दैनिक समसामयिकी 21 जुलाई 2018

दैनिक समसामयिकी

21 July 2018(Saturday)

1.लोकसभा में गिरा विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव
• विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव भारी मत से खारिज हो गया। सरकार को 325 मत मिले, जो विपक्ष के खाते से लगभग तीन गुना थे। उससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी के हर आरोप का न सिर्फ तीखा जवाब दिया, बल्कि आगामी चुनाव का आधार भी तैयार किया।
• वह विपक्षी गठबंधन के ढीले तारों को भी झकझोरते दिखे। यह भी स्पष्ट कर दिया कि 2019 के लिए तो विपक्ष को कोई ख्वाब नहीं देखना चाहिए। राहुल ने उन्हें राफेल में ‘भागीदार’ ठहराया तो उन्होंने इसे हथियार बनाते हुए कहा कि वह चौकीदार भी हैं और देश के करोड़ों गरीबों, युवाओं, कामगारों के सपनों के भागीदार भी।
• प्रधानमंत्री ने सीधे-सीधे कहा कि कांग्रेस की ओर से जिस तरह उतावलापन और बचकाना दिखाया जा रहा है वह देश के लिए ठीक नहीं है। मोदी हटाओ ही उनका एकमात्र मुद्दा है। राहुल को यहां पहुंचने की जल्दी है। बिना चर्चा, बिना वोटिंग मुझे उठने को कहा गया। मैं भी हैरान रह गया। मैं चार साल के काम के बल पर खड़ा हूं, अड़ा भी हूं।
• 2024 में अविश्वास प्रस्ताव के लिए राहुल को शक्ति दें भगवान : कांग्रेस की ओर से महागठबंधन का खाका बुना जा रहा है। मोदी ने उस पर भी तंज किया और कहा कि 2019 में कांग्रेस के बड़ा दल बनने पर प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देखा जा रहा है, लेकिन उन साथियों का क्या जो प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं।
• यह सरकार का फ्लोर टेस्ट नहीं है, बल्कि कांग्रेस के तथाकथित साथियों का सपोर्ट टेस्ट है, लेकिन ऐसा कुछ होने नहीं जा रहा है। राहुल की शिवभक्ति पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि भगवान उन्हें इतनी शक्ति दें कि 2024 में वह फिर से राजग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकें।
• राफेल-डोकलाम पर चेताया : राफेल और डोकलाम जैसे मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने आगाह किया। उन्होंने कहा कि जब डोकलाम पर स्थिति संभाल रहे थे तो आप चीन के राजदूत से बात कर रहे थे। देश के विषयों पर गंभीरता होनी चाहिए, हर जगह बचकानी हरकत से बचना चाहिए।
• देश की सुरक्षा के विषयों पर इस प्रकार का खेल देश माफ नहीं करेगा। राफेल के साथ भी ऐसा ही हुआ। यह समझौता दो देशों के बीच हुआ है और पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ है। प्रार्थना है कि इतने संवेनदशील मुद्दे पर बचकाने बयान से बचा जाए। सर्जिकल स्ट्राइक को जुमला बताना भी बचकाना है।
• आंध्र के विशेष दर्जे का भी जवाब दिया : बहस की शुरुआत आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे से हुई थी। उन्होंने उनका भी जवाब दिया और कहा कि टीडीपी ने अपनी विफलता छुपाने के लिए यूटर्न लिया है।
• चंद्रबाबू से फोन पर कहा था कि बाबू आप वाईएसआर के जाल में फंस रहे हो। उन्होंने कालाधन, जीएसटी, आयुष्मान भारत और रोजगार जैसे कई मुद्दों पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

2. अनुच्छेद 366 को संशोधित करने पर विचार करेगी सरकार
• सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में आश्वासन दिया कि वह संविधान के अनुच्छेद 366 को संशोधित करने के लिए एक संविधान संशोधन विधेयक लाए जाने के बारे में विचार करेगी और इसके लिए सम्बद्ध पक्षों से विस्तृत विचार विमर्श करेगी।
• केंद्रीय कानून राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने शुक्रवार को सदन में तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय के निजी विधेयक पर चली र्चचा में हस्तक्षेप करते हुए यह आश्वासन दिया, उनके आश्वासन के बाद राय ने अपना विधेयक वापस ले लिया।
• चौधरी ने न्यायधीशों की नियुक्ति के संबंध में संविधान के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि न्यायपालिका को निष्पक्ष रहना चाहिए और हम उसकी स्वतंत्रता बरकरार रखे जाने के समर्थक हैं लेकिन उनकी नियुक्ति के सन्दर्भ में संविधान में मुख्य न्यायधीश से सलाह मशविरा शब्द की परिभाषा का अर्थ सहमति नहीं है।
• उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर व्यापक अध्ययन और विचार विमर्श के बाद ही कोई विधेयक लाने पर सरकार विचार करेगी इसलिए हम राय से इसे वापस लेने का अनुरोध करते हैं।
• राय का कहना था कि संविधान में प्रयुक्त शब्द सलाह मशविरा की मनमानी व्याख्या नहीं की जा सकती और उसे राष्ट्रपति पर थोपा नहीं जा सकता।

3. इस्लाम में मस्जिद अनिवार्य नहीं बताने के फैसले को विचार के लिए संविधान पीठ को भेजा जाए या नहीं? सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित
• अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद मामले में 1994 के इस्माइल फारूकी केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पुनर्विचार के लिए संविधान पीठ भेजा जाए या नहीं? इस मुद्दे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में बहस पूरी हो गई। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
• बेंच ने पक्षकारों से कहा कि वे 24 जुलाई तक अपनी दलीलें लिखित में पेश करें। मुस्लिम पक्षकार ने इस्माइल फारूकी केस में सुप्रीम कोर्ट के 1994 के फैसले को फिर से विचार करने के लिए पांच जजों की संविधान बेंच के पास भेजने की अपील की थी। सुप्रीम काेर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है।
• मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का असर पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने 1994 में अयोध्या में भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाले डॉ. एम इस्माइल फारूकी के मामले में दिए फैसले में कहा था कि नमाज के लिए मस्जिद इस्लाम धर्म का अभिन्न हिस्सा नहीं है।
• मुसलमान कहीं भी नमाज पढ़ सकते हैं। यहां तक कि खुले में भी नमाज अदा की जा सकती है। यह बात फैसले के पैराग्राफ 82 में कही गई थी। अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकार एम सिद्दिकी के वकील राजीव धवन ने गत 5 दिसंबर को इस फैसले पर सवाल उठाते हुए मामला पुनर्विचार के लिए संविधान पीठ को भेजे जाने की मांग की थी।

4. अमेरिका में होगी ट्रंप-पुतिन की मुलाकात
• अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस वर्ष के बाद बातचीत के लिए अमेरिका आने के लिए आमंत्रित किया है। यह घोषणा व्हाइट हाउस ने की है। कुछ दिनों पहले ट्रंप ने हेलसिंकी में रूसी नेता पुतिन के साथ पहली शिखर वार्ता के बाद अपनी टिप्पणियों को लेकर दोनों दलों की आलोचना का सामना किया था।
• ट्रंप को इसको लेकर गत सोमवार को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा कि उन्होंने अमेरिकी गुप्तचर समुदाय के इस आकलन का समर्थन नहीं किया कि रूस ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया था जिसमें उन्होंने जीत दर्ज की थी। ट्रंप की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रपति पुतिन को शरद ऋतु में अमेरिका में आमंत्रित किया है।
• उन्होंने ट्वीट किया कि यात्रा को लेकर र्चचा जारी है। उन्होंने कल एक ट्वीट में कहा, हेलसिंकी में अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के सुरक्षा परिषदों के कर्मियों के बीच कामकाजी स्तर का संवाद जारी रहने पर सहमति जताई थी।
• राष्ट्रपति ट्रंप ने जॉन बोल्टन (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) से कहा है कि वह पुतिन को जल्द वाशिंगटन आने का न्योता भेजें। इस पर र्चचा पहले से चल रही है।’’यह ट्वीट ट्रंप के उस ट्वीट के कुछ घंटे बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह फिर से पुतिन से मुलाकात करने के बारे में सोच रहे हैं ताकि इस हफ्ते हुई वार्ता के दौरान जिन मुद्दों पर र्चचा हुई थी उन पर काम शुरू किया जा सके।
• ऐसा प्रतीत हुआ कि यह घोषणा नेशनल इंटेलीजेंस के निदेशक डैन कोट्स के लिए एक आश्र्चय की तरह आयी जिन्हें इस बारे में कोलोराडो प्रांत में एस्पेन सिक्युरिटी फोरम में चल रहे एक सीधे साक्षात्कार में बताया गया।
• उन्होंने कहा, ‘‘यह कुछ खास होने वाला है।’ कोट्स ने यह भी बताया कि उन्हें ज्ञात नहीं है कि हेलसिंकी में ट्रंप और पुतिन के बीच क्या र्चचा हुई। यह घोषणा कि पुतिन अमेरिका यात्रा को लेकर बातचीत कर रहे हैं, ऐसे समय आयी है जब विशेष काउंसेल रॉबर्ट मुलर 2016 के अमेरिका चुनाव में रूस के हस्तक्षेप की जांच कर रहे हैं।
• डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टी अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप द्वारा पुतिन के साथ हेलसिंकी में संवाददाता सम्मेलन के दौरान अमेरिकी गुप्तचर समुदाय के इस दावे का समर्थन नहीं करने के लिए आलोचना की कि रूस ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया था। विवाद के बाद ट्रंप को संवाददाता सम्मेलन में अपने ही शब्दों को सही करना पड़ा।
• रिपब्लिकन पार्टी से सिनेटर जेफ फ्लैक ने हेलसिंकी में संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप के प्रदर्शन को ‘‘शर्मनाक’ बताया। रिपब्लिकन सिनेटर जॉन मैकेन ने कहा कि किसी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा यह ‘‘सबसे शर्मनाक प्रदर्शन’ है। हालांकि ट्रंप ने शिखर बैठक को ‘‘बहुत सफल’ करार दिया और राजनीतिक आलोचना को ‘‘बेवजह’ बताया जो कि ‘‘फर्जी समाचार मीडिया’ से निर्मित हुआ है।

5. मोदी, शी ब्रिक्स सम्मेलन से इतर करेंगे मुलाकात
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जोहांसबर्ग में अगले हफ्ते ब्रिक्स सम्मेलन से इतर होने वाली मुलाकात में अमेरिका के व्यापार युद्ध और उसकी संरक्षणवादी व्यापार नीति पर र्चचा करेंगे।
• चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध जारी है और इस बीच नई दिल्ली ने पिछले माह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय इस्पात और एल्युमिनियम पर ज्यादा कर बढ़ाने के निर्णय के प्रतिक्रिया स्वरूप 30 अमेरिकी उत्पादों पर कर बढ़ाने का निर्णय लिया था।
• चीनी मंत्रालय ने कहा कि शी और मोदी 25 जुलाई से शुरू होने वाले ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका(ब्रिक्स) की तीन दिवसीय बैठक से इतर जोहांसबर्ग में आपसी मुलाकात करेंगे।
• विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हू चुनयिंग ने कहा, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका जाएंगे..सम्मेलन के इतर, शी भारत और अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बैठक से संबंधित विवरण पर बातचीत हो रही है। क्या अमेरिका के व्यापार युद्ध के बारे में दोनों नेताओं के बीच र्चचा होगी?
• हुआ ने कहा, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, ब्रिक्स सहयोग और साझा हित के अन्य मुद्दों पर बातचीत होगी। जहां तक अमेरिकी व्यापार संरक्षणवाद और एकलवाद की बात है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस मुद्दे को लेकर व्यापक चिंता बढ़ी है।
• हुआ ने कहा, चीन और भारत बहुपक्षीय, मुक्त व्यापार और दुनिया की ओर खुली अर्थव्यवस्था की नीति अपनाते हैं। इस परिपेक्ष्य में दोनों आम सहमति रखते हैं। मुझे लगता है कि इन मुद्दों के साथ दोनों नेता साझा हित के अन्य मुद्दे पर विचार साझा करेंगे।

6. ‘‘2 प्लस 2’ वार्ता 6 सितम्बर को
• भारत और अमेरिका के बीच यहां छह सितम्बर को होने वाली ‘‘2प्लस2’ वार्ता के दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और नियंतण्र मुद्दों पर र्चचा की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी । बहु प्रतीक्षित ‘‘2 प्लस 2’ वार्ता की तारीख का ऐलान वा¨शगटन और नई दिल्ली में हुआ।
• यह वार्ता पहले छह जुलाई को वा¨शगटन में होनी थी, लेकिन अमेरिकी विदेशी मंत्री माइकल आर पोम्पिओ की उत्तर कोरिया की यात्रा की वजह से इसे टाल दिया गया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण क्रमश : अपने अमेरिकी समकक्षों पोम्पिओं और जेम्स मैटिस की यहां छह सितम्बर को वार्ता के लिए मेजबानी करेंगी।
• वार्ता की तारीख का ऐलान करते हुए कुमार ने कहा, ‘‘2 प्लस 2’ बैठक में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और साझा हितों के नियंतण्र स्तर के तमाम मुद्दों पर र्चचा की जाएगी। इसका मकसद दोनों देशों के बीच रणनीतिक और सुरक्षा रिश्तों को मजबूती प्रदान करना है। ‘‘2 प्लस 2’ प्रारूप के तहत स्वराज और सीतामरण अमेरिकी विदेशी मंत्री पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मैटिस से वार्ता करेंगी।
• वार्ता के इस नए प्रारूप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वा¨शगटन यात्रा के दौरान पिछले साल 26 जून को अंतिम रूप दिया गया था। पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा था कि जब दोनों देश पहली बार ‘‘2 प्लस 2’ वार्ता आयोजित करेंगे तब यह भारत और अमेरिका के रिश्ते में मील का नया पत्थर साबित होगा।
• दोनों देशों ने कई बार वार्ता के लिए तारीख तय करने की कोशिश की है। इस साल के शुरू में भी इस वार्ता को टाल दिया गया था क्योंकि तब तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पोम्पिओ की विदेश मंत्री के तौर पर पुष्टि करने पर अनिश्चितता थी।
• अप्रैल में पोम्पिओ को विदेश मंत्री बनाया गया। यह वार्ता दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों को आगे बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। दोनों पक्ष भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर र्चचा कर सकते हैं जहां चीन अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। भारत वार्ता के दौरान ट्रंप प्रशासन के रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव को उठा सकता है।

7. भारत से पूंजी बाहर जाने का जोखिम
• व्यापार संबंधी मुद्दों तथा ऊंची ब्याज दरों की वजह से भारत से पूंजी बाहर जाने का जोखिम है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है।
• हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल ऐसा जोखिम 2013 की तुलना में कुछ कम रहेगा।एसएंडपी की रिपोर्ट ‘‘एपीएसी इकनामिक स्नैपशाट्स – जुलाई 2018’ में कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र की वृहद आर्थिक वृद्धि रफ्तार कायम है।
• हालांकि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर तनाव चल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से आर्थिक आंकड़े कुल मिलाकर सकारात्मक बने हुए हैं। खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) 50 से ऊपर है जो एक व्यापक और मजबूत रुख का संकेतक है।
• एसएंडपी ने कहा, ‘‘हाल के सप्ताहों में रुपया स्थिर हुआ है। हालांकि व्यापार मुद्दों तथा ऊंची ब्याज दरों की वजह से भारत से पूंजी की निकासी हो सकती है।’ रिपोर्ट कहती है कि ऋण की वृद्धि भी रफ्तार पकड़ रही है।
• व्यापार वृद्धि मजबूत है लेकिन कच्चे तेल के ऊंचे दाम कुल बाहरी संतुलन को झटका दे रहे हैं। कच्चे तेल के ऊंचे दामों की वजह से मुद्रास्फीति भी ऊंची है।
• रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘हालांकि पूंजी की निकासी की दृष्टि से भारत संवेदनशील बना हुआ है लेकिन 2013 की तुलना में यह जोखिम कम है। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों की वजह से भारत से पूंजी निकासी का जोखिम बना हुआ है।’

8. आस्टेलियाई पिच ब्लैक युद्धाभ्यास में पहली बार भाग लेगी भारतीय वायुसेना
• ऑस्ट्रेलिया की वायुसेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय वायुसैनिक अभ्यास पिच ब्लैक-2018 में भारत पहली बार भाग लेने जा रहा है। 24 जुलाई से 18 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस वायुसैनिक अभ्यास में भारत अपना लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआइ के अलावा हक्यरूलिस और ग्लोबमास्टर विमानों को भी भेजेगा।
• हर दो साल में आयोजित होने वाले इस बहुराष्ट्रीय वायुसैनिक अभ्यास में दुनिया भर की दर्जन भर से अधिक वायुसेनाएं भाग लेंगी। इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया के अलावा अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और थाइलैंड की वायुसेना भाग लेंगी। युद्धाभ्यास में भाग लेने जा रही भारतीय सैन्य टुकड़ी में 145 हवाई योद्धा होंगे जिसमें वायुसेना की गरुड़ कमांडो टीम भी शामिल होगी।
• इस अभ्यास में भाग ले रहे वायुसेना के चार सुखोई-30 एमकेआइ विमानों के अलावा एक सी-130 हक्यरूलिस और एक सी-17 ग्लोबमास्टर विमान आस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुए हैं। अभ्यास में भाग ले रही भारतीय टीम की अगुआई ग्रुप कैप्टन सीयूवी राव करेंगे। आसमानी युद्ध का अभ्यास एक नियंत्रित माहौल में आयोजित होगा और इस दौरान विभिन्न वायुसेनाएं एक- दूसरे की कार्य प्रक्रियाओं से समङोंगी और इसे साझा करेंगी। इस अभ्यास से भारतीय वायुसेना की समाघात रणनीति को अधिक धारदार बनाने का मौका मिलेगा।
• अभ्यास की खास बात यह होगी कि सुखोई-30 एमकेआइ विमान कलईकुंडा वायुसैनिक अड्डा से उड़ान भर कर सीधे ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे और इस दौरान उन्हें हवा में ईंधन की सप्लाई वायुसेना के टैंकर विमान आईएल-78 द्वारा की जाएगी। ये विमान ऑस्ट्रेलिया के डारविन वायुसैनिक अड्डे से इंडोनेशिया के सुबांग वायुसैनिक अड्डे के लिए जब वापसी की उड़ान भरेंगे, तब ऑस्ट्रेलियाई वायुसेना के केसी-30ए टैंकर विमान सुखोई-30 में ईंधन भरेंगे।
• ऑस्ट्रेलिया जाते और लौटते वक्त भारतीय वायुसैनिकों को मलेशिया और इंडोनेशिया की वायुसेनाओं के साथ भी अपने अनुभव साझा करने का मौका मिलेगा ।
• ज्ञात हो, आपसी संबंधों और विश्वास को मजबूती देने के लिए अब तमाम देशों ने बहुराष्ट्रीय सैन्य युद्धाभ्यास करना शुरू कर दिया है। इससे जहां देशों के बीच आपसी संबंधों में प्रगाढ़ता आती हैं, वहीं विभिन्न देशों को सेनाओं के काम करने के तरीके पता चलते हैं।

9. एचआइवी से लड़ने में भारत सफल : यूएन की रिपोर्ट 2010 से 2017 के बीच संक्रमण के मामलों में आई भारी गिरावट
• एचआइवी-एड्स उन्मूलन को लेकर भारत के प्रयासों के बेहतर परिणाम आ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2010 से 2017 के बीच भारत में एचआइवी संक्रमण के नए मामलों, एड्स से होने वाली मौतों और एचआइवी संक्रमित लोगों की संख्या में भारी गिरावट आई है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान और फिलीपींस में यह महामारी तेजी से बढ़ रही है।
• इन स्थानों पर कार्यक्रम का दिखा लाभ : ज्वाइंट यूएन एजेंसी ऑन एड्स (यूएनएड्स) की रिपोर्ट ‘माइल्स टू गो’ में कहा गया है कि एशिया और प्रशांत महासागर के आसपास स्थित देशों में एचआइवी उन्मूलन कार्यक्रम से लाभ हो रहा है।
• 2010 से 2017 के बीच भारत, कंबोडिया, म्यांमार, थाइलैंड और वियतनाम में एचआइवी संक्रमण के मामलों में भारी कमी आई है। वैश्विक स्तर पर हालांकि स्थिति अब भी चिंताजनक है।
• क्या कहते हैं आंकड़े : भारत में 2010 में जहां एचआइवी संक्रमण के नए मामलों की संख्या एक लाख 20 हजार थी, वहीं 2017 में यह 88 हजार रह गई। एड्स के कारण जान गंवाने वालों की संख्या भी एक लाख 60 हजार से घटकर 69 हजार पर आ गई। एचआइवी संक्रमित लोगों की संख्या 23 लाख से घटकर 21 लाख पर पहुंच गई। यह भारत की सामाजिक सुरक्षा नीति के उचित क्रियान्वयन से संभव हो पाया है।
• वैश्विक स्तर पर एचआइवी अब भी बड़ा खतरा : यूएनएड्स के मुताबिक पिछले सात सालों में वैश्विक स्तर पर एचआइवी मामलों की वृद्धि दर में मात्र 18 फीसद की गिरावट आई है। 2010 में दुनियाभर में 18 लाख लोग इस बीमारी के वायरस से संक्रमित थे। 2017 में इनकी संख्या 22 लाख थी। महिलाएं अब भी इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित हैं।
• रिपोर्ट में कहा गया है कि यौन कर्मी, समलैंगिक पुरुष, कैदी, शरणार्थी और ट्रांसजेंडर सबसे ज्यादा इससे पीड़ित हैं। एचआइवी उन्मूलन कार्यक्रमों में इन लोगों को नजरअंदाज किया जाता है, जबकि इस महामारी को खत्म करने के लिए इन लोगों तक पहुंचने की आवश्यकता है।