करंट अफेयर्स 31 अगस्त 2017

1.बढ़ेगी सेना की लड़ाकू क्षमता : 60,000 सैन्यकर्मी तैनात होंगे लड़ाकू भूमिका में
• सरकार ने सेना की कार्य पण्राली में सुधारों तथा खर्च में संतुलन बनाने के लिए आजादी के बाद का सबसे बड़ा कदम उठाते हुए गैर जरूरी विभागों को बंद करने तथा कुछ को मिलाने का निर्णय लिया है। सेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 60 हजार अधिकारियों और जवानों को जरूरत के हिसाब से लड़ाकू भूमिका में तैनात किया जाएगा। 

• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सेना की कार्य पण्राली में सुधारों तथा खर्च में संतुलन के बारे में सुझाव देने वाली समिति की 65 सिफारिशों को मंजूरी दी गई। 

• समिति ने की थी 99 सिफारिशें : बैठक के बाद रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सेवा निवृत लेफ्टिनेंट जनरल डी बी शेतकर की अध्यक्षता में गत वर्ष मई में एक समिति का गठन किया गया था। 

• इस समिति ने गत दिसम्बर में अपनी रिपोर्ट में 99 सिफारिशें की थी जिसमें से 65 सिफारिशों को रक्षा मंत्रालय  ने मंजूर कर लिया है। 

• चरणबद्ध तरीके से लागू होंगी सिफारिशें : उन्होंने कहा कि ये सिफारिशें चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी और वर्ष 2019 के अंत तक ये पूरी तरह लागू हो जाएंगी। इनके लागू होने के मद्देनजर 57 हजार अधिकारियों और जवानों को लड़ाकू भूमिका और संचालन तथा अन्य कामों में तैनात किया जा सकेगा। 

• कुछ विभागों से जुड़े सिविल कर्मचारियों को दक्षता बढ़ाने के लिए सशस्त्र सेनाओं की अन्य शाखाओं में भेजा जाएगा। सिग्नल प्रतिष्ठानों की पूरी क्षमता का होगा इस्तेमाल : पहले चरण के सुधारों के तहत सिग्नल प्रतिष्ठानों का पूरी क्षमता का इस्तेमाल किया जाएगा । इनमें रेडियो मॉनिटरिंग कंपनी, कोर एयर स्पोर्ट सिग्नल रेजिमेंट, एयर फोम्रेशन सिग्नल रेजिमेंट, कंपोजिट सिग्नल रेजिमेंट हैं। 

• इसके साथ ही कोर आपरेटिंग तथा इंजीनयरिंग सिग्नल रेजिमेंट का विलय भी किया जाएगा। सेना के रिपेयर डिपो का पुनर्गठन किया जाएगा और इनमें बेस वर्कशॉप, एडवांस बेस वर्कशाप तथा फील्ड की वर्कशाप को शामिल किया जाएगा। 

• क्लर्क-ड्राइवर भर्ती के मानदंड होंगे थोड़े सख्त : सेना में क्लर्क स्टाफ और ड्राइवरों की भर्ती के मानदंडों को थोड़ा सख्त किया जाएगा।
2. पुरानी विसंगति दूर : बड़े अधिकारियों के बच्चों को ओबीसी कोटे का नहीं मिलेगा लाभ
• ओबीसी के बीच पकड़ मजबूत करने में जुटी मोदी सरकार इस कोटे में विसंगतियां दूर करने की कोशिश कर रही है। इसके तहत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों में क्रीमी लेयर की पहचान में ढाई दशक पुरानी विसंगति को दुरुस्त कर दिया है। 

• अब सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू), बैंकों और वित्तीय संस्थानों में भी आरक्षण के लिए क्रीमी लेयर की सीमा आठ लाख रुपये कर दी गई है। मंत्रियों के समूह ने सरकारी विभाग के लिए बढ़ाई गई यह सीमा इन संस्थानों में भी लागू करने की सिफारिश की थी। 

• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इसे मंजूरी दे दी। इससे ओबीसी कोटे के तहत बड़े अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा।

• इन संस्थानों में सरकार के समकक्ष क्रीमी लेयर की स्पष्ट परिभाषा नहीं होने के कारण उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के बच्चे भी आरक्षण का लाभ उठा रहे थे। अब इन संस्थानों में भी उन अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण मिलेगा, जिन्हें इसकी जरूरत है। 

• पिछले हफ्ते ही सरकार आरक्षण का लाभ ओबीसी के वंचित वर्गो तक पहुंचाने के लिए इस कोटे के वर्गीकरण को हरी झंडी दे चुकी है। 

• इस तरह दूर की गड़बड़ी : 24 साल पहले 1993 में ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करते समय क्रीमी लेयर को इससे वंचित करने का आदेश जारी हुआ था। लेकिन, पीएसयू, सरकारी बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों में क्रीमी लेयर तय करने के बजाय सिर्फ उसे केंद्र सरकार के समकक्ष पद कह कर छोड़ दिया गया था। 

• समकक्ष पद की स्पष्ट परिभाषा के अभाव में इन संस्थानों के बड़े-बड़े अधिकारी भी खुद को क्रीमी लेयर से बाहर दिखा देते थे और उनके बच्चे आरक्षण के हकदार बन जाते थे।
3. कौशल विकास में सहयोग बढ़ाएंगे भारत-आस्ट्रेलिया
• भारत और आस्ट्रेलिया दोनों देशों के युवाओं को विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाएंगे। 

• कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री राजीव प्रताप रूडी और आस्ट्रेलिया की व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास सहायक मंत्री करेन एंडयूज के बीच यहां हुई मुलाकात में दोनों देशों के बीच कौशल विकास क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर र्चचा हुई। 

• करेन एंडयूज सात-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की यात्रा पर पहुंची हैं। बैठक के दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच कौशल विकास के संदर्भ में द्विपक्षीय संबंधों के सशक्तीरण पर र्चचा की।
• यहां जारी सरकारी बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया के पास अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण पण्राली है, जिसे दुनिया भर के उद्योगों ने सराहा है।
4. कृषि योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता
• केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि कृषि की मुख्यधारा में महिलाओं को लाने के प्रयास के तहत कृषि योजनाओं के लिए बजट में आवंटित की गई धनराशि का कम से कम 30 प्रतिशत धन महिलाओं के लिए निर्धारित किया जा रहा है।

• कृषि मंत्री ने कहा कि मंत्रालय यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि महिलाएं कृषि की मुख्यधारा का हिस्सा बनें और कृषि उत्पादकता में योगदान करने के साथ साथ अपने परिवारों की आय को दोगुना कने में योगदान करें। 

• उन्होंने कहा कि महिलाओं को कृषि क्षेत्र में खर्च किए जाने वाले हरेक पैसे का लाभ उठाना चाहिए।कृषि मंत्री राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संयुक्त राष्ट्र महिला एवं महिला किसान अधिकार मंच के सहयोग से आयोजित महिला किसानों के अधिकारों की सुरक्षा: करवाई  के प्रारूप का विकास विषय पर आयोजित एक आयोजन में बोल रहे थे। 

• सरकार ने महिला केन्द्रित गतिविधियों का संचालन किया है ताकि विभिन्न लाभार्थी केन्द्रित योजनाओं का लाभ उन तक पहुंच सके। मंत्रालय ने हर साल 15 अक्तूबर को महिला किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला भी किया है।
5. रिजर्व बैंक के पास वापस आए अधिकतर प्रतिबंधित नोट
• नोटबंदी लागू करने के पीछे सरकार ने एक अहम वजह यह बताई थी कि इससे काले धन पर लगाम लग सकेगी, क्योंकि जिन लोगों ने काले धन के तौर पर 500 व 1000 के नोट छिपाए हैं वे इसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। लेकिन लगता है कि काले धन के कारोबारियों ने अपने नोटों को सिस्टम में किसी न किसी तरह से खपा दिया। 

• अगर ऐसा नहीं होता तो आठ नवंबर, 2016 को लागू नोटबंदी के बाद से अब तक बैंकों के पास 99 फीसद प्रतिबंधित 500 व 1000 के नोट वापस नहीं आ गए होते।

• कई माह तक इस बारे में सूचना देने में आनाकानी कर रहे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने बुधवार को अपनी सालाना रिपोर्ट में नोटबंदी के बाद वापस आए प्रतिबंधित नोटों के आंकड़े का एलान कर दिया। 

• इसके मुताबिक नोटबंदी लागू होने के दिन 500 रुपये के 1,716.6 करोड़ नोट बाजार में थे, जबकि 1000 रुपये के 685.8 करोड़ नोट थे। 

• इस तरह सिस्टम में कुल 15.44 लाख करोड़ रुपये के नोट प्रचलन में थे। आरबीआइ के मुताबिक नोटबंदी लागू होने के बाद सिस्टम में 15.28 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट (500 व 1000 रुपये) वापस हो चुके हैं। 

• यानी प्रतिबंधित नोटों का 98.96 फीसद आ चुका है। केवल 16,050 करोड़ रुपये के वापस नहीं लौटे हैं।
6. चीन के सुर बदले :कहा- भारत के साथ सहयोग की अपार संभावनाएं
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा से एक सप्ताह पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।वांग ने कहा, दो ताकतवर पड़ोसियों के बीच मतभेद होना सामान्य है लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि भारत और चीन ने अपनी समस्याओं को उचित स्थान पर रखा और उसे आपसी सम्मान एवं दोनों देशों के नेताओं की सहमति के आधार पर सही तरीके से निपटाया। 

• उन्होंने कहा, भारत और चीन के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं लेकिन इस संबंध में कोई ब्योरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, मीडिया अपने कयास लगा सकता है और रिपोर्ट लिख सकता है, लेकिन चीन सरकार के पास मौजूद आधिकारिक सूचना के अनुसार भारतीय सैनिक 28 अगस्त को दोपहर बाद क्षेत्र से हट गए जिससे गतिरोध खत्म हो गया।

• गौरतलब है कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकलाम में ढाई महीने से जारी गतिरोध गत सोमवार को समाप्त हो गया और भारतीय प्रधानमंत्री  मोदी आगामी रविवार को शियामेन में शुरू हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए यहां आ रहे हैं। 

• जून में भूटान एवं चीन के बीच विवादित डोकलाम क्षेत्र में चीन द्वारा एकतरफा ढंग से सड़क निर्माण के प्रयास का भूटानी सेना ने विरोध जताया था और चीनी सेना के नहीं मानने पर भूटानी सेना के संकेत के बाद भारतीय सेना ने 16 जून को आगे बढ़कर चीनी सेना को रोका था। 

• करीब ढाई माह में दोनों देशों की सेनाओं के आमने सामने आ खड़े होने से विश्व की दो उभरती आर्थिक महाशक्तियों के बीच गहरा तनाव उत्पन्न हो गया था।
7. ब्रिक्स सम्मेलन : चीन ने पांच देशों को अतिथि बनाया
• चीन ने आगामी ब्रिक्स सम्मेलन के लिए मिस, केन्या, ताजिकिस्तान, मैक्सिको और थाईलैंड को अतिथि देशों के रूप में आमंत्रित किया है लेकिन यह स्पष्ट भी कर दिया है कि यह निमंतण्र उसके ब्रिक्स प्लस रुख के तहत समूह को विस्तार देने का प्रयास नहीं है।

• चीन तीन सितम्बर से पांच सितम्बर तक शियामेन शहर में ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन में पांच देशों के नेता हिस्सा लेंगे, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मो
दी भी शामिल होंगे। 

• चीन के विदेशमंत्री वांग यी ने यहां मीडिया को ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन के बारे में संबोधित करते हुए कहा, हमें ब्रिक्स प्लस के बारे में और अधिक व्याख्या करने की जरूरत है ताकि लोग इसके पीछे के तर्क को अच्छी तरह समझ पाएं। 

• वांग इस साल मार्च से ही ब्रिक्स प्लस के रुख का प्रचार कर रहे हैं, जिससे यह कयास लगने लगे कि चीन उभरती अर्थव्यवस्थाओं के ब्लॉक के विस्तार पर विचार कर रहा है। 

• वांग ने ब्रिक्स प्लस की व्याख्या करते हुए कहा कि सदस्य देश वार्षकि सम्मेलनों के दौरान अलग-अलग देशों को आमंत्रित करते रहे हैं।
8. डिजिटल सिक्योरिटी बढ़ाने में जुटी सरकार
• देश में डिजिटल पेमेंट को प्रोत्साहन और बैंक खातों के साथ आधार और पैन के लिंक होने के बाद सरकार के लिए डाटा सिक्योरिटी बड़ी बन गई है। इससे निपटने के लिए सरकार ने वैश्विक स्तर की डिजिटल सिक्योरिटी व्यवस्था सुनिश्चित करने का फैसला किया है। इसके लिए मोबाइल फोन से लेकर तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षा ऑडिट से जुड़े मसलों पर देश में शोध व अनुसंधान का ढांचा बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 1सरकार मान रही है कि देश में जिस तरह डिजिटल पेमेंट की रफ्तार बढ़ रही है और लोगों के बैंक खातों को आधार और पैन के साथ जोड़ा गया है उससे सुविधाएं तो बढ़ेंगी लेकिन ग्राहकों के डाटा को लेकर जोखिम भी उतना ही बढ़ रहा है। 

• डिजिटल पेमेंट के लिए अब अधिकांश ग्राहक मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके बैंक खाते आधार और पैन जैसी संवेदनशील निजी सूचनाओं से जुड़े हैं। 

• डिजिटल इंडिया के निर्माण में डाटा पर किसी भी तरह का जोखिम काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इसे देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रलय ने डाटा सिक्योरिटी के साथ डिजिटल सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षा ऑडिट को भी गंभीरता से लिया है। 

• इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद की पहल पर देश में इस तरह की जांच के लिए बुनियादी ढांचा तेजी से तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। इस आशय का एक प्रस्ताव इसी सप्ताह सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रलय तैयार कर लेगा। 

• इसके तहत उच्च स्तरीय संसाधनों वाले जांच केंद्र स्थापित किये जाएंगे जहां उपकरणों और डिजिटल सेवा प्रदाताओं का सुरक्षा ऑडिट करने की सुविधा होगी।
9. सेस बढ़ाने के अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी, कब और कितना बढ़ाया जाए यह फैसला जीएसटी काउंसिल करेगी
• वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सेस कब से और कितना बढ़ाया जाए, यह फैसला जीएसटी काउंसिल करेगी। इसकी अगली बैठक 9 सितंबर को हैदराबाद में होनी है। 

• जेटली ने कहा, सरकारी नीति का लक्ष्य लक्जरी वस्तुओं को सस्ता करना नहीं हो सकता। जो व्यक्ति एक करोड़ रुपए की कार खरीद सकता है, वह 1.2 करोड़ भी खर्च कर लेगा। 

• यह पूछे जाने पर कि क्या आम खपत की चीजों पर सरकार आगे टैक्स कम करेगी, जेटली ने कहा कि काउंसिल इस पर संवेदनशील है, लेकिन राज्यों की रेवेन्यू जरूरतों को भी ध्यान में रखना पड़ेगा। 

• कार कंपनियों ने कहा है कि सेस बढ़ने से उनकी ग्रोथ प्रभावित होगी। उन्होंने सेस बढ़ाने में जल्दबाजी की भी आलोचना की। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी एवं सीईओ रोलां फोल्गर के अनुसार सरकार को छह महीने बाद स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए थी। 

• ऑडी इंडिया के प्रमुख राहिल अंसारी ने भी कहा कि सरकार को इस पर अमल 6-12 महीने तक टालना चाहिए। जेएलआर इंडिया के एमडी रोहित सूरी ने कहा कि कम टैक्स से डिमांड बढ़ेगी, कंपनियां लोकल मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा निवेश करेंगी जिससे रोजगार बढ़ेंगे। सरकार को इन बातों पर भी गौर करना चाहिए।

• क्यों बढ़ाया जा रहा है सेस :- जीएसटीलागू होने से पहले इन गाड़ियों पर 52-55% टैक्स था। जीएसटी में इन पर 28% टैक्स के साथ 15% सेस लगाया गया। यानी अभी पहले की तुलना में कम, 43% टैक्स है। 25% सेस के साथ यह 53%, यानी जीएसटी से पहले के स्तर पर जाएगा।
10. सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई के लिए 30% लोकल सोर्सिंग का नियम खत्म
• सरकार द्वारा सोमवार को   कन्सॉलिडेटेड एफडीआई नीति सिंगल ब्रांड रिटेलरों के लिए राहत लेकर आई है। पिछले साल जून में हुए बदलाव के मुताबिक अब तक सिंगल ब्रांड रिटेल में 51% से ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) लाने वाली कंपनियों के लिए 30% माल छोटी उद्योग इकाइयों (एसएमई) से खरीदने की शर्त की थी। कन्सॉलिडेटेड एफडीआई नीति में यह शर्त हटा ली गई है। 

• अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी’ वाले प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग के लिए 30% लोकल सोर्सिंग की शर्त से छूट थी। लेकिन यह छूट सिर्फ तीन साल के लिए थी। इसे भी उदार कर दिया गया है। किसी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी वाले प्रोडक्ट की मेन्युफैक्चरिंग में स्थानीय स्तर पर खरीदारी संभव है या नहीं, इसका निर्णय एक समिति करेगी। 

• इस समिति में औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव, नीति आयोग और संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय के प्रतिनिधि और स्वतंत्र टेक्निकल एक्सपर्ट्स होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से कई हाई-प्रोफाइल टेक्नोलॉजी वाली कंपनियों की चिंता खत्म हुई है जो भारत में अपना मेन्युफैक्चरिंग बेस बनाने की इच्छुक हैं। 

• कंसल्टेंसी फर्म ईवाई के एक पार्टनर परेश पारेख ने कहा, ‘सरकार का इस नियम को खत्म करना स्वागत योग्य कदम है। अब ऐसी भारतीय सिंगल ब्रांड कंपनियां जो स्थानीय स्तर पर खरीदारी कर अपने प्रोडक्ट्स नहीं बना पा रही थीं वे भी विदेशी निवेश ला सकेंगी। इससे मेन्युफैक्चरिंग गतिविधियों के लिए भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर का अधिकतम उपयोग संभव होगा।’ 

• सिंगल ब्रांड रिटेल में कंपनियों को 49% तक एफडीआई ऑटोमेटिक रूट से लाने की अनुमति है। जबकि इससे अधिक एफडीआई लाने के लिए सरकार की मंजूरी लेनी होती है।
11. मध्य प्रदेश को फिर मिल सकता है टाइगर स्टेट का दर्जा
• मध्य प्रदेश के 10 टाइगर रिजर्व व नेशनल पार्क और 25 अभयारण्यों में वर्ष 2014 की तुलना में 40 युवा बाघ बढ़ गए हैं। दिसंबर 2017 तक दो साल की उम्र पूरी कर रहे शावकों को जोड़ें तो बाघों की संख्या 75 से ऊपर हो जाती है। इससे उत्साहित वन अफसर 2018 में राज्य में सवा चार सौ से ज्यादा बाघों की मौजूदगी की उम्मीद लगाए हैं। ऐसा हुआ तो प्रदेश फिर से टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल कर लेगा। 

• वर्ष 2014 की गणना में राज्य में बाघों की संख्या 308 थी। देश में सबसे ज्यादा 406 बाघ कर्नाटक में हैं।1स्टेट फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसएफआरआइ) जबलपुर ने जनवरी 2017 में सभी टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क और अभयारण्यों में बाघों की गिनती कराई। जिस इलाके में 2014 में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआइआइ) ने 222 युवा बाघ गिने थे, उसी इलाके में इस साल 249 बाघ मिले हैं। 

• सूत्र तो यह आंकडा 262 तक बताते हैं। जिन फोटो या अन्य साक्ष्यों का ठीक से मिलान नहीं हुआ, संस्था ने उन्हें गिनती में नहीं रखा है।

• अफसरों का मानना है कि पिछली बार (2014 में) इसी वजह से बाघों की सही गिनती नहीं हो पाई और आंकड़ा कम आने से कर्नाटक पहले नंबर पर आ गया, जबकि बाघों के संरक्षण का काम मध्य प्रदेश में भी हुआ है। विभाग ने अगले साल होने वाली गणना के लिए मैदानी अमले को प्रशिक्षित कर दिया है। 

• उन्हें बाघ की उपस्थिति के साक्ष्य पहचानने की कला सिखाई गई है। डब्ल्यूआइआइ चार साल में एक बार राष्ट्रीय स्तर पर बाघों की गिनती कराती है। अब जनवरी 2018 में गणना होगी।