाग के निदेशक विटोर गासपेर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भारत ने हाल के वर्षों में अच्छी वृद्धि हासिल की है। हमारा मानना है कि ईंधन सब्सिडी समाप्त करने तथा सामाजिक लाभ लक्षित होने से केंद्रीय बजट में राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 3.5 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य हासिल किया जा सका।’

• उन्होंने कहा, ‘‘हम बुनियादी ढांचा निवेश के संरक्षण तथा कर को व्यापक बनाने के प्रयास के साथ व्यय को युक्तिसंगत बनाने समेत राजकोषीय संरचनात्मक उपायों के संदर्भ में भारत सरकार के साथ गठजोड़ करते रहे हैं।’ 

• गासपेर ने कहा कि इस संदर्भ में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का क्रि यान्वयन एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है जिससे देश में वास्तविक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार सृजित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमें कर दायरे को व्यापक बनाने के प्रयास की गुंजाइश दिखाई देती है, आय असामनता को देखते हुए अधिक प्रगतिशील आयकर के लिए गुंजाइश देखते हैं।

• उन्होंने कहा कि हमें पता है कि प्राधिकरण उस पर काम कर रहा है।’ उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण और प्रौद्योगिकी बदलाव आर्थिक वृद्धि तथा एक-दूसरे देशों से जुड़ने के प्रमुख चालक हैं।
*2. संरक्षणवाद की दीवार बना रहे विकसित देश : वीजा प्रतिबंधों पर भारत देगा करारा जवाब*
• एक के बाद एक देश जिस तरह से भारत के आइटी पेशेवरों पर रोक लगाने के लिए अपने वीजा नियम बदल रहे हैं, उसे देखते हुए सरकार ने अब इससे निपटने का मूड बना लिया है। भारत इन अड़चनों को आव्रजन से जुड़ा मुद्दा नहीं मानेगा, बल्कि इन्हें कारोबार और वाणिज्य से जुड़े मुद्दे के तौर पर उठाएगा। 

• भारत ने वीजा प्रतिबंध लगाकर नुकसान पहुंचाने वाले अमेरिका और आस्ट्रेलिया जैसे देशों को बता दिया है कि उनकी अनगिनत कंपनियां यहां वर्षो से काम कर रही हैं। इसके अलावा भारत ने इन देशों की संरक्षणवादी नीतियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आवाज की अगुआई करने का भी फैसला किया है।

• विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता गोपाल बागले से जब अमेरिका की तरफ से एच-1बी वीजा पर सख्त नियम बनाने के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था, ‘हम पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भारतीयों ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था में काफी योगदान दिया है। 

• भारतीय प्रोफेशनल दोनों देशों को जोड़ने का काम करते हैं। यह कोई आव्रजन से जुड़ा मामला नहीं है। यह कारोबार और सेवा से जुड़ा मामला है। इससे दोनों के हितों को फायदा हो रहा है।’

• उद्योग और वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी भारत के इस बदले मिजाज का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय कंपनियां अमेरिका में काम कर रही हैं, तो वर्षो से कई अमेरिकी कंपनियां भी भारत में काम कर रही हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत अमेरिका और आस्ट्रेलिया के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में मामला ले जाएगा तो उनका जवाब था, ‘अभी हम ऐसा नहीं चाहते।

• वैश्विक सहमति बनाएगा भारत : भारत ने डब्ल्यूटीओ में प्रस्ताव किया है कि सेवाओं को लेकर एक नया वैश्विक फ्रेमवर्क बनाया जाना चाहिए, जिससे सेवाओं के निर्यात में बाधा डालने वाले देशों पर लगाम लग सके। भारत की चिंता इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि यहां की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 60 फीसद है।

• सीतारमण ने कहा कि भारत चाहता है कि सभी सदस्य देश दिसम्बर में अज्रेंटीना में डब्ल्यूटीओ की मंत्री स्तरीय बैठक से पहले इस प्रस्ताव का अध्ययन करें।
*3. तय होगा कि मंत्रियों को कितनी है बोलने की आजादी*
• आधिकारिक कार्यो पर अपने विचार व्यक्त करने के दौरान एक मंत्री को भाषण और अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार के तहत छूट मिल सकती है या नहीं, यह तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मामला संविधान पीठ को भेजने का प्रस्ताव किया है। मामले की अगली सुनवाई दो मई को होगी।

• दरअसल यह मामला पिछले साल 29 जुलाई की रात बुलंदशहर के पास राजमार्ग पर मां-बेटी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा है। उस रात नोएडा के रहने वाले एक परिवार की कार को लुटेरों के समूह ने रोक लिया था और परिवार की एक महिला और उसकी बेटी को कार से खींचकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। 

• उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मंत्री आजम खान ने इस घटना को राजनीतिक साजिश का परिणाम बताया था। हालांकि, आजम खान ने पिछले साल 15 दिसंबर को अपनी इस टिप्पणी पर बिना शर्त माफी मांग ली थी और शीर्ष अदालत ने इसे स्वीकार भी कर लिया था। 

• गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट उस व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसकी पत्नी और बेटी के साथ यह घटना घटी थी। याचिका में उक्त व्यक्ति ने मामले को दिल्ली स्थानांतरित करने और विवादित बयान के लिए आजम खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग की है।

• सुनवाई के दौरान न्याय मित्र और वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि आधिकारिक कार्यो से जुड
़े मामलों में मंत्री निजी राय व्यक्त नहीं कर सकते। वह जो भी बोलते हैं, उसमें सरकारी नीति परिलक्षित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर आधिकारिक कार्य के लिए हर मंत्री समान रूप से उत्तरदायी होता है। 

• अगर मंत्री आधिकारिक कार्यो के मामलों पर राय दे रहा है तो वह यह नहीं कह सकता कि यह मेरा व्यक्तिगत विचार है। अगर मंत्री कहता है कि एक आपराधिक मामला राजनीति से प्रेरित है तो यह सरकार का दृष्टिकोण माना जाना चाहिए। 

• शीर्ष अदालत के पूर्व में दिए फैसलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की आजादी) के तहत मिले अधिकार किसी को अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा) के तहत मिले अधिकारों का हनन नहीं कर सकते। अधिकारों की सीमाएं होनी चाहिए। 

• ये दूसरे अन्य अधिकारों का अतिक्रमण नहीं कर सकते।

• इस पर जस्टिस दीपक मिश्र की अध्यक्षता में जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस एमएम शांतनागोदर की पीठ ने कहा कि इस मामले को विचार के लिए बड़ी पीठ को भेजे जाने की जरूरत है, क्योंकि इसमें संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 की व्याख्या का अहम सवाल शामिल है। 

• शीर्ष अदालत ने कहा, ‘हमें यह देखने की जरूरत है कि भाषण और अभिव्यक्ति की आजादी जो पूर्ण नहीं है, क्या वह सिर्फ अनुच्छेद 19(2) के उचित प्रतिबंधों के तहत ही आती है या अनुच्छेद 21 का भी उस पर प्रभाव पड़ेगा।’ पीठ ने कहा, ‘मामले की अहमियत को देखते हुए हमें लगता है कि मामले को संविधान पीठ को संदर्भित करना ही उचित होगा।’ 

• इससे पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि अनुच्छेद 19(2) में अनुच्छेद 19(1)(ए) के लिए शालीनता और नैतिकता के उचित प्रतिबंध पहले ही दिए गए हैं। पीठ ने एक और न्याय मित्र फली एस. नरीमन से एक हफ्ते के भीतर बड़ी पीठ के विचार के लिए सवाल प्रस्तुत करने को कहा है। 

• इस मामले में पुलिस ने 30 जुलाई को विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। 18 अगस्त को इलाहाबाद हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के मद्देनजर सीबीआइ ने मामले को फिर से दर्ज किया था।
*4. फंसे कर्ज के संकट का समाधान करने के लिए नई नीति तैयार*
• बैंकों को फंसे कर्ज के संकट से उबारने के लिए सरकार जल्द ही एक नई एनपीए (नॉन परफॉर्मिग एसेट) नीति लाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रलय और रिजर्व बैंक के आला अधिकारियों के बीच पिछले कई महीनों के विचार-विमर्श के बाद इस नीति का मसौदा तैयार किया गया है। 

• खास बात यह है कि यह नीति सरकारी मंजूरी प्रक्रिया के पचड़े में न फंसे, इसलिए इसे कैबिनेट की मंजूरी के बगैर लागू करने का प्रावधान किया गया है।

• सूत्रों ने कहा कि नई एनपीए नीति के तहत ओवरसाइट कमेटी को विशेष अधिकार देने का प्रस्ताव है। यह समिति विशेष शक्तियों से लैस होगी। बैंक अपने फंसे कर्ज (एनपीए) के बड़े मामलों के तीन वैकल्पिक समाधान तलाश कर समिति के पास भेजेंगे। इसके बाद जो भी उपाय सबसे बेहतर होगा, समिति उस पर मुहर लगा देगी। 

• इस व्यवस्था के जरिये बैंक कंपनियों पर बकाया कर्ज की मूल राशि और ब्याज पर छूट दे सकते हैं, ताकि ग्राहक आसानी से लोन लौटा सकें। सूत्रों ने कहा कि नई एनपीए नीति के तहत अगर कोई कंपनी अपना कर्ज चुकाने में विफल रहती है तो उस क्षेत्र की फायदेमंद फर्म में उसका विलय किया जा सकता है। 

• सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्रलय और रिजर्व बैंक आदेश जारी कर इस नीति को लागू कर सकते हैं। फिलहाल इस नीति को कैबिनेट की मंजूरी की जरूरत नहीं है। 

• बैंकों के एनपीए की सकल राशि दिसंबर 2016 में बढ़कर 6.46 लाख करोड़ रुपये हो गई है। बैंकों के फंसे कर्ज के समाधान की आवश्यकता इसलिए है, क्योंकि इससे उनके लाभ और पूंजी आधार पर असर पड़ रहा है। सरकार पहले ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पूंजी आधार मजबूत बनाए रखने के लिए उन्हें बजट के जरिये सहायता दे रही है। 

• इस बीच राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (एफआरबीएम) कानून की समीक्षा के लिए एनके सिंह की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार को आने वाले वर्षो में बैंकों का पूंजी आधार मजबूत बनाने के लिए अधिक धनराशि देने की जरूरत पड़ सकती है। 

• अगले वित्त वर्ष 2018-19 तक बैंकों को 1,80,000 करोड़ रुपये की पंजूी की जरूरत पड़ने का अनुमान है। इसमें से सरकार इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत 70 हजार करोड़ रुपये देने को कदम उठा चुकी है। बाकी 1,10,000 करोड़ रुपये बैंकों को बाजार से उठाने हैं। 

• सरकार वित्त वर्ष 2015-16 और 2016-17 में बैंकों को कुल 50,000 करोड़ रुपये पूंजीकरण के लिए दे चुकी है। चालू वित्त वर्ष के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
*5. इकोनॉमिस्ट ने कहा- अनिवार्य नहीं होना चाहिए ‘आधार’*
• वर्ष 2010में आधार लॉन्च होने के पहले तक कई भारतीयों के पास अपनी पहचान का कोई सबूत नहीं था। अब 99 फीसदी वयस्कों के पास है। यह
सस्ता, साधारण औक अच्छा माध्यम है, जिससे पता चलता है कि कौन क्या है। इसकी मदद से राज्यों की योजनाएं का लाभ उन लोगों को मिलने लगा है, जिन्हें वाकई जरूरतमंद हैं। इसकी मदद से भ्रष्टाचार कम हुआ, अरबों रुपए की बचत हुई है। 

• 12 अंकों वाले आधार नंबर को बैंक खाते और मोबाइल फोन से जोड़कर पैसे ट्रांसफर करने जैसे कई कार्य होने लगे हैं। आधार की मदद से लाखों भारतीय आधुनिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं। 

• आधार तैयार करने का मुख्य उद्देश्य मुख्यधारा से अलग-थलग लोगों को जोड़ना और एकजुट करना था, कि उन्हें बाहर करना। कई भारतीय यह सोचने लगे हैं कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य पहले से अधिक हो चुका है और उसे अनिवार्य करने पर बहस होने लगी है। 

• इस प्रोजेक्ट, इसके फायदों और जोखिमों को अदालत ने निशाने पर लिया है। हालांकि, सरकार पुरजोर तरीके से उस डर-चिंता का खंडन कर रही है कि करोड़ों लोगों के आधार डेटा का गलत उपयोग किया जा सकता है। हाल के महीनों में नरेंद्र मोदी सरकार ने दर्जनों योजनाओं-कार्यक्रमों को आधार कार्ड से जोड़ा है और उनसे जुड़ने के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। 

• मार्च में मोदी सरकार ने विधेयक में यह बात शामिल कर दी कि सभी करदाताओं को आधार भी टैक्स रिटर्न से जोड़ना होगा। ऐसे ही नियम के तहत बच्चों को स्कूल में दिए जाने वाले भोजन (मध्याह्न भोजन) और हवाई यात्रा का टिकट खरीदने के लिए भी आधार जरूरी कर दिया गया है। 

• सभी नागरिकों के लिए आधार अनिवार्य किए जाने के संसद में एक सवाल पर भारत के वित्त मंत्री का सख्त जवाब था कि ‘हां’ हम ऐसा कर रहे हैं। 

• बाद में इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में और विवाद बढ़ गया। आधार के संबंध में दायर कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के जजों ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। लेकिन, पिछले दो वर्ष में शीर्ष अदालत ने कई मौकों पर उल्लेख करते हुए कहा है कि पहचान पुख्ता करने वाली इस योजना को एच्छिक किया जाना चाहिए। या इसे तब तक यथावत रखना चाहिए, जब तक शीर्ष कोर्ट किसी नतीजे पर पहुंच जाए। 

• उसके बावजूद अभी तक यह मुद्दा बाध्यकारी बना हुआ है और एक खतरा यह भी है कि सरकारी योजनाएं भी भविष्य में कानूनी अड़चनों में फंस सकती हैं। 

• एक अन्य बात यह मायने रखती है कि पिछले वर्ष मोदी सरकार ने आधार को लेकर एक कानून पारित किया था, जिसमें इसके डेटा की सुरक्षा की कानूनी जवाबदेही का जिक्र था। उसमें उल्लेख है कि राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में जरूरी होने पर ही किसी की जानकारी शेयर की जा सकती है। हालांकि यहां इरादा बिल्कुल स्पष्ट है। 

• भारत की आजादी के वर्ष 1947 से ही स्वीडन में नागरिकों के लिए ‘नेशनल आईडी सिस्टम’ शुरू हो चुका था। कुछ खामियां उसमें भी थी। उस आईडी को वहां टैक्स, स्कूल, मेडिकल अन्य ऐसे रिकॉर्ड के साथ जोड़ा गया था जो किसी प्रकार की सुविधाओं से संबंधित थे। लेकिन, भारत नॉर्डिक साम्राज्य वाला देश नहीं है। 

• यहां मोदी सरकार है, जो राष्ट्रवाद पर तो सख्त है लेकिन कभी-कभी लापरवाह नजर आती है। जैसे, पिछले वर्ष सरकार ने अचानक ‘नोटबंदी’ का फैसला करके 121 अरब भारतीयों को संशय में डाल दिया था। ऐसे ही फैसलों के कारण हमेशा यह प्रतीत नहीं होता कि उसे नागरिक अधिकारों की कोई फिक्र है। 

• नोटबंदी के बाद आधार को टैक्स खातों से जोड़ने के नियम ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। संभव है कि सरकार टैक्स चोरी करने वालों या देश के खिलाफ साजिश रचने वालों का पता लगाएगी। इससे जाहिर होता है कि आधार की जानकारियों का कहीं कहीं उपयोग जरूर होगा। 

• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव से पहले आधार को फिजूल-अनुपयोगी बताकर उसका विरोध किया था। आज वे ही इसके जरिये भारत को बदलने- पारदर्शी व्यवस्था लाने की बातें कर रहे हैं। 

• सरकार के लिए यह फायदेमंद होगा कि वह अपने नागरिकों को ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराए। जहां तक आधार की महत्वाकांक्षा की बात है, भारतीयों में यह भरोसा होना चाहिए कि उनकी जानकारियों (डेटा) का दुरुपयोग नहीं होगा। 

• सख्त नियम अनिवार्य करने, सुप्रीम कोर्ट को अनसुना करके, आलोचकों को निर्दयतापूर्वक खारिज करने से उद्देश्य के विपरीत ही प्राप्त होता है। सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि वह दुविधाएं दूर करे और अपने विचार बिल्कुल स्पष्ट करे।
 
*6. कुर्सी बची, : पीठ ने कहा, शरीफ को प्रधानमंत्री पद से हटाने के ‘‘नाकाफी सबूत’*
• पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की ओर से 3-2 से दिए गए एक बंटे हुए फैसले के कारण प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अपनी कुर्सी बचाने में बृहस्पतिवार को कामयाब रहे। पीठ ने कहा, शरीफ को प्रधानमंत्री पद से हटाने के ‘‘नाकाफी सबूत’ हैं। 

• हालांकि, पीठ ने एक हफ्ते के भीतर एक संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) गठित करने का आदेश दिया ताकि शरीफ के परिवार के खिलाफ धनशोधन के आरोपों की जांच की जा सके।सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 67 साल के शरीफ और उनके दो बेटे-हसन एवं हुसैन-जेआईटी के सामने पेश हों। जेआईटी
में फेडरल जांच एजेंसी (एफआईए), राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी), पाकिस्तान सुरक्षा एवं विनिमय आयोग (एसईसीपी), इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) के अधिकारी शामिल किए जाएंगे। 

• जेआईटी को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का वक्त दिया गया है। हर दो हफ्ते के बाद जेआईटी पीठ के समक्ष अपनी रिपोर्ट देगी और 60 दिनों में अपना काम पूरा करेगी। न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा, न्यायमूर्ति गुलजार अहमद, न्यायमूर्ति एजाज अफजल खान, न्यायमूर्ति अजमत सईद और न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन की पांच सदस्यीय पीठ ने सुनवाई संपन्न करने के 57 दिन बाद 547 पन्नों का फैसला जारी किया।

•  न्यायमूर्ति एजाज अफजल, न्यायमूर्ति अजमत सईद और न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन ने बहुमत वाला फैसला लिखा जबकि न्यायमूर्ति गुलजार एवं न्यायमूर्ति खोसा ने असहमति के नोट में कहा, वह याचिकाकर्ताओं की मांग के मुताबिक पीएम को हटाना चाहते हैं।
*7. रूस व अमेरिकी यात्री अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे*
• रूसी और अमेरिकी अंतरिक्षी यात्री को लेकर रवाना हुआ सोयूज अंतरिक्ष यान बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंच गया है। पिछले एक दशक से भी ज्यादा वक्त में दो यात्रियों को लेकर आईएसएस पहुंचने वाली यह पहली सफल उड़ान है।

• रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमोस के अनुसार, सोयूज एमएस-04 ने रूसी अंतरिक्ष यात्री फयोदोर युरचिकिन और नासा के जैक फिशर को ले कर उड़ान भरी थी। वह मानक समयानुसार दोपहर एक बजकर उन्नीस मिनट पर सफलतापूर्वक आईएसएस से जुड़ा। 

• सामान्य तौर पर तीन अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर यान आईएसएस तक जाते हैं। लेकिन रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने पिछले वर्ष घोषणा की थी कि 2017 के अंत अथवा 2018 की शुरूआत में अंतरिक्ष वेधशाला में रूस के हिस्से में विस्तार करने के लिए नए माड्यूल की स्थापना से पहले खर्चे में कटौती करने की गरज से केवल दो अंतरिक्ष यात्री ही आईएसएस के लिए रवाना होंगे।

• दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के उड़ान भरने के कम से कम छह घंटे के अंदर अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने की उम्मीद है।
*8. आमिर और कपिल को दीनानाथ मंगेशकर अवार्ड*
• अभिनेता आमिर खान और क्रिकेटर कपिल देव को इस बार 75वें मास्टर दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार समारोह मुंबई में 24 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। 

• हृदयेश आर्ट्स के अविनाश प्रभावल्कर ने गुरुवार को बताया कि आमिर खान को यह विशेष पुरस्कार उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्म ‘दंगल’ के लिए दिया जाएगा। वहीं, कपिल देव को भारतीय क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। 

• इन दोनों हस्तियों के अलावा, पुरस्कार पाने वाले अन्य लोगों में गुजरे जमाने की अभिनेत्री वैजयंतीमाला बाली को भी हिंदी  फिल्मों में उनके योगदान के लिए मास्टर दीनानाथ विशेष पुरस्कार दिया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ  ड्रामा के लिए ‘मोहन वाघ अवार्ड’ सुनील बर्वे के ‘अमर फोटो स्टूडियो-सुबक संस्था’ को दिया जाएगा। 

• इसके अलावा समाजसेवा, साहित्य, नाटक, संगीत आदि के क्षेत्र में भी लोगों को सम्मानित किया जाएगा। इस समारोह के आयोजक मास्टर दीनानाथ स्मृति प्रतिष्ठान और हृदयेश आर्ट्स हैं।

22 अप्रैल: पृथ्वी दिवस*

प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को दुनिया भर में पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस मनाने का मकसद संरक्षण को बढ़ावा देना है, ताकि इंसानों के साथ-साथ तमाम जीव-जंतुओं के लिए एक सुरक्षित रिहाइश के रूप में पृथ्वी के संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। इस साल के पृथ्वी दिवस की थीम है- ट्री फॉर द अर्थ (Tree for the Earth)। इस अवसर पर दुनियाभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

ब्रह्मोस मिसाइल का नौसेना द्वारा परीक्षण*

भारतीय नौसेना ने 21 अप्रैल को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के पोत से सतह पर मार करने वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया। नौसेना ने इस मिसाइल का परीक्षण बंगाल की खाड़ी में किया। इसके साथ ही भारतीय नौसेना उन विशिष्ट नौसेनाओं में शामिल हो गई, जिनके पास समुद्र से ज़मीन पर स्थित निशानों को मारने की क्षमता है। ब्रह्मोस मिसाइल को भारत एवं रूस ने संयुक्त तौर पर विकसित किया है। इस पोतरोधी संस्करण को पहले ही भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया गया है।

वेनेजुएला में सरकार विरोधी प्रदर्शन*

वेनेजुएला में हाल के दिनों में वहां की जनता ने सरकार विरोधी कई प्रदर्शन किये। इन प्रदर्शनों में 21 अप्रैल को 12 लोगों की मौत हो गई। गौरतलब है कि देश में राष्ट्रपति निकोलस मदुरो के समर्थकों और विपक्षियों के बीच झड़प जारी है। विपक्षी दल देश के मौजूदा राजनीतिक एवं आर्थिक संकट के लिए मदुरो सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

‘के 9 वज्र टी’ तोप के स्वदेशी निर्माण के लिए समझौता*

निर्माण एवं इंजीनियरिंग के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) भारतीय सेना के लिए स्वदेशी तोप ‘के 9 वज्र टी’ बनाएगी। एलएंडटी ने इसके लिए रक्षा क्षेत्र की दक्षिण कोरियाई कंपनी हनवा टेकविन के साथ 21 अप्रैल को एक समझौता किया। इस उद्यम में दोनों कंपनियों की बराबर की भागीदारी होगी। भारतीय सेना को 42 महीने में 100 ‘के 9 वज्र-टी’ ट्रैक्ड सेल्फ प्रोपेल्ड तोपों की आपूर्ति की जाएगी। इनका निर्माण उसके पुणे के पास तालेगांव स्थित रणनीतिक प्रणाली परिसर में किया जाएगा। इस तोप के 50 फीसद हिस्से भारत में बनाए जाएंगे जिनमें अधिकतर चल हिस्से शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में सुलखान सिंह को डीजीपी का कार्यभार*

उत्तर प्रदेश में 21 अप्रैल को सुलखान सिंह को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का कार्यभार दिया गया। सुलखान सिंह इससे पहले पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) के पद पर तैनात थे। डीजीपी पद पर तैनात रहे जावीद अहमद को पुलिस महानिदेशक (पीएसी) बनाया गया है।

महिला क्रिकेट टीम कोच की जिम्मेदारी तुषार अरोथे को*

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की मुख्य कोच पूर्णिमा राऊ को 21 अप्रैल को उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया। अब उनकी जगह तुषार अरोथे कोच की भूमिका संभालेंगे। अरोथे को इंग्लैंड एंड वेल्स में होने वाले महिला विश्व कप से ठीक पहले यह जिम्मेदारी दी गयी है। भारतीय महिला टीम का अगला बड़ा टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका में चार टीमों के साथ सीरीज है जिसमें आयरलैंड और जिम्माब्वे भी शामिल हैं। इसके बाद टीम विश्वकप में हिस्सा लेगी जहां उसका पहला मुकाबला डर्बी में 24 जून को इंग्लैंड से होना है।