दैनिक समसामयिकी 16 फ़रवरी 2019

1. यूनिसेफ ने ‘बाल विवाह-2019 फैक्टशीट’ नामक रिपोर्ट जारी की

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र बाल निधि (UNICEF) ने एक रिपोर्ट, ‘फैक्टशीट चाइल्ड मैरिजेज़ 2019’ जारी की है जिसके अंतर्गत कहा गया है कि भारत के कई क्षेत्रों में अब भी बाल विवाह हो रहा है. इसमें कहा गया है कि पिछले कुछ दशकों के दौरान भारत में बाल विवाह की दर में कमी आई है लेकिन बिहार, बंगाल और राजस्थान में यह प्रथा अब भी जारी है.

यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार, बंगाल और राजस्थान में बाल विवाह की यह कुप्रथा आदिवासी समुदायों और अनुसूचित जातियों सहित कुछ विशेष जातियों के बीच प्रचलित है. यूनिसेफ के अनुसार, अन्य सभी राज्यों में बाल विवाह की दर में गिरावट लाए जाने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है किंतु कुछ ज़िलों में बाल विवाह का प्रचलन अब भी उच्च स्तर पर बना हुआ है.

2. हर महीने 3000 रु. पेंशन वाली प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना लागू

भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, घरेलू कामगारों, सिर-पीठ पर बोझा ढोने वाले मजदूरों तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के कार्यकर्ताओं को 3000 रुपये प्रति माह की पेंशन सुनिश्चित करने वाली केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन’ योजना 15 फरवरी 2019 से औपचारिक रुप से लागू हो गई है.

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बताया कि हाल में बजट में घोषित की गई इस योजना से असंगठित क्षेत्र के तकरीबन 42 करोड़ लोगों को लाभ होगा. इस योजना में वे सभी लोग शामिल हो सकते हैं जिनकी आय 15 हजार रुपए प्रति माह तक है और 18 से 40 वर्ष के आयु वर्ग में हैं. इस योजना के पात्र व्यक्ति नई पेंशन योजना (एनपीएस), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) योजना या कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के लाभ के अंतर्गत कवर नहीं किए जाने चाहिए और उसे आयकर दाता नहीं होना चाहिए.

3. भारत ने पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लिया, जानिए क्या होगा इसका असर

भारत ने पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर आत्मघाती आतंकी हमले के विरोध में पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लेने की घोषणा की है.

हमले के मद्देनजर 15 फरवरी 2019 को पीएम मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक हुई. बैठक में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, तीनों सेनाध्यक्ष और सीआरपीएफ (CRPF) के डीजी ने भाग लिया. बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पाकिस्तान को कूटनीतिक तौर पर अलग-थलग किया जाएगा.

4. उपराज्यपाल vs दिल्ली सरकार: सेवाओं के विषय पर जजों की राय अलग, जानिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला

दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल (एलजी) मामले में सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने अपनी अलग-अलग राय व्यक्त की है. जस्टिस ए.के. सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने अधिकारियों की नियुक्ति और ट्रांसफ़र का अधिकार केंद्र के पास हो या दिल्ली सरकार के पास, इस मामले में अलग-अलग मत व्यक्त किया है.

जस्टिस ए.के. सीकरी की अगुआई वाली बेंच के पास अफसरों की पोस्टिंग और ट्रांसफर, एंटी-करप्शन ब्यूरो, सरकारी सेवा आदि पर कायम गतिरोध को दूर करने के लिए याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इससे पहले कोर्ट ने पिछले साल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

5. 30 दिन में NRI शादी रजिस्टर नहीं हुई तो पासपोर्ट होगा जब्त: NRI विवाह पंजीकरण विधेयक-2019

नआरआई (अनिवासी भारतीय) विवाह पंजीकरण विधेयक, 2019 हाल ही में राज्यसभा में पेश किया गया. इसका उद्देश्य अनिवासी भारतीयों की ज्यादा जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ भारतीय नागरिकों, विशेषकर एनआरआई जीवनसाथियों द्वारा अपनी-अपनी पत्नियों का उत्पीड़न करने के खिलाफ उन्हें अपेक्षाकृत अधिक संरक्षण प्रदान करना है.

विधेयक के कारणों एवं उद्देश्य में कहा गया कि भारतीय महिलाओं को अनिवासी भारतीयों द्वारा किए जाने वाले कपटपूर्ण विवाह से बचाने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय करने की आवश्यकता है. इसी के तहत भारत और भारत के बाहर होने वाले ऐसे विवाह को शादी की तारीख से 30 दिनों के भीतर पंजीकरण बनाया जाना अनिवार्य किया गया है.

6. राजस्थान में अब अनपढ़ भी बन सकेंगे सरपंच और पार्षद, विधेयक पारित

राजस्थान विधानसभा में हाल ही में पंचायतीराज संशोधन विधेयक और नगरपालिका संशोधन विधेयक पारित कर दिए गए. इन संशोधन विधेयकों के अनुसार अब पंचायतीराज और स्थानीय निकायों के चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है.

अब इन चुनावों को लड़ने के लिए पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं है, अब अनपढ़ भी सरपंच से लेकर प्रधान प्रमुख और पार्षद से लेकर मेयर तक का चुनाव लड़ सकेंगे. गौरतलब है कि वर्तमान राजस्थान सरकार ने सत्ता में आते ही न्यूनतम शिक्षा मानदंड को खत्म करने की घोषणा की थी.

7. ग्लोबल वार्मिंग से बदल रहा है समुद्रों का रंग: WEF रिपोर्ट

अमेरिका की मेसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) द्वारा किये गये अध्ययन तथा विश्व आर्थिक फोरम (WEF) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग के कारण विश्व भर में समुद्रों का रंग बदल रहा है. इस अध्ययन के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग के कारण 21वीं सदी के अंत तक दुनिया के 50 प्रतिशत से अधिक समुद्रों का रंग बदल जाएगा.

एमआईटी के प्रोफेसर स्टेफनी के मुताबिक, उपोष्णकटिबंधीय (सबट्रॉपिक्स) जैसे इलाकों में पड़ने वाले समुद्रों का रंग ‘गहरा नीला’ और ध्रुवीय समुद्रों का रंग ‘गहरा हरा’ हो जाएगा. हालांकि, इन बदलावों को नग्न आंखों से देखना बहुत मुश्किल होगा. हाल ही में यह रिपोर्ट ‘नेचर’ पत्रिका में भी प्रकाशित हुई है.

8. भारतीय वायुसेना को मिले 4 चिनूक हेलिकॉप्टर, जानिए क्यों है खास?

अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोईंग ने 10 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना के लिए चार चिनूक सैन्य हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति गुजरात में मुंद्रा बंदरगाह पर की. कंपनी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सीएच47एफ (आई) चिनूक को चंडीगढ़ ले जाया जाएगा, जहां उन्हें औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा.

भारत को कुल 15 और चिनूक हेलिकॉप्टर प्राप्त होंगे. भारत के लिए रणनीतिक नजरिए से चिनूक हेलिकॉप्टर इसलिए महत्वपूर्ण है कि इनके आने से एयरफोर्स की क्षमता और बढ़ जाएगी. यह हेलिकॉप्टर ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हवित्जर तोपों को माल पहुंचाने में मददगार साबित होगा.

9. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश में 4,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अरुणाचल प्रदेश, असम और त्रिपुरा की अपनी यात्रा के क्रम में 09 फरवरी 2019 को ईटानगर पहुंचे. उन्होंने ईटानगर में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और सेला टनल का शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री ने डीडी अरुण प्रभा चैनल का शुभारंभ भी किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईटानगर के आईजी पार्क से कई अन्य विकास परियोजनाओं का अनावरण किया. प्रधानमंत्री ने वहां लॉइन लूम संचालन का भी निरीक्षण किया. प्रधानमंत्री मोदी ने होलांगी के ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण की आधारशिला रखी तथा तेजू हवाई अड्डे का उद्घाटन किया.

10. अबू धाबी में हिंदी बनी न्यायालय की तीसरी आधिकारिक भाषा

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में न्यायालय में इस्तेमाल के लिए अंग्रेज़ी और अरबी के अलावा हिंदी तीसरी आधिकारिक भाषा बन गई है. न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिहाज से यह कदम उठाया गया है.

अबू धाबी न्याय विभाग (एडीजेडी) ने 09 फरवरी 2019 को कहा कि उसने श्रम मामलों में अरबी और अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा को शामिल करके अदालतों के समक्ष दावों के बयान के लिए भाषा के माध्यम का विस्तार कर दिया है.