दैनिक समसामयिकी 24 अप्रैल 2017

1. वर्ष 2017 के प्रतिष्ठित (ग्रीन नोबेल) गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार विजेता है ?

प्रफुल्ल सामंत

अन्ना हजारे

ज्योति चटर्जी

कैलाश आप्टे
प्रफुल्ल सामंत
सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल्ल सामंत को नियामगिरि पहाड़ियों के विशाल एल्युमीनियम को संरक्षण देने के लिए किए गए ऐतिहासिक 12 वर्षीय कानूनी लड़ाई के लिए वर्ष 2017 के प्रतिष्ठित गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है. 18 अप्रैल, 2013 को ऐतिहासिक फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय समुदायों को अपनी जमीन पर खनन परियोजनाओं में अंतिम फैसला देने की शक्ति प्रदान की। इसके बाद, नियामगिरी पहाड़ियों की गांव परिषदों ने सर्वसम्मति से खदान के खिलाफ मतदान किया। अगस्त 2015 में, वेदांत ने उस क्षेत्र में अपनी एल्यूमीनियम रिफाइनरी बंद करने की घोषणा की।
2.वर्ष 2017 के नेशनल यूथ एथलेटिक्स मीट में पुरुष वर्ग की विजेता टीम है ?

केरल

हरियाणा

उत्तर प्रदेश

पंजाब
हरियाणा
24 अप्रैल 2017 को हरियाणा में नेशनल यूथ एथलेटिक्स मीट में पुरुष वर्ग की ट्रॉफी जीती. हरियाणा टीम ने पिछले 5 सालों की विजेता टीम केरल को हराकर यह चैंपियनशिप जीती है. हमें ध्यान देना चाहिए कि नेशनल यूथ एथलेटिक्स मीट बैंकॉक में एशियाई चैंपियनशिप और नैरोबी में आयोजित वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीमों के खिलाड़ियों का चयन हेतु उत्तरदाई है।
3. प्रतिवर्ष भारत में राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस आयोजित किया जाता है ?

24 अप्रैल

25 अप्रैल

23 अप्रैल

22 अप्रैल
24 अप्रैल
भारत में प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस आयोजित किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्यों के ग्राम पंचायतों को व्यवस्थित करने और आवश्यक शक्ति और अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाना होता है. हमें ध्यान देना चाहिए कि 24 अप्रैल 1993 को संविधान (73 वें संशोधन) अधिनियम, 1992 को पारित किया गया था. इसके उपरांत देश में प्रथम राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस का आयोजन वर्ष 2010 में किया गया।
4. पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के अनुसार भारत विश्व का LPG आयातक देश है ?

तृतीय

द्वितीय

प्रथम

चतुर्थ
द्वितीय
24 अप्रैल 2017 को पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के अनुसार जारी आंकड़ों के अनुसार भारत चीन के उपरांत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक देश है. भारत का एलपीजी आयात 2016-2017 के वित्तीय वर्ष के दौरान 23% बढ़कर 11 मिलियन टन हो गया. हमें ध्यान देना चाहिए कि भारत में मार्च 2019 तक 80% परिवारों को एलपीजी पहुंचाने का महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है जिसके अनुसार भारत में वर्ष 2031-32 तक इंधन की मांग 35 लाख टन तक पहुंच जाएगी।
5. देश का प्रथम राज्य, जहां भूगर्भ में मेट्रो सुरंग का निर्माण प्रारंभ हुआ ?

पश्चिमी बंगाल

उत्तर प्रदेश

आंध्र प्रदेश

तमिलनाडु
पश्चिमी बंगाल
23 अप्रैल 2017 देश की प्रथम भूगर्भ मेट्रो सुरंग का निर्माण कार्य हुगली नदी के नीचे प्रारंभ किया गया. यह मेट्रो सुरंग हुगली के दोनों तरफ स्थित हावड़ा और कलकत्ता शहरों को जोड़ने का कार्य करेगी. यह 520 मीटर लंबी मेट्रो सुरंग पृथ्वी की सतह से 30 मीटर नीचे की गहराई पर खोदी जा रही है, जो कोलकाता के पूर्वी हिस्से को हावड़ा मैदान से जोड़ने वाली बहु-प्रतीक्षित 8,900 करोड़ मूल्य की पूर्व-पश्चिम मेट्रो/Kolkata Metro Line 2 परियोजना का महत्वपूर्ण है।

1.सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने पेश किया 15 साल का दृष्टि पत्र

• सरकारी शोध संस्थान ने 15 साल के अपने दृष्टिपत्र में ऐसे नए भारत का सपना बुना है जिसमें देश के सभी नागरिकों को शौचालय की सुविधा, दुपहिया या कार, एसी व डिजिटल कनेक्टिविटी हो। इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था में तीन से ज्यादा वृद्धि होने का आकलन किया गया है।

• नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने 2031-32 के लिए दृष्टिपत्र रविवार को संचालन परिषद की बैठक में रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लगभग सभी मुख्यमंत्री शामिल थे।

• ‘‘भारत 2031-32 : दृष्टिकोण, रणनीति व कार्ययोजना एजेंडा’ में एक ऐसे भारत का सपना देखा गया है जिसमें पूरी तरह शिक्षित समाज हो और सार्वभौमिक स्वास्य सुविधा उपलब्ध हो। इसके साथ ही इस दृष्टि पत्र में सड़कों, हवाई अड्डों व जलमागरे के बड़े व आधुनिक नेटवर्क की बात की गई है। 

• इसमें ऐसे स्वच्छ भारत की कल्पना है जिसमें हर नागरिक को अच्छी हवा व स्वच्छ पानी सुनिश्चित हो।इसका मानना है कि प्रति व्यक्ति आय 2031-32 में बढ़कर तीन गुना यानी 3.14 लाख रपए हो जाएगी जो कि 2015-16 में 1.06 लाख रपए थी। इसमें कहा गया है कि देश का सकल घरेलू उत्पाद यानी अर्थव्यवस्था 469 लाख करोड़ रपए तक पहुंच जाएगी। 

• वर्ष 2015-16 में यह 137 लाख करोड़ रपए रही। दृष्टि पत्र के अनुसार केंद्र व राज्य का कुल व्यय 2031-32 तक 92 लाख करोड़ रपए बढ़कर 130 लाख करोड़ रपए हो जाएगा जो कि 2015-16 में 38 लाख करोड़ रपए था। पंद्रह वर्षीय दृष्टिकोण तथा सात वर्षीय कार्य योजना दस्तावेज को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

• तीन वर्षीय कार्य एजेंडा भी सदस्यों को वितरित किया गया। इसे भी जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
2. नए विपणन अधिनियम को लागू करें राज्य
• कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने किसानों की आय दोगुना करने के लिए माडल उत्पाद एवं मवेशी विपणन अधिनियम 2017 को लागू करने के वास्ते सच्चे मन से पहल करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि कृषि उपज विपणन समिति अधिनियम से अब फलों और सब्जियों को बाहर कर दिया गया है।

• श्री सिंह ने यहां कृषि और कृषि विपणन में सुधार विषय पर राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कृषि उपज विपणन समिति अधिनियम (एपीएमसी) की विसंगतियों को दूर करने तथा किसानों के लिए ‘‘एक देश-एक बाजार’ व्यवस्था को बढ़ावा देने के वास्ते नया अधिनियम लाया गया है। 

• उन्होंने कहा कि एपीएमसी एक्ट से फलों और सब्जियों को बाहर कर दिया गया है और नए अधिनियम में कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्रों को भी शामिल कर लिया गया है।उन्होंने कहा कि माडल अधिनियम का उद्देश्य कृषि उत्पादों के अलावा डेयरी, मत्स्य पालन और कुक्कुट पालन को भी शामिल किया गया है । इस अधिनियम के माध्यम से निजी क्षेत्र में बाजारों की स्थापना, प्रसंस्करण इकाई या थोक खरीदार किसानों से सीधे उत्पादों की खरीद, उपभोक्ताओं की किसानों से सीधी खरीद, अनुबंध खेती , ई-व्यापार,व्यापार के लिए एक शुल्क और लाइसेंस को आवश्यक बनाना है।

• कृषि मंत्री ने कहा कि मंडी शुल्क और कमीशन को तर्कसंगत बनाया गया है। इसके अलावा अंतररज्यीय व्यापार को बढ़ावा दिया गया है। किसानों के संबंध में गठित राष्ट्रीय आयोग ने हरेक पांच किलोमीटर के दायरे में बाजार की स्थापना की सिफारिश की है। 

• निजी क्षेत्रों  में बाजारों की स्थापना से अधिक से अधिक बाजार खुल सकेंगे और किसानों को खेतों के निकट बाजार उपलब्ध हो सकेगा।
3. अफगानिस्तान का शीर्ष रक्षा तंत्र डगमगाया : तालिबान हमले के बाद रक्षामंत्री और सेना प्रमुख का इस्तीफा
• कुछ दिन पहले उत्तरी अफगानिस्तान में एक सैन्य अड्डे पर तालिबान के अब तक के सबसे घातक हमलों में से एक माने जा रहे हमले के बाद सोमवार को अफगान रक्षामंत्री और उनके सेना प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया है। इस हमले के बाद देश में अधिकारियों के इस्तीफे की मांगें उठने लगी थीं। 

• प्रेजीडेंशियल पैलेस की ओर से जारी बयान में कहा गया, राष्ट्रपति अशरफ गनी ने रक्षामंत्री और सेना प्रमुख का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। शुक्र वार को उत्तरी शहर मजार-ए-शरीफ के बाहर हुए हमले के बाद गुस्साए अफगानों ने मंत्री अब्दुल्ला हबीबी और सैन्य प्रमुख कदम शाह शाहीन और अन्य अधिकारियों के इस्तीफों की मांग की थी।

• सैनिकों की वर्दी पहने और आत्मघाती बम लगाए 10 बंदूकधारी सेना के ट्रकों में सवार होकर सैन्य अड्डे में दाखिल हो गए थे। इन्होंने मस्जिद और खाने के हॉल में निहत्थे सैनिकों पर करीब से गोलियां चला दीं। हमले में मरने वालों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है। अफगान अधिकारियों ने मरने या घायल होने वाले सैनिकों की संख्या को 100 से अधिक बताया है लेकिन सटीक संख्या नहीं बताई है। 

• यह अधिकारी पूर्व में हो चुके ऐसे हम
लों में हताहत हुए लोगों की संख्या घटाकर बताते रहे हैं।अमेरिका ने कहा है कि 50 लोग मारे गए हैं और कुछ स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या 130 के करीब है। 

• यह हमला सत्ता से हटाए जाने के 15 साल बाद तालिबान की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। हमले से निपटने में सरकार की अयोग्यता के लिए कई अफगान लोगों ने सरकार की आलोचना की। इससे पहले भी तालिबान कई घातक हमले बोल चुका है। 

• इनमें से एक हमला काबुल के सबसे बड़े सैन्य अस्पताल पर बोला गया था, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए थे। उस हमले में दो जनरलों समेत 12 सैन्य अधिकारियों को लापरवाही बरतने पर बर्खास्त कर दिया गया था। अधिकारियों ने उस हमले में मरने वालों की संख्या 50 बताई थी लेकिन सुरक्षा सूत्रों और बचे हुए लोगों ने एएफपी को बताया कि हमले में 100 से ज्यादा लोग मारे गए थे। 

• सैन्य विश्लेषकों ने ऐसे हमलों में ‘‘खुफिया तंत्र की पूर्ण विफलता’ को लेकर आलोचना की है और इनसे निपटने के लिए नई रणनीतियों का आह्वान किया है।
4. साइप्रस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा आज से : एकीकरण में चाहता है मदद
• साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस अनस्तासिएड्स ने अपनी पहली भारत यात्रा से पहले कहा है कि उनके देश के एकीकरण में नई दिल्ली मदद कर सकती है क्योंकि उसके तुर्की के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। 

• अपनी इस यात्रा के दौरान वह भारत के साथ द्वीप देश के करीबी और समय की कसौटी पर खरे उतरे संबंधों की पुन: पुष्टि करेंगे। 

• यह पूछे जाने पर कि क्या वह साइप्रस के एकीकरण में भारत की मदद मांगेंगे, अनस्तासिएड्स ने कहा, वह देश जिनके तुर्की के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, वह इस दिशा में मदद कर सकते हैं। साइप्रस का 37 प्रतिशत हिस्सा 1974 से तुर्की के कब्जे में है। 

• अनस्तासिएड्स 25 से 29 अप्रैल तक भारत की यात्रा पर रहेंगे। उन्होंने कहा, नि:संदेह साइप्रस के सवाल पर हम किसी तरह के हस्तक्षेप की संभावना पर प्रधानमंत्री :नरेंद्र: मोदी से बात करेंगे। 

• उनकी टिप्पणी काफी महत्व रखती है क्योंकि तुर्की के राष्ट्रपति 30 अप्रैल को भारत की यात्रा पर होंगे।
5. फ्रांस चुनाव :पहला राउंड  मैक्रॉन और पेन के नाम
• फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर के लिए कल हुए मतदान में मध्यमार्गी इमानुएल मैक्रोन ने अपनी दावेदारी और मजबूत की और अब मैक्रॉन तथा घुर दक्षिणपंथी नेता मेरीन लू पेन के बीच सात मई को दूसरे दौर का मुकाबला होगा।

• पहले चरण के मतदान में मतदाताओं के सामने कुल मिलाकर 11 उम्मीदवारों का विकल्प था। स्थानीय टीवी चैनलों के अनुसार श्री मैक्रॉन को 23.7 प्रतिशत वोट मिले, जबकि सुश्री ले पेन को 21.7 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार श्री मैक्रॉन और सुश्री पेन को रूढ़िवादी फ्रांसुआ फिलन और जां लुक मेलाशों से कड़ी टक्कर मिली। 

• देश के कुल 67 हजार मतदान केंद्रों पर करीब 4.7 करोड़ मतदाताओं को मत डालने थे।मैक्रॉन और सुश्री ले पेन के बीच दूसरे दौर का मुकाबला होगा जिसके लिये मतदान सात मई को होगा। सुश्री पेन ने जनवरी 2011 में अपने पिता की जगह नेशनल फ्रंट का नेतृत्व संभाला था और उसके एक वर्ष बाद हुए राष्ट्रपति चुनाव में वह तीसरे नंबर पर रहीं थीं। 

• इससे पूर्व कल फ्रांस के 66 हजार 546 मतदान केंद्रों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोट डाले गए। नेशनल फ्रंट की प्रमुख ली पेन ने हेनिन ब्यूमांट शहर में वोट डाला। जबकि युवाओं में लोकप्रिय श्री मैक्रान ने नारमेंडी रिसॉर्ट में पत्नी ली टुकेट के साथ मतदान किया। 

• राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने तुले इलाके में वोट डाला था। वर्ष 2012 में 79.48 फीसद मतदान हुआ था जबकि इस बार मतदान 80 फीसदी पार कर गया।
6. अंसारी पोलैंड रवाना, एनएसजी पर होगी बात
• उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के अपनी आगामी पोलैंड यात्रा के दौरान परमाणु आपूत्तर्िकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने के भारत के प्रयासों पर विचार विमर्श करने की संभावना है। आम्रेनिया और पोलैंड की पांच दिवसीय यात्रा पर सोमवार को रवाना हुए अंसारी विभिन्न बैठकों और समारोहों में शामिल होने के साथ ही दोनों देशों के नेताओं के साथ वार्ता भी करेंगे। यह उनकी आम्रेनिया और पोलैंड की पहली यात्रा है। उपराष्ट्रपति 26 अप्रैल तक आर्मेनिया में होंगे। 

• इस यात्रा में उपराष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी सलमा अंसारी भी गयी हैं।अंसारी के साथ आम्रेनिया और पोलैंड की यात्रा पर लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योग राज्यमंत्री गिरिराज सिंह भी गए हैं। उपराष्ट्रपति के साथ एक संसदीय शिष्टमंडल भी गया है जिसमें माकपा सांसद सीताराम येचुरी, राकांपा सांसद डी पी त्रिपाठी, कांग्रेस सांसद विवेक तंखा और भाजपा सांसद थुपस्टान चेवांग और मीडियाकर्मी भी शामिल हैं। 

• अंसारी 26 अप्रैल को पोलैंड पहुंचेंगे और वहां अगले दो दिनों के दौरान वह पोलैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे जो उपराष्ट्रपति के
सम्मान में भोज का आयोजन करेंगे। अंसारी सीनेट के स्पीकर से भी मुलाकात करेंगे। 

• पोलैंड में एनएसजी पर र्चचा की संभावना के बारे में सवाल किए जाने पर विदेश मंत्रालय की सचिव (पूर्व) प्रीती सरण ने बताया, एनएसजी में हमारी सदस्यता के दावे पर पोलैंड का रूख बेहद सहयोगात्मक रहा है और इसके लिए हम उनकी सराहना करते हैं और उनके प्रति आभारी हैं। 

• उन्होंने बताया था, इसलिए निश्चित रूप से, जब ऐसा मौका आता है तो उपराष्ट्रपति को इससे न केवल एनएसजी की सदस्यता बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का समर्थन करने के लिए पोलैंड सरकार का आभार व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। विदेश मंत्रालय की सचिव (पूर्व) प्रीति सरण ने बताया, इस यात्रा के दौरान वह दोनों देशों के साथ भारत के सौहार्दपूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ साझे हितों के व्यापक विषयों पर गठजोड़ एवं सहयोग को मजबूत बनाने पर र्चचा करेंगे। अंसारी येरेवान विविद्यालय में छात्रों और स्टाफ को भी संबोधित करेंगे। 

• आम्रेनिया के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री उपराष्ट्रपति के सम्मान में भोज का भी आयोजन करेंगे।उपराष्ट्रपति की आम्रेनिया की यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देश राजनयिक संबंधों की 25वीं वर्षगांठ मना रहे हैं । भारत के उपराष्ट्रपति के स्तर पर आम्रेनिया की यह दूसरी यात्रा है। 

• सरण ने बताया, यह आम्रेनिया के साथ राजनयिक संबंधों की 25वीं वर्षगांठ है और ऐसे उच्चस्तरीय संबंधों से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। अंसारी पोलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर 26 अप्रैल को वारसा पहुंचेंगे जहां वह एक बिजनेस सेमिनार का उद्घाटन करेंगे और वारसा यूनिवर्सिटी में व्याख्यान देंगे।
7. भारत-रूस गैस पाइपलाइन पर बढ़ेगी बात
• क्या सुदूर रूस के अंदरूनी हिस्से से गैस पाइपलाइन भारत तक बिछाई जा सकती है? अभी तक इस बारे में भारत और रूस के संबंधित अधिकारियों के बीच जो वार्ता हुई है, उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि इसकी संभावना पहले से मजबूत हुई है। 

• अब यह संभावना जमीन पर उतारी जा सकती है या नहीं, इस पर दोनों देशों के आला अधिकारियों की अगले महीने अहम बैठक होगी। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून के पहले हफ्ते में होने वाली रूस यात्र की तैयारियों को लेकर होगी। 

• भारत और रूस ने गैस पाइपलाइन पर पहली बार 2013 में बात हुई थी। मार्च, 2016 और ब्रिक्स बैठक के दौरान अक्टूबर, 2016 में भी उच्च स्तर पर गैस पाइपलाइन को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। गैस पाइपलाइन परियोजना को लागू करने को लेकर जो तकनीकी उपसमितियां बनी थी, उसकी रिपोर्ट दोनों देशों के पेट्रोलियम मंत्रलयों को सौंपी गई है। 

• पेट्रोलियम मंत्रलय के सूत्रों के मुताबिक पिछले छह महीने के दौरान गैस पाइपलाइन पर कई स्तरों पर बात हुई है और हम यह पक्के तौर पर कह सकते हैं कि यह परियोजना संभव है। लेकिन अब कीमत, कूटनीतिक रिश्तों, पाइपलाइन के रास्ते पर फैसला करना होगा। रूस और भारत के बीच के फासले को देखते हुए पाइपलाइन की लागत बहुत ज्यादा होने के आसार हैं, इसका असर कीमत पर पड़ सकता है। 

• बताते चलें कि सोमवार को पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने एक सेमिनार में यह बात कही है कि, अगर विदेश से भारत तक गैस लाने की पूरी लागत पांच डॉलर प्रति एमएमबीटीयू (गैस मापने का मापक) तक हो तो भारत में उसका उपभोग हो सकता है। देखना होगा कि भारत और रूस के रणनीतिकार इस प्रस्तावित गैस पाइपलाइन से आने वाली गैस की कीमत इस स्तर से नीचे रख पाते हैं या नहीं।

• सूत्रों के मुताबिक भारत के लिए एक बड़ी दिक्कत परियोजना के लिए संभावित रूट का चयन है। रूस की तरफ से यह प्रस्ताव है कि चीन के लिए जो पाइपलाइन बिछाई गई है, उसे ही भारत तक बढ़ा दिया जाए। लेकिन कूटनीतिक वजहों और चीन के लगातार तल्ख हो रहे तेवर को देखते हुए भारत के लिए इस पर तैयार होना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा। 

• ऐसे में भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह तक गैस पहुंचाने का विकल्प दिया है।1 भारत यह बंदरगाह विकसित कर रहा है और यहां कई उर्वरक व रसायन संयंत्र स्थापित करने की मंशा रखता है। इन संयंत्रों को रूस से लाई गई गैस दी जा सकती है। चाबहार तक गैस पाइपलाइन लाने का एक फायदा यह है कि भारत वहां से जहाज से गैस गुजरात स्थित एलएनजी टर्मिनल तक आसानी से ला सकता है।

• भारत ने सबसे पहले ओमान से गैस पाइपलाइन भारत तक बिछाने की संभावना पर अध्ययन करवाया था। अध्ययन की रिपोर्ट में इसे संभव नहीं बताया गया। इसके बाद ईरान से पाकिस्तान होते हुए गैस पाइपलाइन बिछाने पर पर कई वर्षो तक बात हुई और अंतत: अमेरिकी दवाब में इसे ठंडे बस्ते में डालना पड़ा। 

• इसके बाद तुर्कमेनिस्तान से अफगानिस्तान व पाकिस्तान होते हुए भारत-पाक बॉर्डर तक गैस पाइपलाइन लाने पर बात अभी चल ही रही है। सभी देशों के शीर्ष नेताओं की अध्यक्षता में कई बार चर्चा हुई है। लेकिन अभी तक कोई कंपन
ी इस पाइपलाइन को बिछाने के लिए तैयार नहीं हो पाई है। इसकी वजह से इस परियोजना को लेकर भी संशय बना हुआ है।


8. गरीबों को खाद्यान्न के लिए ही आधार अनिवार्य
• आधार को अनिवार्य बनाने पर दलील देते हुए केन्द्र सरकार ने हाईकोर्ट से कहा है कि इसे इसलिए अनिवार्य बनाया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पीडीएस के तहत गरीबों को सब्सिडी वाला खाद्यान्न मिल सके। 

• एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल की अगुआई वाली बेंच को एएसजी संजय जैन ने बताया कि सार्वजनिक वितरण पण्राली का काफी दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि सब्सिडी वाला खाद्यान्न गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है और उसका लाभ दूसरे लोग उठा रहे हैं। 

• पीडीएस योजना के तहत लाभ में प्रयुक्त होने वाले करीब 2. 33 करोड़ राशन कार्ड फर्जी निकले। उनकी दलील थी कि आधार को अनिवार्य करने से पीडीएस का लाभ असली लाभार्थियों को मिलेगा। सरकार ने इन लोगों को आधार के लिए 30 जून तक आवेदन करने हेतु समय दिया है। इनके पास बायोमैट्रिक आधारित विशिष्ट पहचान संख्या नहीं है। 

• केन्द्र ने यह जवाब उस जनहित याचिका पर दिया जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करने की केन्द्र की 8 फरवरी को अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गई थी।
9. चांद, मंगल के बाद शुक्र की ओर इसरो
• चांद और मंगल मिशन को सफलता के साथ अंजाम देने वाले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अब शुक्र (वीनस) अभियान की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। शुक्र ग्रह के अध्ययन के लिए इसरो ने देश भर के उन संस्थानों से प्रस्ताव मांगे गए हैं, जो वर्तमान में नक्षत्र विज्ञान, अंतरिक्ष संबंधी विज्ञान के विकास से संबद्ध हैं या फिर इस तरह के प्रयोग के विकास की दिशा में काम करने के इच्छुक हैं। 

• सुझाव देने के लिए अंतिम तिथि 19 मई तय की गई है। 1इसरो के चेयरमैन एएस किरन कुमार के मुताबिक, शुक्र की पड़ताल की दिशा में बहुत सारी सफलताएं मिलने के बाद भी काफी कुछ जानना बाकी है। इसके लिए हम इस अभियान के बारे में कदम बढ़ा रहे हैं। 

• शुक्र के साथ मंगल का दूसरा अभियान उनकी प्राथमिकता में है। इसके लिए अध्ययन किए जा रहे हैं। अभी ये दोनों अभियान अनुसंधान के दौर में हैं। इससे जुड़ी सारी चीजों का अध्ययन पूरा होने के बाद मिशन पर विस्तृत अध्ययन होगा। इसके लिए परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसे अंतरिक्ष विज्ञान पर गठित इसरो की सलाहकार समिति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद अंतरिक्ष आयोग और फिर केंद्र सरकार से मंजूरी के बाद योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।

• हालांकि इसरो का कहना है कि अभियान 2020 से पहले शुरू होने की योजना नहीं है। इसरो की शुरुआती योजना के अनुसार, 175 किलोग्राम वजनी उपकरण यान के साथ मंगल ग्रह पर भेजा जाएगा जो 500 वॉट ऊर्जा से चालित होगा। 

• पृथ्वी की जुड़वा बहन की दी जाती है संज्ञा : शुक्र को पृथ्वी की जुड़वा बहन की संज्ञा दी जाती है क्योंकि दोनों में बहुत सी चीजें मिलती जुलती हैं। आकार, घनत्व और गुरुत्वाकर्षण के मामले में दोनों एक जैसे हैं। माना जाता है कि दोनों 4.5 अरब साल पहले एक ही जगह से उत्पन्न हुए। 

• शुक्र के बारे में सारे अध्ययन 1960 के बाद भारत में शुरू हो सके। ध्यान रहे यह ग्रह धरती की तुलना में सूर्य के तीस फीसदी ज्यादा नजदीक है। इसी के चलते यह काफी गर्म है। यह सूर्य का एक चक्कर ये 225 दिनों में ही पूरा कर लेता है। 

• 24 सिंतबर 2014 को मंगल पर भेजा था यान : इससे पहले इसरो ने 24 सितंबर 2014 को भारत ने कम लागत का अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह पर भेजा था। महज 450 करोड़ की लागत से मंगल ग्रह पर भेजा गया यान अभी भी इसकी कक्षा में चक्कर लगा रहा है। मंगलयान से पहले इसरो ने 2008 में चांद पर पहला मिशन चंद्रयान-1 भेजा था। 2018 में दूसरा चंद्र मिशन चंद्रयान-2 भेजने की योजना है।
10. काशीनाधुनी को दादा साहब फाल्के सम्मान
• प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और अभिनेता काशीनाधुनी विश्वनाथ को 2016 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया जाएगा। भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े पुरस्कार को हासिल करने वाले वह 48वें फिल्मकार हैं। इसमें स्वर्ण कमल के साथ एक शाल व दस लाख रुपये दिए जाते हैं। 

• उन्हें यह सम्मान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 3 मई को दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रदान करेंगे।187 वर्षीय फिल्मकार को यह पुरस्कार देने की घोषणा दादा साहब फाल्के अवार्ड समिति की सिफारिश पर सूचना व प्रसारण मंत्री एम वैंकेयानायडू ने की।

• काशीनाधुनी विश्वनाथ पांच राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। 1965 से लेकर अब तक उन्होंने तमिल, तेलुगू और हंिदूी भाषा में तकरीबन 50 फिल्मों का निर्माण किया। 

• उनकी ज्यादातर फिल्में सामाजिक विषयों पर आधारित रही हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उनकी फिल्म स्वाति मुथयम को 59वें एकेडमी अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म के तौर पर शामिल किया गया था। 

• उन्हें अभी तक पद्मश्री, पांच राष्ट्रीय, 20 नंदी व दस फिल्म फेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। इसमें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड शामिल है। 

• उल्लेखनीय है कि दक्षिण भारतीय भाषओं की विभिन्न फिल्मों में उन्होंने चरित्र अभिनेता के रूप में अपनी अलग पहचान छोड़ी है।

11. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को पूरे देश में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिन संविधान (73वां संशोधन) अधिनियम, 1992 के पारित होने का प्रतीक है, जो 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ था.

इस अवसर पर, आज लखनऊ में एक समारोह में प्रधानमंत्री द्वारा देश भर से चुनी गयी 20 सर्वश्रेष्ठ पंचायतों को पुरस्कृत किया जायेगा. अपने सर्वश्रेष्ठ कार्यों के लिए हिमाचल प्रदेश की कुठेर ग्राम पंचायत को भी यह पुरस्कार दिया जायेगा. यह ग्राम पंचायत खुले में शौच मुक्त (ODF) बनने वाली पहली ग्राम पंचायत है और इसे लगभग 5 लाख रु की राशि पुरस्कारस्वरूप दी जाएगी.