दैनिक समसामयिकी 08 अगस्त 2018

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ आंदोलन के नेता एम करुणानिधि का निधन

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि का चेन्नई के अस्पताल में निधन हो गया. वे 94 वर्ष के थे. उन्होंने शाम छह बजकर दस मिनट पर अंतिम सांस ली. करूणानिधि का रक्तचाप कम होने के बाद 28 जुलाई को उन्हें गोपालपुरम स्थित आवास से कावेरी अस्पताल भेजा गया था. पहले वह वार्ड में भर्ती थे बाद में हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था.

एम करुणानिधि का पार्थिव शरीर उनके गोपालपुरम निवास पर लाया जाएगा. बाद में पार्थिव शरीर करुणानिधि की बेटी और राज्यसभा की सदस्य कनिमोझी के सीआईटी कॉलोनी निवास पर ले जाया जाएगा ताकि उनके परिवार के सदस्य श्रद्धांजलि दे पाएं.

अर्थशास्त्री स्वामीनाथन गुरुमूर्ति आरबीआई बोर्ड में शामिल किये गये

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने अर्थशास्त्री स्वामीनाथन गुरुमूर्ति को बोर्ड में शामिल किया है. उनकी इस नियुक्ति को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी प्रदान की.

इसके बाद अब स्वामीनाथन आगामी चार वर्षों तक गैर आधिकारिक निदेशक के पद पर रहेंगे. चार्टड अकाउंटेंट होने के अलावा वे स्वदेशी जागरण मंच से जुड़े हैं. उनके अलावा सतीश मराठे को भी इस बोर्ड में स्थान मिला है. वे को-ऑपरेटिव सेक्टर में कार्य करते आए हैं.

TRAI ने डीएनडी 2.0 मोबाइल एप्प और माय-कॉल को उमंग प्लेटफार्म के साथ जोड़ा

ट्राई ने उपभोक्ताओं तक पहुंचने के महत्व को पहचानते हुये और उनके हितों की रक्षा करने के लिये संस्था के मोबाइल एप्प डीएनडी 2.0 और मायकॉल को उमंग प्लेटफार्म के साथ जोड़ दिया है.

यह एक एकीकृत व्यवस्था उपलब्ध कराता है जिसके जरिये नागरिक एक एप्लीकेशन को इंस्टाल करके कई सरकारी सेवाओं का प्रयोग कर सकते हैं. अब ट्राई के मोबाइल एप्प मुख्य रूप से डीएनडी 2.0 और मॉय-कॉल उमंग प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होंगे. नागरिकों तक पहुंच और उनकी सुविधायें बढ़ाने के उद्देश्य से एनईजीडी और टीआरएआई ने डीएनडी 2.0 और माय-कॉल उमंग के एंड्रायड एप्प प्लेटफार्म से जोड़ दिया है.

विश्व का पहला थर्मल बैटरी संयंत्र आंध्र प्रदेश में आरंभ किया गया

यह संयंत्र मई 2019 से काम करना आरंभ कर देगा. भारत स्टोरेज टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड संयंत्र के लिए 1000 मेगावाट की बैटरी तैयार करने का सोच कर रहा है. वर्ष 2025 तक संयंत्र की क्षमता 10 गीगावाट होने का अनुमान है. थर्मल बैटरी ऊर्जा उत्पादन के वैकल्पिक स्रोतों पर आधारित है, और इसकी उपस्थिति से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है.

इस संयंत्र का उद्देश्य नवीन ऊर्जा भंडारण व्यवस्थाओं का निर्माण करना है, जिसमें वाणिज्यिक अनुप्रयोग होने की उम्मीद है. इसका एक अन्य उद्देश्य कम कार्बन उत्सर्जन करना तथा हर मौसम में काम करने की क्षमता इसकी विशेषताएं हैं.