दैनिक समसामयिकी 11 जनवरी 2019

जीएसटी से छूट की सीमा बढ़ाकर 40 लाख रु की

जीएसटी काउंसिल ने छोटे कारोबारियों को राहत दी है। गुरुवार को काउंसिल ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट के लिए सालाना टर्नओवर की लिमिट 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने का फैसला लिया। उत्तर-पूर्वी राज्यों के कारोबारियों के लिए यह लिमिट 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है। कंपोजीशन स्कीम के लिए सालाना टर्नओवर की लिमिट भी 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दी है। कंपोजीशन स्कीम के तहत आने वाले कारोबारियों को टैक्स हर तिमाही में जमा करवाना पड़ेगा लेकिन रिटर्न साल में एक बार भर सकेंगे। जीएसटी काउंसिल के फैसले 1 अप्रैल से लागू होंगे। कंपोजीशन स्कीम का फायदा लेने वाले कारोबारियों के लिए टैक्स की दर फिक्स होती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसएटी काउंसिल की 32वीं बैठक के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केरल 2 साल तक अधिकतम 1% तक का आपदा सेस लगा सकेगा। पिछले साल आई बाढ़ से हुए नुकसान को देखते हुए यह प्रस्ताव दिया गया था।

रेणुकाजी डैम परियोजना पर आज हस्ताक्षर करेंगे छह राज्यों के मुख्यमंत्री

दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री शुक्रवार को रेणुकाजी बहुद्देश्यीय डैम परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। सरकार ने गुरुवार को बताया कि डैम का निर्माण इन छह राज्यों में पेयजल आपूर्ति की जरूरतों को देखते हुए किया जा रहा है। समझौते पर हस्ताक्षर केंद्रीय जल स्नोत, नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में किया जाएगा। डैम यमुना और उसकी दो सहायक नदियों गिरि और टोंस पर बनाया जाएगा। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश इसमें शामिल हैं। परियोजना वर्ष 2008 में विचार में आई थी। इस पर आने वाले खर्च के बड़े हिस्से का वहन केंद्र सरकार करेगी, जबकि राज्यों को केवल 10 प्रतिशत देना होगा। सरकार ने एक बयान में कहा, ‘रेणुकाजी बांध की परिकल्पना हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गिरि नदी पर एक भंडारण परियोजना के रूप में की गई है। 148 मीटर ऊंचे पत्थर के बांध से 23 क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड के हिसाब से पानी दिल्ली और अन्य बेसिन राज्यों को दिया जा सकेगा। इस परियोजना में 40 मेगावाट बिजली भी पैदा होगी।’

सीबीआई चीफ आलोक वर्मा हटाए गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार चयन समिति ने सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को हटा दिया। रिश्वतखोरी और कर्तव्य निवर्हन में लापरवाही के आरोपों के आधार पर उन्हें हटाने का फैसला हुआ। सीबीआई के 55 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। समिति ने 2:1 से यह निर्णय लिया।वहीं, नागेश्वर राव दोबारा सीबीआई चीफ बन गए हैं। वर्मा और जांच एजेंसी में नंबर-2 अफसर राकेश अस्थाना के बीच विवाद के बाद केंद्र सरकार ने दोनों को छुट्टी पर भेज दिया था। इस फैसले के खिलाफ वर्मा की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 76 दिन बाद बहाल तो कर दिया था, लेकिन उन्हें नीतिगत फैसले लेने से रोक दिया था। साथ ही कहा था कि उच्चाधिकार चयन समिति ही वर्मा पर लगे आरोपों के बारे में फैसला करेगी।

तीन तलाक पर नया अध्यादेश जारी

केंद्रीय कैबिनेट ने एक साथ तीन तलाक के मामले में अध्यादेश को नए सिरे से मंजूरी दे दी है। तीन तलाक को अपराध घोषित करने वाला यह अध्यादेश आगामी 22 जनवरी को स्वत: ही निरस्त होने वाला था। इसके अलावा, कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर में दो और गुजरात में एक एम्स बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अलावा, भारत के पहले रेल और परिवहन विश्वविद्यालय, नेशनल रेल एंड ट्रांसपोर्ट इंस्टीट्यूट (एनआरटीआइ) के कुलपति के पद के सृजन को मंजूरी दे दी है।

450 साल बाद श्रद्धालुओं के लिए खोला गया अक्षयवट और सरस्वती कूप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पवित्र गंगा और यमुना के साथ अदृश्य सरस्वती के दर्शन के लिए करोड़ों लोग खिंचे चले आते हैं, लेकिन अक्षयवट और सरस्वती कूप देखने की तमन्ना अधूरी रह जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। साढ़े चार सौ वर्षों के बाद अक्षयवट और सरस्वती कूप श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश- दुनिया में स्वच्छ और सुरक्षित कुम्भ का संदेश जाए, यह हम सभी का कर्तव्य है।

चौपाल ऑन ट्विटर’ पर अपने नेता से रूबरू होगी जनता

जनता और नेता के बीच संवाद स्थापित करने के उद्देश्य के साथ ट्विटर इंडिया ने विभिन्न चौपाल नेताओं के साथ मिलकर ‘चौपाल ऑन ट्विटर’ की शुरुआत की है। इस पहल के माध्यम से लोग अपने नेताओं से बात कर सकेंगे। ट्विटर की इस पहल से समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और टीआरएस नेता कविता कल्वाकुंतल जुड़े हैं। पहल की शुरुआत शुक्रवार को होगी। इसके तहत अखिलेश यादव कन्नौज में लोगों से संवाद करेंगे। ‘चौपाल ऑन ट्विटर’ हैशटैग के जरिये ट्विटर के माध्यम से उनसे सवाल पूछे जा सकेंगे।

ईरान स्वदेशी राकेटों से करेगा दो उपग्रहों का प्रक्षेपण

ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि उनका देश जल्दी ही स्वदेश में तैयार राकेटों से दो नए उपग्रह अंतरिक्ष में भेजेगा। रूहानी ने कहा कि यह प्रक्षेपण आने वाले हफ्तों में जल्दी ही होगा। ईरान आमतौर पर 1979 की इस्लामी क्रांति की बरसी पर फरवरी में अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों को प्रदर्शित करता है। इससे पहले ईरान ने पिछले दशक में कम जीवन-काल वाले कई उपग्रहों का प्रक्षेपण किया था। ईरान ने 2013 में एक बंदर भी अंतरिक्ष में भेजा था। अमेरिका और उसके सहयोगियों को इस बात की चिंता है कि उपग्रह के प्रक्षेपण में काम आने वाली प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल लंबी दूरी की मिसाइलों को विकसित करने में भी किया जा सकता है। अमेरिका के ईरान के साथ परमाणु समझौते से बाहर होने के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं।

जोकोविक-हालेप को मिली शीर्ष वरीयता

सर्बिया के नोवाक जोकोविक और रोमानिया की सिमोना हालेप को सोमवार से शुरू होने जा रहे साल के पहले ग्रैंडस्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में शीर्ष वरीयता मिली है। वहीं, मौजूदा चैंपियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर ऑस्ट्रेलियन ओपन में विश्व नंबर 99 उज्बेकिस्तान के डेनिस इस्तोमिन के खिलाफ मुकाबले से अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत करेंगे।

राजस्थान में आर्थिक पिछड़ों को 14 फीसद आरक्षण की राह खुली

संसद में हुए 124 संविधान संशोधन के बाद राजस्थान में आर्थिक पिछड़ों को 14 प्रतिशत आरक्षण मिलने की राह खुल गई। राजस्थान न सिर्फ तीन वर्ष पहले इसके लिए विधेयक पारित कर चुका है, बल्कि आरक्षण देने के लिए आर्थिक पिछड़ों के परिणाणत्मक आंकड़े भी यहां तैयार है। ऐसे में राजस्थान अकेला ऐसा राज्य है, जहां इस आरक्षण को लागू करने के लिए जरूरी सभी शर्ते पूरी हैं।

निकोलस मादुरो ने दूसरी बार ली वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति पद की शपथ

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 10 जनवरी 2019 को भारी विवादों के बीच दोबारा राष्ट्रपति पद की शपथ ली. निकोलस मादुरो को उच्चतम न्यायालय के प्रमुख माइकेल मोरेनो ने पद की शपथ दिलाई. वे इस पद पर वर्ष 2019 से वर्ष 2025 तक बने रहेंगे.

वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में आयोजित शपथ ग्रहण में सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे. इस शपथ ग्रहण समारोह में 94 देशों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए. इनमें बोलीविया के राष्ट्रपति एवो मोरोलेस, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कनाल, निकारागुआ के राष्ट्रपति डेनियल ओर्टेगा और अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति सल्वाडोर सांचेज केरेन शामिल हैं.

आईआईटी मद्रास ने प्रयोगशाला में ‘स्पेस फ्यूल’ तैयार किया

आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं द्वारा प्रयोगशाला में स्पेस फ्यूल तैयार किये जाने में सफलता हासिल की है. शोधकर्ताओं का कहना है कि यह फ्यूल अंतरग्रहीय परिस्थितियों को सिमुलेट करके प्रयोगशाला में बनाया गया है. विज्ञान पत्रिका प्रोसीडिंग्स ऑफ़ नेशनल अकैडमी ऑफ़ साइंसेज (PNAS) द्वारा हाल ही में इस शोध को प्रकाशित किया गया है.

शोधकर्ताओं द्वारा यह ईंधन भारत के लिए जैविक इंधन के एक स्वच्छ तथा सतत विकल्प के रूप में पेश किया गया है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस शोध से वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड को अगली पीढ़ी के उर्जा स्त्रोत में परिवर्तित किया जा सकता है. यह भी संभव है कि इससे ग्रीन हाउस गैस तथा ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी.

भावना कस्तूरी ने रचा इतिहास, परेड में पहली बार महिला ऑफिसर सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करेगी

प्रत्येक वर्ष 15 जनवरी को मनाये जाने वाले सेना दिवस परेड कार्यक्रम में इस बार ऐतिहासिक क्षण देखने को मिलेंगे. दरअसल, महिला ऑफिसर लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी पहली महिला ऑफिसर होंगी जो परेड में सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी.

यह सैन्य टुकड़ी महिलाओं की उस टुकड़ी से अलग है जिसका नेतृत्व कैप्टन दिव्या अजिथ ने वर्ष 2015 में गणतंत्र दिवस के मौके पर किया था. 71वें सेना दिवस परेड के दिन लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी इंडियन आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC) टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी, जिसमें 144 पुरुष जवान शामिल होंगे.

अलोक वर्मा ने सीबीआई प्रमुख पद से हटाये जाने के बाद दिया इस्तीफा

सीबीआई निदेशक के पद से हटाए जाने के एक दिन बाद 11 जनवरी 2019 को आलोक वर्मा ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. आलोक वर्मा को अग्निशमन विभाग, नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड्स का जिम्मा दिया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उन्होंने इस्तीफा दे दिया. गौरतलब है कि आलोक वर्मा को पुनः नियुक्ति के कुछ घंटों बाद ही 10 जनवरी 2019 को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक पद से हटना पड़ा.

केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोपों के कारण उन्हें एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा पद से हटाने का निर्णय लिया गया. आलोक वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद महज 36 घंटे के भीतर ही उच्च स्तरीय समिति ने उन्हें पद से हटाने का अभूतपूर्व फैसला ले लिया.