दैनिक समसामयिकी 02 June 2017

दैनिक समसामयिकी 02 June 2017

1.रूस से दो परमाणु इकाइयों पर करार : कुडनकुलम में लगेंगी दो और यूनिट

• भारत और रूस ने तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की दो और इकाइयों को लगाने के लिए एक बहुप्रतीक्षित समझौते पर बृहस्पतिवार को दस्तखत किए और दोनों महाशक्तियों के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा देने का फैसला किया गया।
• दोनों देशों ने इस साल ‘‘इंद्र-2017’ नाम से तीनों सेनाओं का प्रथम अभ्यास आयोजित करने का भी फैसला किया। उन्होंने कामोव-226 सैन्य हेलिकॉप्टरों के सह-उत्पादन से आगे बढ़ते हुए संयुक्त उत्पादन शुरू करने का भी निर्णय लिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बृहस्पतिवार को यहां हुई व्यापक वार्ता में यह निर्णय लिए गए।
• बातचीत में आतंकवाद और व्यापार तथा निवेश बढ़ाने जैसे विषयों पर र्चचा हुई। वार्ता के बाद पुतिन के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, भारत और रूस के संबंध परस्पर प्रेम, सम्मान और मजबूत विास पर आधारित और अडिग हैं।
• उन्होंने कहा, संस्कृति से सुरक्षा तक हमारे संबंध अटूट रहे हैं। हम एक भाषा में बोलते हैं। मोदी ने कहा, दोनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने का फैसला किया जिसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। पुतिन ने कहा, भारत-रूस साझेदारी रणनीतिक और विशेष होती जा रही है। उन्होंने वार्ता को सार्थक और रचनात्मक बताया।
• संयुक्त घोषणापत्र : बातचीत के बाद जारी संयुक्त घोषणापत्र में कहा गया, भारत और रूस की विशेष रणनीतिक साझेदारी दोनों महाशक्तियों के बीच परस्पर विास का अद्वितीय बंधन है। इन संबंधों के आयाम राजनीतिक संबंध, सुरक्षा, व्यापार, अर्थव्यवस्था, सैन्य और तकनीकी क्षेत्र, ऊर्जा, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और मानवीय आदान प्रदान और विदेश नीति समेत सहयोग के सभी क्षेत्रों तक है। संबंध दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों को प्रोत्साहित करने में मददगार हैं और एक और भी अधिक शांतिपूर्ण नियंतण्र व्यवस्था की स्थापना में योगदान देते हैं।
• विजन डॉक्यूमेंट : विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार दोनों देश कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई 5 और 6 के लिए जनरल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट और क्रेडिट प्रोटोकॉल को अंतिम रूप दिए जाने का स्वागत करते हैं। रियेक्टरों का निर्माण भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड और रूस के परमाणु संस्थानों की नियामक इकाई रोसाटॉम की सहायक कंपनी एस्टोमस्ट्रॉयेएक्सपोर्ट करेंगे।
• ‘‘ए विजन फॉर द ट्वंटी फस्र्ट सेंचुरी’ शीर्षक वाले दस्तावेज में कहा गया है कि भारत-रूस की अर्थव्यवस्थाएं ऊर्जा के क्षेत्र में एक दूसरे की पूरक हैं और दोनों देश एक ‘‘ऊर्जा सेतु’ बनाने की दिशा में काम करेंगे।

2. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा : भारत जैसा गहरा दोस्त नहीं पाक

• राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि रूस के पाकिस्तान के साथ ‘‘घनिष्ठ’ सैन्य संबंध नहीं हैं और भारत के साथ उसकी करीबी दोस्ती को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
• पुतिन ने एक विशेष बातचीत में ‘‘पीटीआई’ से कहा, दुनिया में और कोई दूसरा देश नहीं है जिससे मिसाइल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रूस की ऐसी गहन साझेदारी हो और भारत के साथ सहयोग से वह लाभान्वित होता है। उसी समय पुतिन ने कश्मीर पर एक प्रश्न से बचते हुए कहा कि इस बात का आकलन करना ‘‘आप पर निर्भर करता है’ कि क्या पाकिस्तान भारतीय राज्य में आतंकवाद को प्रसारित कर रहा है।
• उन्होंने कहा, लेकिन खतरा कहीं से भी हो, यह अस्वीकार्य है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम हमेशा भारत का समर्थन करेंगे।पुतिन ने कहा, रूस के भारत के साथ विशेष संबंध हैं। केवल इससे यह अर्थ नहीं निकल जाता कि भारत को अन्य साझेदार देशों के साथ संपर्क सीमित कर लेने चाहिए। यह हास्यास्पद है।
• एक दुभाषिये के जरिये बातचीत में रूसी राष्ट्रपति ने कहा, पाकिस्तान के साथ हमारे कोई घनिष्ठ सैन्य संबंध नहीं हैं। अमेरिका से क्या आपके हैं? उन्होंने कहा, और निश्चित रूप से पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्तों का भारत और रूस के बीच व्यापार पर कोई असर नहीं है।
• दुनियाभर की दस समाचार एजेंसियों के संपादकों के चुनिंदा समूह के साथ एक आयताकार मेज के इर्दगिर्द बैठकर बात करते हुए 64 वर्षीय रूसी नेता ने एक-एक करके प्रश्नों के जवाब दिए। इनमें केवल संपादकों के देशों से जुड़े विषयों पर ही सवाल नहीं थे बल्कि सीरिया, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एक उभरती बहुध्रुवीय दुनिया के भविष्य जैसे व्यापक वैश्विक चिंता वाले मुद्दों पर भी प्रश्न थे।
• रूस के राष्ट्रपति ने भारत और रूस के गहन रक्षा संबंधों का हवाला देते हुए कहा, भारत एक बड़ा देश है जिसकी आबादी एक अरब से ज्यादा है। रूस भी बड़ा देश है। रूस और भारत के कई संदर्भ हैं और आपसी हित हैं। हम सभी भारतीय हितों का सम्मान करते हैं।

3. भारत-पाक शंघाई सहयोग संगठन के होंगे पूर्ण सदस्य

• शंघाई सहयोग संगठन(एससीओ) के अगले सप्ताह कजाखस्तान के अस्ताना में होने वाले शिखर सम्मेलन में भारत व पाकिस्तान को पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा मिल जाएगा।
• चीनी विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में संगठन के सदस्य करार संबंधी प्रक्रिया पूरी करने में तेजी से जुटे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि अस्ताना में आठ-जून को होने वाले सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान पूर्ण सदस्य के रूप में उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
• उफा में 2015 में हुए सम्मेलन में रूस ने भारत व पाकिस्तान को पूर्णकालिक सदस्य के रूप में शामिल किए जाने का प्रस्ताव लाया था। 24 जून 2016 को ताशकंद में संगठन की हुई शिखर बैठक में भारत व पाकिस्तान ने मेमोरेंडम ऑफ ऑब्लिगेशंस(दायित्वों का करार) पर हस्ताक्षर किये थे।
• इसके साथ ही भारत व पाकिस्तान के शंघाई सहयोग संगठन में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई थी। अब तक भारत-पाकिस्तान को
• एसएसओ में पर्यवेक्षक का दर्जा है। भारत-पाकिस्तान के सदस्य बनने के बाद एससीओ की सदस्य संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी। चीनी विदेश मंत्रलय ने उम्मीद जताई कि शंघाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य बनने के बाद भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय रिश्ते भी सुधरेंगे। भारत-पाकिस्तान संगठन के संविधान का सख्ती से पालन करेंगे।
• एक मंच पर होंगे मोदी व शरीफ : बीजिंग, प्रेट्र: भारत-पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच शंघाई सहयोग संगठन की हो रही बैठक में दोनों देशों के प्रधानमंत्री एक मंच पर मौजूद रहेंगे। हालांकि यह साफ नहीं है कि शिखर सम्मेलन से अलग नरेंद्र मोदी व नवाज शरीफ के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी या नहीं। एससीओ भारत, चीन व पाकिस्तान को एक मंच प्रदान करेगा।
• एनएसजी में भारत का विरोध करता है चीन : भारत को शंघाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य बनाने को आतुर चीन परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह(एनएसजी) में भारत के प्रवेश में रोड़े अटकाता रहा है। शायद चीन अपने प्रभुत्व वाले हर वैश्विक-क्षेत्रीय संगठन में भारत के साथ पाकिस्तान को भी देखना चाहता है।
• एनएसजी की इसी महीने स्विटजरलैंड में बैठक होनी है। भारत इस संगठन में शामिल होने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रयास करता रहा है। अस्ताना में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के बाद चीन के भारत के प्रति रुख पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
• एससीओ का सदस्य बनने के क्या फायदे : अगर कोई देश एससीओ के सदस्य राष्ट्रों पर हमला करता है तो इसे संगठन अपने ऊपर हमला मानेगा। इसका संगठन के सारे सदस्य मिलकर जवाब देंगे। साथ ही आतंकी घटनाओं व घुसपैठ के मामलों को रोकने के लिए आपस में मिलकर काम करेंगे।
• एससीओ में शामिल होने के बाद ऐसे गंभीर मसलों पर भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग मिलने की संभावना और ज्यादा बढ़ जाएगी। नई दिल्ली इस मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान की करतूतों को उजागर करने में कर सकेगा। इसके अलावा आतंकियों पर लगाम लगाने में भी संगठन के सदस्यों से मदद मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
• संगठन का कजाखस्तान में अगले सप्ताह होने वाला है शिखर सम्मेलन
• चीन को दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की भी उम्मीद

4. पेरिस समझौते से अलग हुआ अमेरिका

• अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पर्यावरण संरक्षण पर हुए ऐतिहासिक पेरिस समझौते से अलग होने का एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह पर्यावरण के मुद्दे पर नए समझौते के लिए चर्चा करेंगे।
• ट्रंप ने अपने इस फैसले के संकेत बीते शनिवार को इटली के सिसली में हुए जी-7 सम्मेलन में दे दिए थे। इस बात की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और चीन के लिए पेरिस समझौते का पालन करना इतना मुश्किल नहीं, जितना अमेरिका के लिए है।
• उधर, पेरिस के मेयर ने ट्रंप के इस एलान को बड़ी गलती करार दिया है। करीब 200 देशों के साथ 2015 में पेरिस में पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद अहम समझौता हुआ था। भारत, चीन, कनाडा और यूरोपीय संघ ने पेरिस समझौते के तहत किए गए वादे पर टिके रहने की बात कही है।
• माना जाता है कि ट्रंप ने अमेरिका की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के प्रशासक और तेल उद्योग जगत के सहयोगी स्कॉट प्रूइट के साथ मिलकर पेरिस समझौते से बाहर होने की शर्तो पर काम किया।
• इससे अमेरिका के सहयोगी समङो जाने वाले यूरोपीय देश भी ट्रंप के फैसले से दूरी बना सकते हैं। तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के अथक प्रयासों के चलते 2015 में अमेरिका समेत करीब 200 देशों ने पेरिस में करार पर हस्ताक्षर किया था।
• इसके तहत 2025 तक कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में 26 से 28 फीसद (वर्ष 2005 के स्तर से) तक की कमी लाने पर सहमति बनी थी।

5. चीन का सबसे सख्त साइबर सुरक्षा कानून प्रभाव में आया

• चीन का सबसे विवादित साइबर सुरक्षा कानून बृहस्पतिवार से देश में प्रभावी हो गया। इस कानून के तहत अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को महत्वपूर्ण डाटा देश के भीतर ही रखना जरूरी हो जाएगा, जिस पर विदेशी कारोबारियों को आपत्ति है।
• इस पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी सरकारी संस्था ‘‘साइबर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन’ पर है। संस्था ने बताया, कारोबारों को सीमा-पार डेटा स्थानांतरण नियमन के लिए 19 महीने की मोहलत दी जाएगी।
• हांगकांग स्थित ‘‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि की शुरुआत एक जून से हो गई, जो अगले साल अंत में खत्म होगी।
• इस तरह की कोई सूचना अगर आपत्तिजनक है तो ऑनलाइन सेवा उपयोगकर्ताओं को अब सेवा प्रदाताओं से अपनी सूचना डिलीट करने के लिये कहने का अधिकार होगा।
• साइबर सुरक्षा प्रबंधन कर्मचारी को प्राप्त सूचना की निश्चित रूप से सुरक्षा करनी होगी और निजता एवं व्यावसायिक गोपनीयता समेत ऐसी कोई सूचना लीक करने या बेचने पर प्रतिबंध होगा। जो भी इन प्रावधानों एवं व्यक्तिगत सूचना का उल्लंघन करेगा उन्हें भारी भरकम जुर्माना अदा करना होगा।
• चीन की संसद द्वारा नवम्बर में पारित कानून में यह स्पष्ट किया गया है कि कोई भी फर्जीवाड़ा या प्रतिबंधित सामान बेचने के लिये इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।
• सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस कानून से सभी अहम डाटा और ‘‘महत्वपूर्ण सूचना व्यवस्था’ से डाटा को चीन में रखना आवश्यक हो गया है और ऐसी किसी सूचना को देश के बाहर स्थानांतरित किये जाने से पहले इनकी जांच एवं मूल्यांकन करना होगा।
• बहरहाल, समाचार एजेंसी ‘‘शिन्हुआ’ की रिपोर्ट में एक इंटरनेट नियामक के हवाले से कहा गया कि यह कानून बृहस्पतिवार से प्रभाव में आ गया।

6. अगले साल सूर्य पर विश्व का पहला मिशन शुरू करेगा नासा

• नासा अगले साल सूर्य पर विश्व के पहले मिशन की शुरुआत करेगा जिसमें हमारे तारे का वायुमंडल संबंधी अन्वेषण किया जाएगा और सौर भौतिकी के बारे में उन प्रश्नों का उत्तर खोजा जाएगा जिन्होंने छह दशकों से वैज्ञानिकों को उलझाया हुआ है।
• अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कल घोषणा की कि ‘‘पार्कर सोलर प्रोब’ का नाम दिग्गज खगोलभौतिकीविद् यूजीन पार्कर के सम्मान में रखा गया है। उन्होंने करीब 60 साल पहले सौर पवन की मौजूदगी की भविष्यवाणी की थी।
• नासा के ‘‘साइंस मिशन डायरेक्टोरेट’ के सहायक प्रशासक थॉमस जुरबुचेन ने कहा, नासा ने पहली बार किसी जीवित व्यक्ति के नाम पर अंतरिक्ष यान का नाम रखा है। एक छोटी कार के बराबर के आकार वाला अंतरिक्ष यान हमारे तारे के बारे में कई बड़े रहस्यों का खुलासा करेगा। यह इस रहस्य पर से भी पर्दा उठाने की कोशिश करेगा कि सूर्य का कोरोना इसकी सतह से इतना गर्म क्यों होता है।
• नासा ने कहा कि पार्कर सोलर प्रोब सूर्य के वायुमंडल में यात्रा करेगा। पहले कोई भी अंतरिक्ष यान सूर्य की सतह के इतना करीब नहीं गया है जितना करीब यह यान जाएगा। यह यान भीषण गर्मी और विकिरण परिस्थितियों का सामना करेगा और अंतत: मानवता को एक तारे का सबसे निकटतम पर्यवेक्षण मुहैया कराएगा।
• 4.5 इंच मोटा कार्बन मिश्रित कवच अंतरिक्षयान और उपकरणों को सूर्य की गर्मी से बचाएगा ताकि वे ये अभूतपूर्व जांच कर सकें।
• इस यान को फ्लोरिडा में नासा के केनेडी अंतरिक्ष केंद्र में 31 जुलाई 2018 से खुलने वाली 20 दिवसीय विंडो के दौरान प्रक्षेपित किया जाएगा। अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के प्रोफेसर पार्कर ने कहा, सौर जांच अंतरिक्ष के ऐसे क्षेत्र में की जाएगी जिसमें पहले कभी अन्वेषण नहीं किया गया है।
• पार्कर सोलर प्रोब परियोजना के वैज्ञानिक निकोला फॉक्स ने कहा, पार्कर सोलर प्रोब सौर भौतिकी के उन प्रश्नों का उत्तर देगी जिन्होंने हमें छह से अधिक दशकों से उलझा रखा है।

7. फीका रहा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का प्रदर्शन

• नोटबंदी के बाद काला धन निकालने के लिए लाई गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) का प्रदर्शन फीका रहा है। पीएमजीकेवाई के तहत मात्र 5,000 करोड़ रुपये का काला धन बाहर आया है। सरकार ने यह योजना पिछले साल दिसंबर में लांच की थी। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपने काले धन पर 50 प्रतिशत टैक्स और पेनाल्टी देकर कानूनी कार्रवाई से बच सकता था।
• राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने कहा कि पीएमजीकेवाई को लेकर प्रतिक्रिया इतनी अच्छी नहीं रही है। इसके मुख्य रूप से दो कारण हैं। पहला, लोगों ने यह योजना घोषित होने से पहले अपना काला धन अलग-अलग खातों में रख दिया था।
• दूसरी वजह इस योजना के तहत टैक्स और पेनाल्टी की दर है।1हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पीएमजीकेवाई के लचर प्रदर्शन की वजह पूर्व में घोषित इसी तरह की योजनाओं से जोड़कर बताया। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में यह अकेली योजना नहीं थी, यह बात भी हमें ध्यान रखनी चाहिए। इससे पहले सरकार आय घोषणा योजना लेकर आई थी।
• इसके अलावा लोगों ने पहले ही अपना पैसा खातों में जमा कर दिया था और उन्हें मालूम था कि इससे उन पर कर देनदारी बढ़ जाएगी। इस तरह इन सबके बाद पीएमजीकेवाई आई।
• जेटली के मुताबिक काले धन की घोषणा संबंधी आंकड़ों को अगर आप देखना चाहते हैं तो आपको इन तीनों पर एक साथ गौर करना होगा। अब सरकार काले धन के खिलाफ बेनामी कानून के तहत कार्रवाई कर रही है। सरकार ने आय घोषणा योजना के तहत लोगों को अपना काला धन बताने के लिए जून से सितंबर, 2016 के बीच चार माह का वक्त दिया था।
• इस योजना के तहत कुल 67,382 करोड़ रुपये का काला धन सामने आया था। इसके बाद सरकार काले धन पर पीएमजीकेवाई योजना लेकर आई। इसके तहत काला धन घोषित करने के लिए मार्च के अंत तक का समय दिया गया था।
• इस योजना के तहत काली कमाई उजागर करने वालों को 49.9 प्रतिशत टैक्स, सरचार्ज और पेनाल्टी जमा करने के साथ-साथ घोषित राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा शून्य ब्याज दर वाले बैंक खाते में चार साल के लिए रखना होगा।