दैनिक समसामयिकी 17 मार्च 2018

दैनिक समसामयिकी 17 मार्च 2018

*दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति पर चलेगा भ्रष्टाचार का मामला*

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला चलेगा. इसी आरोप के कारण जैकब जुमा को पद से हाथ धोना पड़ा. दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद समाप्त होने के बाद के समय में यह फैसला एक नया मोड़ है. वर्ष 1990 में पांच अरब डॉलर के हथियार सौदे पर हस्ताक्षर करने के बाद दक्षिण अफ्रीका का लोकतांत्रिक नेतृत्व जिस मामले में घिर गया उसमें यह फैसला एक नया मोड़ है.

पूर्व राष्ट्रपति को धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और जालसाजी के आरोपों का सामना करना होगा. दोष सिद्ध होने पर उन्हें कड़ी सजा सुनाई जा सकती है.

*नेपाल क्रिकेट टीम ने हासिल किया वनडे दर्जा*

नेपाल ने क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालीफायर प्ले ऑफ में पपुआ न्यू गिनी को छह विकेट से हराकर अपने खेल के इतिहास में पहली बार वनडे दर्जा हासिल किया. नेपाल के गेंदबाजों ने इस मुकाबले में जीत की नींव रखी, जिसमें संदीप लामिचाने और दीपेंद्र ऐरी ने चार-चार विकेट झटककर विपक्षी टीम को महज 27.2 ओवर में 114 रन पर समेट दिया.

पपुआ न्यू गिनी ने बल्लेबाजी में काफी खराब खेल दिखाया, जो टूर्नामेंट के पांच मैचों में से चार में 200 या इससे कम के स्कोर पर सिमटी है. इस हार से सुनिश्चित हो गया कि वह अपना वनडे दर्जा गंवा देंगे.

*प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इम्‍फाल में भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन किया*

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इम्‍फाल के मणिपुर विश्‍वविद्यालय में भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उदघाटन किया. इस अवसर पर उन्‍होंने वैज्ञानिकों से शोध कार्यों को देश के विकास के लिए उपयोगी बनाने का आग्रह किया.

मणिपुर विश्‍वविद्यालय पहली बार विज्ञान कांग्रेस का आयोजन कर रहा है. इसका विषय है:- विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्‍यम से वंचितों तक पहुंचना. प्रधानमंत्री ने राष्‍ट्रीय खेल विश्‍वविद्यालय की आधारशिला भी रखी. उन्‍होंने मैरीकॉम क्षेत्रीय बॉक्सिंग फाउडेंशन का उदघाटन किया और कई अन्‍य विकास परियोजनाओं की भी शुरूआत की.

*बहुपक्षीय वायु अभ्यास का समापन*

भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित पांच दिवसीय बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास का समापन 16 मार्च 2018 को हो गया. इस अभ्यास का मकसद आपदा मोचन को बेहतर बनाने के लिए वायुसेनाओं की क्षमताओं और प्रक्रियाओं को साझा करना था.

मेजबान भारत के अलावा इस अभ्यास में श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात की वायु सेनाओं ने भाग लिया. 12 मार्च से शुरू हुए अभ्यास का ‘शीर्षक’ संवेदना’ रखा गया था. बहुपक्षीय मानवीय सहायता एवं आपदा राहत( एचएडीआर) अभ्यास का आयोजन भारतीय वायु सेना के दक्षिणी कमान द्वारा किया गया. इसमें भारतीय वायुसेना की रैपिड एक्शन मेडिकल टीम( आरएएमटी) की आपदा संबंधी तैयारियों और उसकी उड़ान क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया.

*भारत में करीब 6.25 लाख बच्चे रोजाना करते हैं धूम्रपान : अध्ययन*

भारत में 6.25 लाख से ज्यादा बच्चे रोजाना धूम्रपान करते हैं जो जन स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है. अध्ययन ‘ग्लोबल टोबैको एटलस’ के मुताबिक तंबाकू के सेवन से देश में हर हफ्ते 17,887 जानें जाती हैं. हालांकि यह आंकड़े मध्यम मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) वाले देशों में होने वाली औसत मौतों से कम है.

अमेरिकन कैंसर सोसायटी और वाइटल स्ट्रैटजीज द्वारा तैयार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में धूम्रपान की आर्थिक लागत 18,18,691 मिलियन रुपये है. इसमें स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी प्रत्यक्ष लागत और असामयिक मौत व अस्वस्थता के कारण उत्पादकता नष्ट होने से जुड़ी अप्रत्यक्ष लागत शामिल है. रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि मध्य मानव विकास सूचकांक वाले देशों के मुकाबले भारत में कम बच्चे सिगरेट पीते हैं.

*105 वी भारतीय विज्ञान कांग्रेस*

16 मार्च 2018 को इंफाल, मणिपुर में भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससीए) के 105 वें सत्र का शुभारंभ किया गया। इस पांच दिवसीय भारतीय विज्ञान कांग्रेस का विषय ‘Reaching the Unreached Through Science & Technology‘ है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन भारत के प्रमुख वैज्ञानिक संगठन भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ द्वारा किया जाता है।

यह दूसरा अवसर है, जब विज्ञान कांग्रेस उत्तर पूर्वी भारतीय राज्य में आयोजित की गई. इससे पूर्व वर्ष 2009 में शिलांग, मेघालय में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 97 वें सत्र का आयोजन किया गया था।

आईएससीए को 1914 में कोलकाता के मुख्यालय में शुरू किया गया था। यह सालाना जनवरी के पहले सप्ताह में भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन करता है। आईएससीसी की पहली बैठक जनवरी 1914 में एशियाटिक सोसायटी, कोलकाता में हुई थी। वह आईएससी का 104 वां संस्करण तिरुपति (आंध्र प्रदेश) में ” राष्ट्रीय विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी ” विषय के साथ आयोजित किया गया था।

Source: DDNews

*अंतर्राष्ट्रीय थियेटर ओलंपिक*

17 मार्च 2018 को भारत में पहली बार सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय थिएटर समारोह का आयोजन जयपुर, राजस्थान में किया गया। थियेटर ओलंपिक 2018 का आयोजन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) द्वारा रवींद्र मंच, समाज और कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार के सहयोग से संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में किया गया।
यह आयोजन सहमेजबान के रूप में राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही राज्य के लोग कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय मंच भी उपलब्ध कराएगा।

रंगमंच/थियेटर ओलंपिक एक अंतर्राष्ट्रीय त्योहार है, जो दुनिया भर के प्रसिद्ध थिएटर कलाकारों को एकत्रित होने का अवसर प्रदान करता है। यह वर्ष 1993 में डेल्फी, ग्रीस में स्थापित ग्रीक थियेटर डायरेक्टर थियोडोरस टेर्ज़ोपोलुस की एक पहल के रूप में स्थापित किया गया था। वर्ष 1995 में थिएटर ओलंपिक की मेजबानी करने वाले ग्रीस प्रथम देश था। तब से यह जापान (1999), रूस (2001), तुर्की (2006), दक्षिण कोरिया (2010) और चीन (2014) में आयोजित किया गया था। 2016 में पोलैंड में थियेटर के मेगा कार्निवल का 7 वां संस्करण आयोजित किया गया।

Source: Hindustan Times

*तमिलनाडु के थेनी (बोदी पहाड़ी) पर न्युट्रीनो प्रयोगशाला की स्थापना*

केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा तमिलनाडु के थेनी (बोदी पहाड़ी) पर न्युट्रीनो प्रयोगशाला की स्थापना संबंधी प्रस्ताव को सहमति प्रदान की गई।

इस परियोजना के तहत थेनी पहाड़ी के पास भूमिगत प्रयोगशाला में एक बड़ी गुफा और कई छोटी गुफाओं का निर्माण किया जाएगा, जिनकी लंबाई 19 मीटर और चौड़ाई 7.5 मीटर आकार की होगी।

यह परमाणु ऊर्जा विभाग एवं विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संयुक्त रुप से संबंधित है। इस परियोजना के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग नोडल एजेंसी है। इस परियोजना का उद्देश्य पार्टिकल न्युट्रीनो का अध्ययन करना है।

Source: The Hindu

*‘साथ-ई’ (SATH-E): नीति आयोग की परियोजना*

17 मार्च 2018 को केंद्रीय नीति आयोग ने 3 राज्य सरकारों ( झारखंड, मध्यप्रदेश और ओडिशा) के साथ मिलकर ‘साथ-ई’ (SATH-E) नामक परियोजना का शुभारंभ किया। इस परियोजना के माध्यम से नीति आयोग संबंधित राज्यों को स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए सहयोग प्रदान करेगा।

इस परियोजना के तहत व्यक्तिगत जिला व राज्य स्तर पर अनुकूलित माहौल और शिक्षा प्रदान की जाएगी।

‘साथ-ई’ (SATH-E) से तात्पर्य सस्टेनेबल एक्शन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग ह्यूमन कैपिटल इन एजुकेशन (Sustainable Action for Transforming Human Capital in education) है।

Source: PIB