दैनिक समसामयिकी 03 अगस्त 2018

ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा छूने वाली पहली कंपनी बनी एप्पल

आईफोन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एप्पल 02 अगस्त 2018 को दुनिया की पहली एक ट्रिलियन डॉलर (लगभग साढ़े 68 लाख करोड़ रुपये) की कंपनी बन गई.

कंपनी के कारोबार में आए विस्तार के चलते एप्पल के शेयरों की मांग में भी उछाल आया है. दुनियाभर में अबतक के इतिहास में कोई भी कंपनी इस करिश्माई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई. दरअसल अप्रैल-जून तिमाही के दौरान कंपनी को 11.52 अरब डॉलर की जोरदार कमाई हुई हैं. इस वजह से कंपनी के शेयर में तेजी देखने को मिली.

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक ढांचे में सुधार हेतु दिशा-निर्देश जारी किये

न्यायिक कार्यो के प्रभावी प्रशासन तथा देशभर में अदालतों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 02 अगस्त 2018 को नये दिशा-निर्देश जारी किए.

इनमें कोर्ट मास्टर्स के रूप में प्रबंधन पेशेवरों की नियुक्ति भी शामिल है. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि अच्छा बुनियादी ढांचा मजबूत और स्थायी न्यायिक प्रणाली के लिए बेहद जरूरी है.

तेजस लड़ाकू विमान ने ‘डेक लैंडिंग’ परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया

स्वदेश निर्मित लड़ाकू विमान तेजस के नौसेना प्रोटोटाइप ने 02 अगस्त 2018 को विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर ‘डेक लैंडिंग’ परीक्षण के दौरान डेक से संपर्क बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की. इसके साथ ही भारत लड़ाकू विमानों की डेक लैंडिंग कराने वाले अमेरिका, यूरोप, रूस और चीन जैसे चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया.

नौसेना के प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि एलसीए नेवी (एनपी 2) ने विमानवाहक पोत पर हुक प्रणाली से लैंडिंग के लिए गोवा में पहली उड़ान भरी.

नीति आयोग ने ‘मूव हैक’ का शुभारंभ किया

नीति आयोग ने 02 अगस्त 2018 को वैश्विक मोबिलटी हैकथॉन-मूव हैक का शुभारंभ किया है. यह विश्व स्तर पर सबसे बड़े हैकथॉन में से एक होगा.

मूव हैक में दस विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और ऑनलाइन, सिंगापुर और नई दिल्ली में अंतिम रूप से संचालित होगा. मूवहैक का उद्देश्य गतिशीलता से संबंधित समस्याओं के लिए अभिनव, गतिशील और मापनीय समाधान लाना है.

एनएचएआई ने 25,000 करोड़ रुपए के दीर्घकालीन कर्ज को लेकर एसबीआई के साथ समझौता किया

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 03 अगस्त 2018 को 25,000 करोड़ रुपए के दीर्घकालीन कर्ज को लेकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ समझौता किया.

यह एसबीआई द्वारा किसी भी कंपनी को दिया जाने वाला बिना गारंटी वाला (असुरक्षित) सबसे बड़ा कर्ज है. एनएचएआई को एसबीआई से दिया जाना वाला यह अब तक का सबसे बड़ा ऋण होगा. बिना जमानत का ये दस वर्षीय कर्ज पूरी तरह एनएचएआइ को उसकी साख और रेटिंग के आधार पर मिल रहा है.