दैनिक समसामयिकी 20 मार्च 2017

दैनिक समसामयिकी 20 March 2017(Monday)

1.सिंधु आयोग की बैठक आज से : 10 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद रवाना


• इस्लामाबाद में सोमवार से आरंभ हो रही स्थाई सिंधु आयोग (पीआईसी) की बैठक में भाग लेने के लिए 10 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को रवाना हो गया।भारत के सिंधु जल आयुक्त पीके सक्सेना, विदेश मंत्रालय के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। 

• सरकार के एक सूत्र ने कहा, भारत सिंधु जल संधि के तहत परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान की चिंताओं पर र्चचा करने और उनका समाधान करने को सदा तैयार है। सूत्र ने इस बात को दोहराया कि भारत की ओर से 57 साल पुरानी इस संधि के तहत अपने उचित अधिकारों को दोहन करने को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

• बहरहाल, इस बैठक के एजेंडे को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उरी आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से इस संधि पर बातचीत नहीं करने का फैसला करने के छह महीने के उपरांत यह बैठक होने जा रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या बैठक के एजेंडे को लेकर सहमति बनाने में विलंब से मुद्दों के समाधान के लिए कम समय मिलेगा तो सूत्र ने न में जवाब दिया। 

• सरकारी सूत्र ने कहा, हम इस तरह की बैठकों में हमेशा आशावादी सोच के साथ जाते हैं..अतीत में भी बैठक के एजेंडे को अंतिम रूप देने में विलंब होता रहा है। सूत्र ने याद दिलाया कि सात साल पहले उरी-2 और चटक पनबिजली परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान की चिंताओं का कैसे समाधान किया गया था।

• पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला और करगिल जिलों में बनी 240 मेगावाट की उरी-2 परियोजना तथा 44 मेगावाट की चटक परियोजना को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इनकी वजह से वह अपने हिस्से के पानी से वंचित रह जाएगा।बहरहाल, मई, 2010 में हुई बैठक में जब भारतीय पक्ष ने इन परियोजनाओं के बारे में विवरण दिया तो पाकिस्तान ने अपनी आपत्ति वापस ले ली। 

• इसी तरह पाकिस्तान पाकल डल, रातले, किशनगंगा, कलनाई परियोजनाओं को लेकर भी आपत्ति जताता रहा है। उसने पिछले साल अगस्त में विश्व बैंक का भी रुख किया था और किशनगंगा तथा रातले परियोजनाओं का मुद्दा उठाया था। 57 साल पहले विश्व बैंक की मध्यस्थता में ही दोनों देशों के बीच यह संधि हुई थी।

• वैसे, इस बात को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं है कि क्या इस्लामाबाद में होने जा रही बैठक में इन दोनों परियोजनाओं से संबंधित मुद्दे उठेंगे क्योंकि यह दोनों विश्व बैंक के समक्ष लंबित हैं।
2. पाक में हिंदू विवाह बिल बना कानून
• पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं की शादियों के नियमन का विधेयक राष्ट्रपति ममनून हुसैन की ओर से दी गई मंजूरी के बाद रविवार को कानून बन गया। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद पाकिस्तान के हिंदुओं को शादियों के नियमन के लिए एक विशेष ‘‘पर्सनल लॉ’ मिल गया। 

• प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सलाह पर पाकिस्तान के इस्लामी गणराज्य ने हिंदू विवाद विधेयक, 2017 को मंजूरी दे दी। इस कानून का मकसद हिंदू परिवारों के वैध अधिकारों एवं हितों की रक्षा करते हुए शादियों, परिवारों, माताओं और उनके बच्चों का संरक्षण करना है। 

• यह पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवारों की ओर से की जाने वाली शादियों के लिए एक ठोस कानून है। पीएम शरीफ ने कहा, उनकी सरकार ने पाक में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के लिए समान अधिकारों के प्रावधान पर हमेशा ध्यान दिया है। वह भी उतने ही देशभक्त हैं, जितने अन्य हैं और उन्हें समान संरक्षण प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
3. उ. कोरिया ने उच्च क्षमता वाले रॉकेट इंजन का टेस्ट किया
• उत्तर कोरिया ने रविवार को उच्च क्षमता वाले एक नए रॉकेट इंजन का परीक्षण किया जिसे उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन ने देश के अंतरिक्ष कार्यक्र म के लिए एक क्रांतिकारी सफलता करार दिया है।

• केसीएनए की खबर के अनुसार परीक्षण का निरीक्षण करते हुए नेता किम जोंग-उन ने ‘‘इस बात पर जोर दिया कि पूरी दुनिया जल्द ही देखेगी कि आज की महान विजय का क्या महत्व है।’ किम अपनी बात के जरिए यह संकेत दे रहे थे कि उत्तर कोरिया एक नया उपग्रह रॉकेट प्रक्षेपित करने की तैयारी कर रहा है। 

• केसीएनए ने कहा, नए इंजन के विकास से बाह्य अंतरिक्ष विकास क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपग्रह स्थापित करने की क्षमता के लिए जरूरी वैज्ञानिक एवं तकनीकी नींव रखने में मदद मिलेगी। रॉकेट इंजन को आसानी से मिसाइलों में प्रयोग किया जा सकता है। 

• बाहरी पर्यवेक्षकों का कहना है कि परमाणु हथियारों से लैस प्योंगयांग का अंतरिक्ष कार्यक्र म हथियार परीक्षणों को छिपाने के लिए है।नए अमेरिकी विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन अमेरिका के सहयोगी जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा करने के बाद शनिवार को पेइचिंग पहुंचे। 

• उन्होंने कहा, अमेरिका प्योंगयांग के साथ धैर्यपूर्वक कूटनीति चलाने की ‘‘विफल’ तरकीब पर अब काम नहीं करेगा। टिलरसन ने यह चेतावनी दी कि उत्तर कोरिया के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का विकल्प मौजूद है।
4. क्रूज शिपिंग नीति पर काम कर रही सरकार
• केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि भारत को  क्रूज़  शिपिंग के लिए वैश्विक  गंतव्य बनाने के लिए एक नीति पर काम चल रहा है तथा इस तरह के रूटों की पहचान की जा रही है तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जा रहा है।

• पोत परिवहन, सड़क व राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा, ‘‘इसके लिए एक उच्च स्तरीय कार्यबल गठित किया गया है और नियंतण्र सलाहकार खाका तैयार कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व घरेलू क्रूज़ सेवाओं के लिए पांच-पांच सर्किटों को चिन्हित किया जा रहा है और इस बारे में रपट इस साल मई तक आने की संभावना है। 

• भारत की तटीय सीमा 7,500 किलोमीटर है। इसको ध्यान में रखते हुए क्रूज़ टूर को बढ़ावा देने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। इसके तहत जहां नीतियों में ढील दी जा रही है वहीं बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। भारतीय क्रूज़ या पोत यात्रा के लिए दक्षिण पूर्व एशिया, भूमध्य सागर या कैरेबियाई देशों को जाते हैं। लेकिन पहली बार यूरोप की प्रमुख कंपनी कोस्टा क्रूज़ ने कोस्टा नियोक्लासिका हाल ही में भारत में शुरू की। 

• देश में क्रूज़ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यबल गठित किया गया है। 
5. नीति आयोग ने हल्के सुरक्षा कवच के लिए तैयार किया मसौदा
• नीति आयोग ने सैन्य और अर्धसैनिक बलों के लिए शरीर पर पहने जाने वाले सुरक्षा कवच के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन को मसौदा तैयार किया है।प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने नीति आयोग से घरेलू स्तर हल्के बाडी आर्मर्स के उत्पादन को प्रोत्साहन देने को रूपरेखा बनाने को कहा था। 

• एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आयोग ने अंशधारकों मसलन उद्योग के अलावा अर्धसैनिक बलों और सैन्य बलों के साथ इस बारे में विचार-विमर्श किया है।यह विचार इसलिए आगे बढ़ाया गया है कि क्योंकि भारतीय बलों द्वारा जिन बुलेट प्रूफ वस्त्रों तथा हेल्मेट का इस्तेमाल किया जाता है, वे काफी भारी होते हैं। इससे आतंकवादियों के साथ संघर्ष में बलों को काफी परेशानी आती है।

•  हालांकि, भारत शरीर रक्षा उपकरणों का प्रमुख निर्माता है लेकिन देश के सुरक्षाबलों को कई बार ऐसे सुरक्षा कवच उपलब्ध नहीं हो पाते हैं विशेष रूप से हल्के। एक अनुमान के अनुसार देश में पुलिस बल के लिए 50,000 से अधिक बुलेट प्रूफ किट की जरूरत होती है।
6. भारत में परमाणु संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित
• भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) के वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत में किसी भी परमाणु हादसे की आशंका बेहद कम है और देश के परमाणु रिएक्टर पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसलिए लोगों को विकिरण या अन्य किसी आशंका के चलते परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के प्रति शंकालु नहीं होना चाहिए।

• हाल में परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा मुंबई स्थित बार्क में परमाणु ऊर्जा पर आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला में परमाणु वैज्ञानिकों ने कहा कि परमाणु संयंत्रों के आसपास के लोगों को विकिरण या किसी हादसे की आशंका को लेकर भयभीत नहीं होना चाहिए, क्योंकि देश के परमाणु प्रतिष्ठान पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनसे होने वाला विकिरण नियत सीमा से भी सैकड़ों गुना कम होता है।

• इस दौरान बार्क की विकिरण सुरक्षा पण्राली के प्रमुख और स्वास्य सुरक्षा एवं पर्यावरण समूह के निदेशक डॉ. केएस प्रदीप कुमार ने कहा कि परमाणु संयंत्रों को लेकर देश में विगत में कुछ जगहों पर हुआ विरोध प्रदर्शन लोगों के मन में व्याप्त गलत धारणा का नतीजा था।

• दिल्ली के मायापुरी में हुई विकिरण की घटना के समय रेडियोधर्मिता के स्रेत का पता लगाने वाले कुमार ने कहा कि देश में किसी परमाणु हादसे की संभावना बेहद कम है और भारत के परमाणु रिएक्टर पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में गलत धारणा है कि परमाणु संयंत्रों की वजह से आसपास के इलाकों में विकिरण होता है और इससे स्वास्य पर विपरीत असर पड़ता है।

• बार्क के स्वास्य सुरक्षा एवं पर्यावरण समूह के निदेशक ने विकिरण को जीवन का हिस्सा बताते हुए कहा, ‘‘हम सभी विकिरण के साथ ही पैदा होते हैं। कुछ विकिरण स्वास्य के लिए अच्छा होता है । खाने-पीने, चलने-फिरने और यात्रा करने जैसी हमारी हर गतिविधि में विकिरण होता है। पानी पीने, दूध पीने, बीयर पीने, हर चीज में विकिरण है।’ परमाणु वैज्ञानिक के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को प्राकृतिक पृष्ठभूमि से प्रतिवर्ष 2,400 माइक्रो सीवर्ट विकिरण मिलता है। नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र की सीमा के 1.6 किलोमीटर तक विकिरण स्तर 1,000 माइक्रो सीवर्ट की अनुमत सीमा का महज एक से दो प्रतिशत ही होता है । 
7. मणिपुर में आर्थिक नाकेबंदी खत्म
• मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद राहत की खबर है। पिछले पांच महीने से राज्य  में यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) के आह्वान पर जारी आर्थिक नाकाबंदी रविवार मध्य रात्रि से खत्म हो जाएगी। 

• केंद्र, राज्य सरकार और नगा समूहों के बीच बातचीत के बाद यह सहमति बनी। इबोबी सिंह के नेतृत्व में पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा सात नए जिले बनाने के विरोध में यूएनसी ने एक नवंबर से आर्थिक नाकाबंदी लागू किया था। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

• सेनापति जिला मुख्यालय में त्रिपक्षीय बातचीत के बाद नाकाबंदी खत्म करने को लेकर संयुक्त बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि यूएनसी के गिरफ्तार नेताओं को बिना शर्त रिहा किया जाएगा। इसके अलावा आर्थिक नाकाबंदी को लेकर नगा जनजाति नेताओं और छात्र नेताओं के खिलाफ मुकदमे वापस लिए जाएंगे। 

• राजनीतिक स्तर पर त्रिपक्षीय वार्ता का अगला दौर एक महीने के भीतर होगा। संयुक्त बयान पर केंद्रीय गृह मंत्रलय में संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग, मणिपुर के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) जे. सुरेश बाबू, आयुक्त (निर्माण) राधाकुमार सिंह, यूएनसी के महासचिव एस. मिलन और ऑल नगा स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सेठ शतसंग ने हस्ताक्षर किए। 

• इससे पहले नाकाबंदी खत्म करने को लेकर सात फरवरी को इंफाल में त्रिपक्षीय वार्ता विफल हो गई थी। उससे पहले चार फरवरी को संबंधित पक्षों ने दिल्ली में बैठक की थी जिसमें केंद्र सरकार ने उम्मीद जताई थी कि नाकाबंदी जल्द खत्म होगी। 

• नाकेबंदी खत्म होने से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी। जरूरी सामग्रियों की आपूर्ति फिर से शुरू हो जाएगी। नाकाबंदी के कारण ईंधन और दवाइयों की भारी किल्लत हो गई थी। हालात यह हो गए थे कि विमानों से ईंधन पहुंचाना पड़ रहा था। मणिपुर में भाजपा की सरकार बनने और केंद्र की पहल के बाद हाईवे का घेराव खत्म करने पर सहमति बनी। 
8. भारत को घेरने के लिए श्रीलंका और नेपाल दौरे पर निकले चीन के रक्षा मंत्री
• भारत को चारों ओर से घेरने के लिए चीन ने कोशिशें तेज कर दी है। चीन के रक्षा मंत्री चांग वानक्वान रविवार से श्रीलंका और नेपाल के दौरे पर रवाना हो गए। चीन इन दोनों देशों पर अपना प्रभाव बढ़ाने में जुटा है। रक्षा मंत्री के साथ नौसेना के उपाध्यक्ष सू झीकियान भी हैं। 

• चीन ने यात्रा का ब्योरा नहीं दिया है। लेकिन चीन के रक्षा मंत्री ने दिसंबर में कहा था कि चीन 2017 में नेपाल के साथ पहला सैन्य अभ्यास करेगा। वर्ष 2014 में श्रीलंका ने चीनी पनडुब्बी और युद्धपोत को अपने बंदरगाह पर रुकने की इजाजत दी थी। 

• चीन ने श्रीलंका के हवाई अड्‌डों, सड़कों, रेलवे और बंदरगाहों पर भारी निवेश किया है। चारों तरफ समुद्र से घिरे देश की 2.1 करोड़ की आबादी को चीन ‘वन बैल्ट वन रोड’ मिशन से जोड़ना चाहता है। चीन मालदीव और बांग्लादेश से भी रक्षा संबंध तेजी से विकसित कर रहा है 

• भारत चीन की तैयारियों को पैनी नजर से देख रहा है। उत्तर में चीन के साथ उसकी सीमा विवाद है। वहीं, भारत का पुराना परंपरागत शत्रु पाकिस्तान चीन का लंबे समय से दोस्त है। चीन ने वहां 46 अरब डॉलर की लागत से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा बनाया है। यह पीओके से होकर जा रहा है इसलिए भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई है।
9. सौम्या स्वामीनाथन संयुक्त राष्ट्र समूह में नियुक्त
• भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) की निदेशक सौम्या स्वामीनाथन को संयुक्त राष्ट्र के एक उच स्तरीय समूह में नियुक्त किया गया है। 

• संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटेनियो गुतेरस ने इस समूह का गठन दुनिया भर में रोगाणुरोधी कार्यक्रम के लिए किया है। यह समूह अनुभव साझा करने के साथ ही समन्वय का काम करेगा। 

• समूह की सह अध्यक्षता उप महासचिव अमीना मुहम्मद और विश्व स्वास्थ्य संगठन की महानिदेशक मार्गरेट चान करेंगी। स्वामीनाथन भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रलय के स्वास्थ्य शोध विभाग की सचिव भी हैं। 

• कई पुरस्कार जीत चुकीं बाल रोग विशेषज्ञ 57 वर्षीय स्वामीनाथन को टीबी पर उनके शोध कार्यो के लिए भी जाना जाता है।

• आइसीएमआर की वेबसाइट के अनुसार, स्वामीनाथन ने 1992 में टीबी रिसर्च सेंटर, चेन्नई में काम शुरू किया था। उनको स्वास्थ्य शोध के क्षेत्र से जुड़े 23 साल हो गए हैं। 

• पुणे  के आर्म्ड  फोर्सेस मेडिकल कॉलेज से उन्होंने एमबीबीएस और नई दिल्ली के एम्स से एमडी की डिग्री ली। उन्हें लॉस एंजिलिस के बाल अस्पताल से फेलोशिप भी मिली हुई है।