करेंट अफेयर्स 29 अगस्त 2017

1.डोकलाम पर फिलहाल आराम : भारत-चीन ने सेना हटाई
• भारत और चीन की सेनाओं के बीच सिक्किम सेक्टर से लगते डोकलाम क्षेत्र में पिछले लगभग ढाई महीने से चला आ रहा गतिरोध सोमवार को दोनों के विवादित क्षेत्र से अपने सैनिकों को हटाने के साथ खत्म हो गया।

• विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि दोनों देशों के बीच डोकलाम से अपनी-अपनी सेना हटाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद वहां से सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी जो लगभग पूरी हो गई है। 

• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अगले सप्ताह होने वाली चीन यात्रा के पहले गतिरोध का सुलझ जाना भारतीय कूटनीति की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत का शुरू से यह मानना रहा है कि इस तरह के मतभेदों को राजनयिक माध्यम से ही दूर किया जा सकता है।

•  भारत का यह सैद्धांतिक रुख रहा है कि सीमा से जुडे मुद्दों के बारे में समझौतों और सहमति का पूरी तरह सम्मान किया जाना चाहिए। भारत की नीति इसी बात पर आधारित रही है कि द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए सीमा पर शांति और मैत्री जरूरी है। 

• दोनों देशों ने जून माह के शुरू में अस्ताना में इस बात पर सहमति व्यक्त की थी कि मतभेदों को विवाद नहीं बनने दिया जाना चाहिए और भारत तथा चीन के संबंध स्थिर रहने चाहिए।

• इस बीच राजनयिक सूत्रों ने स्पष्ट किया कि डोकलाम क्षेत्र में भारतीय सेना द्वारा आगे बढ़कर चीनी सेना को रोकने का एकमात्र मकसद उसे डोकलाम क्षेत्र में सड़क बनाने की कोशिश से रोकना था जिससे ट्राइजंक्शन क्षेत्र में एकतरफा ढंग से यथास्थिति में बदलाव न हो।
2. भारत और चीन के बीच रिश्ते सामान्य करना अब भी होगा चुनौतीपूर्ण
• परिपक्व देशों की तरह भारत और चीन ने डोकलाम विवाद की गहरी छाया से अपने रिश्तों को तो बचा लिया है, लेकिन सवाल है कि क्या इससे द्विपक्षीय संबंधों में आई तल्खी दूर हो पाएगी? 

• विदेश मंत्रालय  के अधिकारियों की मानें तो आपसी रिश्तों की गाड़ी किस तरफ जाती है, यह बहुत कुछ अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में होने वाली द्विपक्षीय वार्ता से तय होगी। 

• डोकलाम की वजह से आए तनाव का साया ब्रिक्स सम्मेलन पर भी पड़ने के कयास लगाए जाने लगे थे। 

• कई जानकार यह मान रहे हैं कि ब्रिक्स में भारत और चीन के अलावा अन्य तीनों देशों (रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। ऐसे में अगर भारत व चीन के बीच ही मनमुटाव रहता तो ब्रिक्स को एक शक्तिशाली संगठन बनाने की सारी तैयारियों पर ही सवालिया निशान लग जाता। 

• अब ब्रिक्स पर भारत व चीन ज्यादा ध्यान दे सकते हैं। ब्रिक्स की पिछली बैठक में द्विपक्षीय शिखर वार्ता में दोनों देशों के बीच कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखे गए थे। 

• डोकलाम को पीछे छोड़कर मोदी और चिनफिंग इन लक्ष्यों को हासिल करने की नई रणनीति बना सकते हैं। इसमें सबसे अहम होगा सीमा विवाद को निर्धारित समय सीमा के भीतर सुलझाने का रोडमैप बनाना।

• डोकलाम की वजह से सीमा विवाद सुलझाने के लिए नए सिरे से वार्ता की तैयारियां रोक दी गई थीं। अब इन पर बात फिर आगे बढ़ सकती है। 

• इसी तरह से पिछली शिखर बैठक में यह तय हुआ था कि भारत के खिलाफ जा रहे व्यापार संतुलन को कम करने के लिए चीन की तरफ से भारतीय आयात को बढ़ाने की कोशिश होगी। इसको लेकर दोनों देशों की विशेषज्ञ समिति का गठन होना था, जो नहीं हो पाया है।

• पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत और चीन के बीच व्यापारिक घाटा बढ़ कर 51 अरब डॉलर का हो गया है। इसे कम करना भारत के लिए बेहद जरूरी है। अब देखना होगा कि मोदी और चिनफिंग की बैठक में इन दोनों जटिल मुद्दों पर आगे बढ़ने की सहमति हो पाती है या नहीं।

• भारतीय पक्ष मान रहा है कि पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने या परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत को इंट्री दिलाने के मुद्दे पर चीन के रवैये में नरमी नहीं आएगी। 

• इस विवाद के निपटारे से यह साबित हो गया है कि चीन का आक्रामक रवैया अब काम नहीं आएगा। आगे शायद वह ज्यादा संतुलित कदम उठाए।

• मौलाना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ है चीन

• भारत को एनएसजी की सदस्यता देने का करता है विरोध

• चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने की चुनौती

• कश्मीर में बीआरआइ के तहत सड़क निर्माण के खिलाफ है भारत

• भारत को चारों तरफ से नौ सैनिक अड्डों से घेरने की रणनीति
3. रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा : विलय से नहीं सुधरेगी बैंकों की वित्तीय हालत
• वैश्विक  क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज का कहना है कि सरकार की तरफ से बैंकों में अतिरिक्त पूंजी डाले बिना केन्द्रीय मंत्रिमंडल के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में विलय प्रक्रिया को तेज करने के फैसले मात्र से इन बैंकों की कमजोर पूंजी आधार की स्थिति में सुधार आना मुश्किल है।

• मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने कहा कि देश के 21 बैंकों के विलय आदि मामलों पर विचार करने और उसकी निगरानी करने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में मंत्रियों का समूह गठित करने का फैसला सकारात्मक कदम है, क्योंकि बैंकों के बीच विलय से उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और उनमें संचालन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। 

• एजेंसी ने कहा है, हालांकि, सरकार की तरफ से नई पूंजी डाले बगैर विलय मात्र से ही सार्वजनिक क्षेत्र के इन बैंकों की पूंजी की कमजोर स्थिति में सुधार नहीं होगा।

•  सरकार की देश के 21 बैंकों में बहुमत हिस्सेदारी है, बैंकों की स्थिति में सुधार के लिए इनमें से कुछ के विलय पर विचार किया जा रहा है।

• सार्वजनिक क्षेत्र के ये सभी बैंक देश में कुल बैंक संपत्ति में दो तिहाई का योगदान रखते हैं। मूडीज का कहना है, सार्वजिनक क्षेत्र के बैंकों में कार्पोरेट संचालन कमजोर रहना इन बैंकों की बड़ी कमजोरी रही है।

• सभी 21 बैंकों को व्यवस्थित रखना सरकार के लिए मुश्किल काम रहा है। सरकार इन बैंकों के मामलने में दीर्घकालिक रणनीति और मानव संसाधन जैसे मुद्दों पर पूरा ध्यान देने में नाकाम रही है। बैंकों को मजबूत बनाने और उनके एकीकरण से इनमें से कुछ समस्याओं का समाधान हो सकता है।
4. एनटीपीसी में विनिवेश शुरू :पांच फीसद शेयरों की बिक्री के जरिये कुल 7000 करोड़  रुपए जुटाएगी सरकार
• सरकार देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी में अपनी पांच प्रतिशत हिस्सेदारी 168 रपए प्रति शेयर के भाव पर बेचेगी। इस बिक्री से सरकार को 7,000 करोड़ रपए प्राप्त होने का अनुमान है।एक अधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि शेयरों की यह बिक्री पूंजी बाजार में बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये की जाएगी। 

• यह पेशकश मंगलवार से दो दिन के लिए खुली रहेगी। बंबई शेयर बाजार में एनटीपीसी का शेयर सोमवार को ढाई प्रतिशत बढ़कर 173.55 रपए प्रति शेयर पर बंद हुआ। अधिकारी ने कहा कि सरकार एनटीपीसी में पांच प्रतिशत शेयरों को बिक्री पेशकश के जरिये बेचेगी।

•  इसमें आकार से अधिक अभिदान मिलने की स्थिति में सरकार के पास पांच प्रतिशत और शेयर आवेदन रखने का भी विकल्प है। बिक्री पेशकश के लिए 168 रपए प्रति शेयर का भाव रखा गया है जो कि एनटीपीसी शेयर के आज के बंद की तुलना में तीन प्रतिशत रियायती भाव है।

• सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान छह कंपनियों में विनिवेश के जरिये 8,800 करोड़ रपए से अधिक का विनिवेश कर चुकी है। इसमें यूटीआई की विशिष्ट अंडरटेकिंग कंपनी के जरिये लार्सन एण्ड टुब्रो में हिस्सेदारी की बिक्री भी शामिल है।

• सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से 72,500 करोड़ रपए का जुटाने का लक्ष्य रखा है।
5. मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मिरोस्लाव लजकाक से की आतंकवाद पर र्चचा
• संयुक्त राष्ट्र महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मिरोस्लाव लजकाक आज यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और दोनों ने आतंकवाद के खिलाफ मजबूत कार्वाई करने तथा संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत सहित विभिन्न मुद्दों पर र्चचाएं कीं।प्रधानमंत्री ने लजकाक को पद पर उनके निर्वाचन के लिए बधाई दी तथा उनकी नयी जिम्मेदारियों के निर्वहन में भारत की तरफ से पूर्ण एवं सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। 

• बैठक के दौरान लजकाक ने आगामी 72वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। बयान में कहा गया कि दोनों ने आतंकवाद, संयुक्त राष्ट्र सुधार, सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन और जलवायु परिवर्तन सहित प्रमुख वैश्विक  चुनौतियों पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से और मजबूत कार्वाई की जरूरत पर र्चचा की। भारत ने व्यापक अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद संधि (सीसीआईटी) पर जल्द फैसले के लिए संयुक्त राष्ट्र पर जोर डाला। 

• यह प्रस्ताव करीब दो दशक से लंबित है। सीसीआईटी को मंजूरी मिलने पर सभी सदस्य देशों के लिए आतंकियों तथा आतंकी समूहों को पनाह देने तथा उनका वित्तपोषण करने पर रोक लगाना बाध्यकारी होगा।
6. नीति आयोग की रिपोर्ट में सामने आई हकीकत  : कारोबार शुरू करने में लगते हैं 118 दिन
• सरकार व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया आसान बनाने का दावा भले ही करती हो लेकिन हकीकत यह है कि देश में नया कारोबार शुरू करने में कम से कम 118 दिन लगते हैं। यह अहम खुलासा नीति आयोग की ओर से कराए गए एक सर्वे में हुआ है। 

• सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और वाणिज्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार ने यह रिपोर्ट सार्वजनिक की। 

• ‘ईज ऑफ डूइंग : एन एंटरप्राइजेज सर्वे ऑफ इंडियन स्टेट्स’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के ये नतीजे इसलिए चौंकाने वाले हैं क्योंकि अब तक विश्व बैंक की सालाना ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रिपोर्ट में यह बताया जाता रहा है कि भारत में कारोबार शुरू करने में मात्र 26 दिन लगते हैं। 

• हालांकि विश्व बैंक यह रिपोर्ट सिर्फ दो शहरों- दिल्ली और मुंबई के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करता है जबकि नीति आयोग ने आइडीएफसी इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर यह सर्वे परे देश में किया है। 

• हालांकि इस सर्वे में अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप को शामिल नहीं किया गया है। सर्वे में छोटी-बड़ी 3,276 कंपनियों से सवाल पूछे गये। 

• इस सर्वे में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की 23 श्रेणियों को कवर किया गया है। यह पहला ऐसा सर्वे है जिसमें सरकार की ओर अब तक ईज ऑफ डूइंग के लिए हुए उपायों के जमीनी प्रभाव को दर्शाया गया है। 1रिपोर्ट के अनुसार बिजनेस शुरू करने के लिए सबसे कम समय 63 दिन तमिलनाडु में लगते हैं जबकि आंध्र प्रदेश में इसमें 67 दिन का वक्त लगता है। 

• दूसरी ओर केरल में व्यवसाय शुरू करने में 214 दिन तथा असम में 248 दिन लगते हैं। रिपोर्ट में हालांकि यह उल्लेख नहीं किया गया है कि अन्य राज्यों में बिजनेस शुरू करने में कितना वक्त लगता है। 1रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों को जमीन अधिग्रहण में औसतन 156 दिन लगते हैं। 

• भूमि अधिग्रहण में सबसे कम समय हिमाचल प्रदेश में लगता है जहां यह काम 28 दिन में होता है जबकि पंजाब में 242 दिन और छत्तीसगढ़ में 213 दिन का समय लगता है। इसी तरह कंस्ट्रक्शन परमिट पाने में औसतन 112 दिन का समय लगता है।

•  विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट-2017 में कहा गया था कि भारत में कंस्ट्रक्शन परमिट पाने में 190 दिन लगते हैं। इसमें भारत की रैंक 187 देशों में से 185वें नंबर पर थी। आयोग की इस रिपोर्ट में दलील दी है गयी है कि विश्व बैंक की इस रिपोर्ट में कंस्ट्रक्शन परमिट के संबंध में वास्तविक स्थिति नहीं दिखायी गयी। 

• कंस्ट्रक्शन परमिट मिलने के मामले में राज्यवार स्थिति का सवाल है तो मध्य प्रदेश में यह 41 दिनांे में मिल जाता है जबकि असम में इसके लिए 270 दिन और केरल में 117 दिन इंतजार करना पड़ता है। 

• रिपोर्ट में कहा गया है कि कंस्ट्रक्शन परमिट और अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने की प्रक्रिया को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर भारत को अपनी विकास दर दहाई के अंक में ले जानी है तो व्यावसायिक माहौल सुधारना होगा।

• रिपोर्ट में यह तथ्य भी सामने आया है कि भारत में बड़ी कंपनियों को जरूरी मंजूरी लेने में अधिक समय लगता है जबकि छोटी कंपनियों को कम समय लगता है। मसलन 100 से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली कंपनियों को आवश्यक अनुमति लेने में अधिक समय लगता है जबकि 10 से कम लोगों को रोजगार देने वाली कंपनियों को कम। इसके अलावा कारोबार करने में नियामक रुकावटों की शिकायतें भी बड़ी कंपनियों की ओर से अधिक आती हैं।
7. भारत-नेपाल सीमा पर बनेंगे 1222 पिलर
• भारत और नेपाल की बाउंड्री वर्किंग ग्रुप की चौथी तीन दिवसीय बैठक देहरादून में सर्वे ऑफ इंडिया व सर्वे ऑफ नेपाल के प्रमुख की मौजूदगी में शुरू हो गई है। बैठक में पहले दिन दोनों देशों की सीमा से संबंधित तमाम मसलों पर विस्तृत चर्चा की गई और समाधान के रास्ते तलाशे गए। विशेष रूप से नदी क्षेत्रों में 1222 पिलरों के निर्माण का निर्णय लिया गया। 

• ये पिलर अक्सर पानी के बहाव में बह जाते हैं, लिहाजा इस पर नए डिजाइन के आधार पर पिलर बनाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा नो मैंस लैंड पर अतिक्रमण का सर्वे कराने और उस पर प्रभावी कार्रवाई पर भी चर्चा की गई।

• सोमवार को जीएमएस रोड स्थित एक होटल में बाउंड्री वर्किंग ग्रुप (बीडब्ल्यूजी) के नेपाली दल का स्वागत करते हुए सर्वे ऑफ इंडिया के सर्वेयर जनरल वीपी श्रीवास्तव ने बैठक की रूपरेखा सामने रखी। इसके साथ ही जून 2016 में काठमांडू में आयोजित की गई ग्रुप की तीसरी बैठक में तय किए गए कार्यों  की समीक्षा की गई। 

• उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर 1467 पिलरों की मरम्मत की जा चुकी है और 603 नए पिलरों का निर्माण किया गया है। साथ ही बताया कि सीमा पर नो मैंस लैंड में अतिक्रमण को लेकर भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। हालांकि अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। 

• सर्वे ऑफ नेपाल के महानिदेशक गणोश प्रसाद भट्टा ने सीमा पर दोनों देश की फील्ड सर्वे टीम (एफएसटी) व सर्वे ऑफिसर कमेटी (एसओसी) के कायरें को बेहतरीन बताते हुए कहा कि इससे दिन प्रति दिन सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने में मदद मिल रही है।

• बीडब्ल्यूजी के भारतीय प्रतिनिधियों ने नदी क्षेत्रों में, खासकर गहरे पानी वाले स्थलों पर पिलर बनाने के लिए खास डिजाइन का प्रस्तुतीकरण भी किया। इस पर गहरी मंत्रणा के बाद नेपाली दल के अधिकारियों ने डिजाइन का संयुक्त परीक्षण कराने की बात कही। हालांकि फौरी तौर पर डिजाइन को मंजूर कर लिया गया।

• बैठक में कुछ अधिकारियों ने नदी क्षेत्रों में गहरे पाने वाले स्थलों पर नए डिजाइन में पिलर निर्माण को संभव बताया, जबकि कुछ अधि
कारी किनारों पर ही पिलर निर्माण को अधिक मुफीद बताया। इस पर अंतिम निर्णय किया जाना अभी बाकी है। पिलर का निर्माण नेपाल सीमा पर तीन राज्यों के 22 जिलों की 11 नदी क्षेत्रों में किया जाना है।
8. भारत में ही बनेंगे एफ-ए 18 विमान
• भारतीय नौसेना और वायुसेना के लिए बड़ी संख्या में सैन्य जेट विमानों की जरूरत के मद्देनजर अमेरिकी कंपनी बोइंग ने अपने एफ-ए 18 सुपर हार्नेट विमानों का कारखाना भारत में लगाने की पेशकश की है। 

• कंपनी ने कहा कि यदि उसे आपूर्ति  के लिए ठेका मिलता है तो वह यहां विनिर्माण सुविधा स्थापित कर सकती है।

• कंपनी खासकर नौसेना के लिए विमान वाहक पोतों से उड़ान भरने में सक्षम 57 मल्टी रोल लड़ाकू विमान (एमआरसीबीएफ) की खरीद की योजना पर निगाह रखे हुए है। 

• बोइंग ने कहा है कि उसके एफ-ए 18 सुपर हार्नेट भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत से उड़ान की दृष्टि से बहुत अनुकूल जेट होंगे।

• बोइंग के एफ-ए 18 कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डान गिलियन ने कहा, हम भारत में अगली पीढ़ी की सुविधा विकसित करने की बात कर रहे हैं। हमारा मानना है कि सुपर हार्नेट सबसे अत्याधुनिक विमान है जिसका विनिर्माण भारत कर सकता है। इससे हम अगली पीढ़ी के विमानों में पहुंच जाएंगे जिनका भारत में डिजाइन और निर्माण होगा। 

• उन्होंने कहा कि एफ-ए 18 सुपर हार्नेट को भारतीय विमानवाहक पोतों से उड़ान के लिए किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं होगी और अन्य प्लेटफार्म की तुलना में इसका प्रति घंटे का उड़ान अनुपात सबसे कम बैठेगा।

• उन्होंने कहा कि बोइंग की निगाह भारतीय वायु सेना की जरूरतों पर भी है जो अपने पुराने होते मिग 21 जेट को बदलना चाहती है। 

• इस साल जनवरी में भारतीय नौसेना ने अपने विमानवाहक पोत के लिए 57 मल्टी रोल लड़ाकू विमानों के लिए सूचना का आग्रह (आरएफआई) जारी किया था।
9. न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा नए चीफ जस्टिस
• न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने भारत के 45वें प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के रूप में शपथ ग्रहण की। वह उस पीठ का हिस्सा थे जिसने 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक बलात्कार मामले में चार दोषियों को मौत की सजा की पुष्टि की थी और सिनेमा हालों में राष्ट्रगान को अनिवार्य बनाने का आदेश पारित किया था। 

• राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में एक सादे समारोह में न्यायमूर्ति मिश्रा को पद की शपथ दिलाई। 

• न्यायमूर्ति मिश्रा ने ईर के नाम शपथ अंग्रेजी में ली।

• 02 अक्टूबर 2018 तक देंगे सेवाएं : न्यायमूर्ति जे एस खेहर के रविवार को सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति मिश्रा (64) ने यह पद संभाला है। न्यायमूर्ति मिश्रा दो अक्तूबर 2018 तक इस पद पर अपनी सेवाएं देंगे।

• स्थापित परिपाटी के अनुसार न्यायमूर्ति खेहर ने पिछले महीने मिश्रा को देश का आगामी प्रधान न्यायाधीश नामित किया था। वह पटना उच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। अक्तूबर 2011 में वह शीर्ष अदालत में आ गए थे। 

• 1977 में वकालत से शुरू किया था करियर : वर्ष 1977 में वकालत शुरू करने वाले न्यायमूर्ति मिश्रा ने उड़ीसा उच्च न्यायालय में संवैधानिक, दीवानी, फौजदारी, राजस्व, सेवा और बिक्री कर मामलों में प्रैक्टिस शुरू की। 

• उन्हें 17 जनवरी, 1996 को उड़ीसा उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति मिली। उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में भी सेवाएं दी।