दैनिक समसामयिकी 15 अप्रैल 2017

1.अमेरिका, रूस के संबंध अब तक  के सबसे निचले स्तर पर : ट्रंप
• अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और रूस के संबंध ‘‘शायद इस समय अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं’ लेकिन उन्होंने यह उम्मीद भी जताई है कि यदि दोनों देश एक साथ आ जाएं तो बहुत अच्छा रहेगा।

• नाटो के सचिव जनरल जेन्स स्टोल्टनबर्ग के साथ व्हाइट हाउस में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में ट्रंप ने कहा, जैसा कि हम कुछ समय पहले र्चचा कर रहे थे, यदि नाटो और हमारा देश रूस के साथ तालमेल बना सके। इस समय हमारा रूस के साथ बिल्कुल तालमेल नहीं है। रूस के साथ हमारा संबंध संभवत: अब तक के सबसे निचले स्तर पर है।

• ट्रंप ने कहा, ऐसा लंबे समय से होता आया है। लेकिन हम देखेंगे कि क्या हो सकता है। पुतिन रूस के नेता हैं और रूस एक मजबूत देश है। हम एक बेहद मजबूत देश हैं। देखते हैं कि यह कैसे संभव हो पाता है। विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन ने हाल ही में अपनी पहली रूस यात्रा पूरी की है। इस दौरान वह अपने रूसी समकक्ष और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले थे।

• ट्रंप ने कहा, मैं कुछ ही समय में रेक्स टिलरसन से बात करूंगा। मुझे लगता है रूस में उनकी बैठक बेहद सफल रही है। हम अंतिम नतीजे पर गौर करेंगे और यह नतीजा संभवत: लंबे समय बाद आएगा। लेकिन सबसे अहम तो अंतिम नतीजा ही है, सिर्फ बातें नहीं। मैं जो कुछ सुन रहा हूं, उससे मुझे लगता है कि सबकुछ अच्छा रहा है, जितना सोचा था, उससे कहीं अच्छा। 

• ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यूरोपीय देशों को रूस से डरने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा, मैं इसी उम्मीद के साथ बात शुरू करना चाहता हूं कि संभवत: उन्हें किसी भी चीज से डरने की जरूरत नहीं होगी। इस समय, एक तरह का डर व्याप्त है। 

• निश्चित तौर पर समस्याएं भी हैं। लेकिन मैं उम्मीद जताता हूं कि अंतत: कोई डर या समस्याएं नहीं होंगी और दुनिया एकसाथ आगे बढ़ सकेगी। यह एक आदर्श स्थिति होगी।

• रूस ने सीरिया रासायनिक हमले की ¨नदा और सीरियाई सरकार की ओर से इसकी जांच के लिए जांचकर्ताओं के सहयोग के पश्चिमी देशों के प्रयास के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बृहस्पतिवार को वीटो किया। वहीं चीन, इथियोपिया और कजाकिस्तान के साथ वोट के दौरान अनुपस्थित रहा। 

• चीन ने इससे पहले सीरिया में गृहयुद्ध शुरू होने के बाद सीरिया पर प्रतिबंध के खिलाफ छह बार वीटो किया है। 

• सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने बृहस्पतिवार के कहा कि रासायनिक हमले की बात गढ़ी गई है ताकि अमेरिकी हमले को जायज ठहराया जा सके। 

• असद ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका द्वारा किए गए मिसाइल हमले से सीरियाई शस्त्र क्षमता प्रभावित नहीं हुई है।

*2. अमेरिका ने अफगानिस्तान में सबसे बड़ा बम गिराया*
• अमेरिकी सेना ने गुरुवार को अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में सबसे बड़ा बम गिराया है। जीबीयू-43 बम से आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) की गुफाओं और सुरंगों को निशाना बनाया गया। पहली बार इस गैर परमाणु बम का इस्तेमाल किया गया। 

• अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने 9,525 किलो वजन वाले जीबीयू-43 बम अचिन जिले में गिराए जाने की पुष्टि की है। अमेरिका ने यह कार्रवाई इसी क्षेत्र में आइएस के साथ लड़ाई में सेना के विशेष बल ग्रीन बेरेट के कमांडो के मारे जाने के कुछ ही दिनों बाद की है। बम से हुए नुकसान के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है। सैन्य सूत्रों ने सीएनएन टीवी को बताया कि नुकसान का आकलन के लिए टीम भेजी गई है।

• अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल जॉन निकोल्सन ने बम गिराने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। अमेरिकी सेंट्रल कमान के प्रमुख जनरल जोसेफ वोटेल से भी मंजूरी ली गई। जीपीएस निर्देशित बम अफगानिस्तान में पहले से ही रखा गया था। 

• एयरफोर्स स्पेशल ऑपरेशंस कमान द्वारा संचालित एमसी-130 विमान ने इसे गिराया। 1जीबीयू-43 का आधिकारिक नाम मैसिव आर्डिनेंस एयर ब्लास्ट (एमओएबी) बम है। इसको मदर ऑफ ऑल बम (एमओएबी) भी कहा जाता है। 

• बम का परीक्षण 2003 में किया गया लेकिन गुरुवार से पहले प्रयोग नहीं किया गया। 9,525 किलो वजन वाले इस बम की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले सप्ताह सीरिया में दागी गई हर टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का वजन 1,000 पौंड था। 

• मदर ऑफ आल बम को इराक युद्ध के पहले विकसित किया गया था। हिरोशिमा में जो बम गिराया गया था उसका नाम लिटिल ब्वाय था। उसमें 15 किलोटन टीएनटी था। 

• जीबीयू-43 में 11 किलोटन टीएनटी है। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल रिक फ्रांकोआना ने कहा है कि जो बम गिराया गया है उसके विस्फोट का असर नाभिकीय बम जैसा ही है।
*3. सिंधु पर बातचीत स्थगित*
• भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पर दो विवादित पनबिजली परियोजनाओं के संदर्भ में होने वाली बातचीत इस महीने के आखिर तक के लिए स्थगित क
र दी गई है।‘‘द नेशन’ ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है दोनों देशों के बीच यह बातचीत 11-13 अप्रैल को होने वाली थी लेकिन अब यह अप्रैल के आखिर तक के लिए टल गई है। 

• अखबार की रिपोर्ट में बातचीत के स्थगित होने की कोई वजह नहीं बताई गई है। पाकिस्तान के ऊर्जा एवं जल मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पिछले महीने का था कि दोनों पक्ष किशनगंगा (330 मेगावाट) और रातले (850 मेगावाट) परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए 11-13 अप्रैल को वाशिंगटन में बैठक करेंगे।

• भारत इन दोनों परियोजनाओं का निर्माण जम्मू-कश्मीर में करा रहा है। पाकिस्तान ने इन दोनों पनबिजली परियोजनाओं के डिजाइन को लेकर आपत्ति जताई है। 

• बहरहाल, सिंधु जल संधि आयुक्त आसिफ बेग ने अखबार से कहा, 11-13 अप्रैल की तारीख बैठक के लिए तय नहीं थी क्योंकि ये दोनों तिथियां सिर्फ प्रस्तावित थी। उन्होंने कहा, विश्वबैंक ने दोनों देशों की सहमति से बैठक के लिए नयी तिथि तय करेगा।
*4. राष्ट्रपति ने दी जीएसटी विधेयकों को मंजूरी*
• बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) एक जुलाई, 2017 से लागू करने का रास्ता साफ करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी के लिए जरूरी चार विधेयकों को मंजूरी दे दी। इसके बाद सरकार ने चारों विधेयकों को अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही अब ये चारों कानून बन गए हैं। 

• अब विधानसभाएं राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) बिल को मंजूरी देंगी। इसके बाद जीएसटी लागू करने के लिए जरूरी विधायी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

• इन चारों विधेयकों को लोकसभा ने 29 मार्च तथा राज्यसभा ने छह अप्रैल को पारित किया था। जीएसटी पर चर्चा बीते एक दशक से चल रही थी, लेकिन अब यह मूर्तरूप लेने के करीब पहुंचा है। इसके लागू होने पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क व सेवा कर तथा राज्यों के वैट जैसे कई परोक्ष कर समाप्त हो जाएंगे।

• अब विधानसभाएं लगाएंगी मुहर : अब राज्यों की विधानसभाएं एसजीएसटी बिल को मंजूरी देंगी। विशेष दर्जे के चलते जम्मू-कश्मीर को अपने यहां एसजीएसटी की तरह का ही अलग कानून बनाना होगा। 

• एसजीएसटी विधेयक में राज्य जीएसटी लागू करने संबंधी प्रावधान हैं। इसलिए पारित होने के बाद जीएसटी के लिए जरूरी विधायी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
• जीएसटी प्रणाली के तहत सेवा क्षेत्र पर टैक्स की दर बढ़कर 18 फीसद होने के पूरे आसार हैं। इसकी वजह से पहली जुलाई से सेवाएं थोड़ी महंगी हो जाएंगी। 

• फिलहाल सेस समेत सर्विस टैक्स की दर 15 फीसद है। सरकार ने वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) को देशभर में एक जुलाई, 2017 से लागू करने का लक्ष्य रखा है।

• सेवा क्षेत्र के लिए स्टैंडर्ड दर 18 फीसद रह सकती है। हालांकि स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसी जो सेवाएं अभी सर्विस टैक्स के दायरे से बाहर हैं, उन्हें आगे भी छूट वाली सूची में बनाए रखने की उम्मीद है। काउंसिल ही इस पर फैसला करेगी। 

• कुछ सेवाएं जिन पर अभी 15 फीसद से कम सेवा कर लगता है, वे जीएसटी में भी कम टैक्स रेट के दायरे में आ सकती हैं। फिलहाल सेवा कर की दर 14 फीसद है। इसके अलावा आधा-आधा फीसद की दर से दो उपकर- स्वच्छ भारत सेस और कृषि कल्याण सेस वसूले जाते हैं। इस तरह सेवा कर की प्रभावी दर 15 फीसद हो जाती है। 

• हालांकि 20 लाख रुपये से ज्यादा का सालाना कारोबार करने वाले सेवा प्रदाता जीएसटी के दायरे में आएंगे। अभी सर्विस टैक्स के लिए वार्षिक आय सीमा 10 लाख रुपये है। अढिया ने कहा कि जीएसटी कानून के मुताबिक किसान इसके दायरे से बाहर रहेंगे, भले ही उनकी सालाना आय 20 लाख से ज्यादा हो। 

• काउंसिल देगी दरों को अंतिम रूप : जीएसटी काउंसिल ने 18 और 19 मई को वित्त मंत्री जेटली की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जीएसटी की दरों को अंतिम रूप दिया जाएगा। अधिकारियों की समिति जीएसटी की दरें तय करने में जुटी है।
*5. विकास दर 7 फीसद से नीचे आने का अनुमान*
• फरवरी में औद्योगिक उत्पादन की खस्ता हालत ने वित्त वर्ष 2016-17 की आखिरी तिमाही में आर्थिक विकास के अनुमानों को ध्वस्त कर दिया है। औद्योगिक उत्पादन में इस महीने 1.2 फीसद की गिरावट के बाद माना जा रहा है कि आखिरी तिमाही में जीडीपी की दर सात फीसद से नीचे आ जाएगी। जापानी वित्तीय एजेंसी नोमूरा का मानना है कि यह 6.7 फीसद तक रह सकती है।

• वित्त वर्ष 2015-16 की आखिरी तिमाही आर्थिक विकास की दर सात फीसद रही थी। अनुमान लगाया जा रहा था कि वित्त वर्ष 2016-17 में भी आखिरी तिमाही की स्थिति लगभग यही रहेगी। लेकिन फरवरी में औद्योगिक उत्पादन की स्थिति ने सारे अनुमानों को गड़बड़ा दिया। 

• नोमूरा का मानना है कि नोटबंदी के चलते औद्योगिक गतिविधियों को काफी हद तक प्रभावित किया है। लेकिन एजेंसी मानती है कि इसका असर स्थायी तौर पर नहीं रहने वाला है।

• नोमूरा ने भविष्य में आर्थिक विकास दर के मजबूत रहने की संभावना जताते हुए कहा है कि मांग बढ़ने के बाद 2017 की दूसरी छमाही में यह 7.3 फीसद रह सकती है।
जबकि 2018 में मांग और खपत में वृद्धि आर्थिक विकास दर को 7.7 फीसद तक ले जा सकती है। इसमें सरकार की तरफ से होने वाले खर्च में वृद्धि भी आर्थिक विकास दर को तेज करने में मददगार साबित होगी। 

• नोमूरा का कहना है कि नए वित्त वर्ष में औद्योगिक उत्पादन रफ्तार पकड़ सकता है। इसके साथ साथ नोटबंदी के बाद नई मुद्रा का प्रवाह बढ़ने, ब्याज दरों में कमी और सरकारी खर्च में बढ़ोतरी के साथ राज्य सरकारों के वेतन में वृद्धि से अर्थव्यवस्था की विकास दर को ऊंचा ले जाने में मदद मिलेगी। 

• नोमूरा ने अपने रिपोर्ट में फिलहाल निकट भविष्य में भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से ब्याज दरों में किसी तरह की कटौती की संभावना से इन्कार किया है। एजेंसी का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में महंगाई बढ़ने की आशंका है।
*6. भारतीय ने जीता संयुक्त राष्ट्र चैलेंज का शीर्ष पुरस्कार*
• एक भारतीय साफ्टवेयर इंजीनियर ने संयुक्त राष्ट्र की ‘ओपन सोर्स टूल’ की वैश्विक प्रतियोगिता का शीर्ष पुरस्कार जीता है। इस टूल से यूजरों को संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्तावों को प्रभावी तरीके से देखने और सदस्य देशों की मतदान प्रक्रिया को गहराई से समझने में मदद मिलेगी।1अब्दुल कादिर राशिक एक व्यवसायी भी हैं। 

• उन्होंने अपने ओपेन सोर्स टूल ‘ग्लोबल पॉलिसी’ के लिए ‘यूनाइट आइडियाज हैशटैग यूएनजीए विज टेक्स्टूअल एनालिसिस एंड विजुअलाइजेशन चैलेंज’ को जीता है। उनके इस प्रोटोटाइप टूल को सार्वजनिक किया जाएगा। इसे संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं और सदस्य देशों के साथ साझा किया जाएगा। 

• उनके इस काम को अमेरिका के विदेश विभाग और संयुक्त राष्ट्र के सूचना व संचार प्रौद्योगिकी कार्यालय से मान्यता भी मिलेगी। प्रतियोगिता में अर्जेटीना के सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार मैक्सीमिलानो लोपेज दूसरे और फ्रांस के सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार थॉमस फोर्नेस तीसरे स्थान पर रहे। 

• यूनाइट आइडिया चैलेंज में बराबर हिस्सा लेने वाले अब्दुल ने इससे पहले अपने ‘लिंक्स टू सस्टेनबल सिटीज’ के लिए हैशटैग लिंक्स एसडीजी प्रतिस्पर्धा का शीर्ष पुरस्कार जीता था। 

• ‘लिंक्स टू सस्टेनेबल सिटीज’ सतत विकास लक्ष्यों की पहचान और कड़ियों का खाका खींचने में मददगार है ।
*7. जस्टिस कर्नन ने सीजेआई, 6 जजों से अपने बंगले पर पेश होने को कहा*
• कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस सीएस कर्नन ने सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस (सीजेआई) और 6 अन्य जजों को 28 अप्रैल को अपने बंगले की अदालत में पेश होने को कहा है। इन जजों की बेंच ने जस्टिस कर्नन को अवमानना का नोटिस जारी किया था और उनके न्यायिक प्रशासनिक अधिकार छीन लिए थे। 

• उन्होंने दावा किया है कि संविधान पीठ के सात जजों ने क्रूरतापूर्वक, जानबूझकर और दुर्भावना से उनको अपमानित किया है। इन जजों पर उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार रोकथाम कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए बचाव में पक्ष रखने को कहा है। 

• जस्टिस कर्नन ने गुरुवार को मीडिया से कहा कि 28 अप्रैल को ये सात जज मेरे सामने पेश होंगे और अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने अपने बंगले से ये आदेश जारी करते हुए कहा कि यह बंगला अब अस्थायी कोर्ट बन गया है। 

• उन्होंने गुरुवार के आदेश में कहा कि 31 मार्च को सीजेआई ने मेरे मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाए थे। इसपर बेंच के बाकी जजों ने भी सहमति दी थी। यह खुली अदालत में अपमानित करने जैसा था। अवमानना मामले में जस्टिस कर्नन 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। 

• देश के न्यायिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ था। सीजेआई की अध्यक्षता में सात जजों की बेंच ने जस्टिस कर्नन को अवमानना नोटिस के जवाब के लिए चार हफ्ते का समय दिया था। साथ ही उनकी न्यायिक और प्रशासनिक शक्तियां बहाल करने से इनकार कर दिया था।