दैनिक समसामयिकी 25 अप्रैल 2018

दैनिक समसामयिकी 25 April 2018(Wednesday)

1.पीएम ने कहा : महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को जनधन, वनधन और गोवर्धन के जरिए पूरा किया जाएगा
• महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को जनधन, वनधन और गोवर्धन के जरिए पूरा किया जाएगा। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल मंडला जिले की रामनगर ग्राम पंचायत में पंचायती राज दिवस के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही।
• किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करें जनप्रतिनिधि : मोदी ने कहा, ‘‘जनप्रतिनिधियों को गांव को सक्षम और दक्ष बनाने के लिए प्रयास करना होंगे। गांव में विद्यालय, शिक्षक सब हैं, फिर भी बच्चे अनपढ़ रह जाते हैं तो यह हमारा कसूर है। इसलिए जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि स्कूल न जाने वाले बच्चों को विद्यालय भेजें।
• किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करें। मिट्टी जब सेहतमंद होगी, तब खेती किसान के लिए फायदे का धंधा बनेगी।’
• गरीबों, पिछड़ों को सशक्त बनाना चाहती है सरकार : पीएम ने गोंडी भाषा में स्थानीय लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें गरीब, आदिवासी व पिछड़ों को सशक्त बनाना चाहती हैं, इसके लिए प्रयास जारी है।

2. समझौतों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे मोदी-शी
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सप्ताह वुहान शिखर सम्मेलन में किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे और न ही कोई संयुक्त बयान जारी करेंगे, लेकिन वह पारस्परिक विास कायम करने और लंबित मुद्दों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण सहमति पर पहुंचने का प्रयास करेंगे।
• प्रधानमंत्री मोदी मध्य चीन के वुहान शहर में होने वाले अनौ पचारिक शिखर सम्मेलन के लिए 27 अप्रैल को चीन पहुंचेंगे।चीन के उप विदेशमंत्री कोंग जुआनयू ने दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के बारे में यहां मीडिया से कहा, दोनों पक्ष किसी समझौते पर हस्ताक्षर न करने या कोई संयुक्त दस्तावेज जारी न करने, लेकिन लंबित मुद्दों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण सहमति पर पहुंचने के लिए सहमत हुए हैं।
• उन्होंने नेताओं के इस तरह का शिखर सम्मेलन करने का कारण बताते हुए कहा कि यह अनौपचारिक शिखर सम्मेलन अपने आप में इस तरह का पहला सम्मेलन है और दोनों देशों में इस तरह का कोई पूर्व उदाहरण नहीं है।कोंग ने कहा, अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में दोनों नेता अति महत्वपूर्ण मुद्दों पर दिल से दिल की र्चचा करेंगे और विास कायम करने तथा लंबित मतभेदों के समाधान पर सहमति बनाने का प्रयास करेंगे।
• यह पूछे जाने पर कि क्या बातचीत में डोकलाम मुद्दा और सीमा विवाद का मुद्दा भी उठेगा, कोंग ने कहा, डोकलाम प्रकरण विास की कमी की वजह से हुआ था। उन्होंने कहा, दोनों देशों को सीमा मुद्दे के समाधान के लिए स्थितियां और विास बनाने की जरूरत है।
• कोंग ने कहा कि राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी दोनों का रणनीतिक विजन और ऐतिहासिक दायित्व है। उन्होंने कहा, दोनों को उनके लोगों का व्यापक समर्थन है। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को बड़ा महत्व दिया है और इस संबंध को बढाने के लिए काफी मेहनत की है।कोंग ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में वह 10 बार मिले, एक-दूसरे की राजधानियों और गृह नगरों का दौरा किया। वह कई बहुपक्षीय अवसरों पर भी मिले।
• उन्होंने कहा, अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में वे पिछले 100 साल से अधिक समय में अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में न देखे गए बड़े बदलावों पर रणनीतिक र्चचा करेंगे। वे द्विपक्षीय संबंधों में दीर्घकालिक और रणनीतिक महत्व के द्विपक्षीय संबंधों तक पहुंच के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। कोंग ने कहा, विचारों का यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच पारस्परिक विश्वास को गहरा करेगा तथा द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढाने के लिए दिशा-निर्देश तथा उद्देश्य तय करेगा।

3. अफगानिस्तान में अकाल से 5 लाख बच्चे प्रभावित
• यूनिसेफ ने मंगलवार को कहा कि अफगानिस्तान में अकाल से 5 लाख बच्चे प्रभावित हुए हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यूनिसेफ ने एक बयान में कहा है, देश के 34 राज्यों में से 10 सूखे से बुरी तरह प्रभावित हैं, जहां 20 से 30 प्रतिशत पानी के स्रेत कथित रूप से सूख चुके हैं।
• पानी के अभाव में करीब 10 लाख लोगों के जीवन को खतरा है।इसके अलावा, आगामी महीनों में अतिरिक्त 20 लाख लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है। बयान में कहा गया है, इन क्षेत्रों में पहले से ही कुपोषण की उच्च दर है। पर्याप्त पोषण वाले भोजन, पीने के लिए सुरक्षित पानी, स्वच्छता व सफाई के बिना बच्चों का स्वास्थ्य गिरता जा रहा है। सूखे का असर सिर्फ खराब मौसम पर नहीं आया है, बल्कि पहले भी ऐसे मामले देखने को मिले हैं, क्योंकि तीव्र गंभीर कुपोषण या मौसमी कुपोषण के मामलों में करीब 25 फीसदी की वृद्धि हुई है।
• यूनिसेफ के अफगानिस्तान में प्रतिनिधि एडेल कोड्र ने कहा, सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों और परिवारों की जरूरतें पूरी कर स्थिति को बिगड़ने से रोकना हमारी प्राथमिकता है। यूनिसेफ के अनुमान के अनुसार 92 हजार अफगान बच्चों और 8,500 गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को तत्काल पोषण संबंधी सहायता की जरूरत है।
• जुलाई से दिसंबर 2018 के बीच पांच साल से कम आयु के करीब 1.21 लाख कुपोषित बच्चों और 33 हजार गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को जीवन रक्षक पोषित आहार की जरूरत हो सकती है।

4. सरकारी बीमा कंपनियों के विलय की प्रक्रिया शुरू
• सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तीन साधारण बीमा कंपनियों के प्रस्तावित विलय को लेकर प्रक्रिया में गति लाने को लेकर शुरुआती बैठकें की है। ओरिएंटल इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस तथा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के विलय प्रस्ताव की घोषणा 2018-19 के बजट में की गई थी।
• सूत्रों के अनुसार कुछ बैठकें हुई हैं लेकिन ये शुरुआती बैठकें थी। विलय की रूपरेखा अभी पेश की जानी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट भाषण में नेशनल एश्योरेंस कंपनी लि ., यूनाइटेड इंडिया एश्योरेंस तथा ओरिएंटल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लि . के एक बीमा कंपनी में विलय की घोषणा की थी और उसके बाद उसे सूचीबद्ध किया जाएगा।

5. छोटे किसानों के लिए आसान बनेगी कृषि ऋण सुविधा
• कृषि ऋण में विस्तार लगातार जारी है और 2017-18 में सरकार ने 31 मार्च को समाप्त विछले वित्त वर्ष में किसानों को 10 लाख करोड़ रपए की ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। साथ ही सरकार ने छोटे किसानों और काश्तकारों (दूसरे का खेत किराए पर लेकर खेती करने वालों) को खेतीबाड़ी के लिए ऋण सुविधा आसान बनाने पर जोर दे रही है।
• कृषि मंत्रालय जल्द ही मंत्रिमंडल में सारंगी समिति की सिफारिशों पर आधारित एक प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है जो छोटे और सीमांत किसानों के किसानों के लिए ऋण सुविधा बेहतर करने पर ध्यान देगा।कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव आशीष कुमार भूटानी ने कहा, ‘‘कृषि ऋण का स्तर हर साल बढ़ रहा है।
• 2017-18 में हमने 10 लाख करोड़ रपए का कृषि ऋण देने का लक्ष्य पूरा किया है। चालू वित्त वर्ष के लिए यह लक्ष्य 11 लाख करोड़ रपए का है।’ उद्योग मंडल फिक्की के एक सम्मेलन से इतर भूटानी ने कहा कि ऋण बांटना कोई चुनौती नहीं है, असल चुनौती इसे सही किसानों को देना है।
• भूटानी ने कहा कि इस 10 लाख करोड़ रपए में से 6.8 लाख करोड़ रपए छोटी अवधि के फसली ऋण हैं। छोटी अवधि के फसली ऋण की कुल राशि का 50ù छोटे और सीमांत किसानों को बांटा गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने बैंकों से आंकड़े मांगे हैं ताकि कृषि ऋण का वितरण बेहतर और लक्षित हो सके।
• बटाईदारी पर खेती करने वालों को ऋण उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भूटानी ने कहा कि सरकार का शोध संस्थान नीति आयोग इसके लिए एक उपयुक्त प्रक्रिया ढूंढने पर काम कर रहा है।

6. अब भारत-बांग्लादेश सीमा पर भी बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी
• बाघा बॉर्डर की तर्ज पर बांग्लादेश बॉर्डर पर भी बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी 27 अप्रैल से शुरू होगी। भारत-बांग्लादेश संबंधों व चीन की बदली रणनीति के मद्देनजर केंद्र सरकार का यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
• शुक्रवार को बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के डीजी केके शर्मा व बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के डीजी मो. शफीनुल इस्लाम कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनेगा भारत का फूलबाड़ी व बांग्लादेश का पंचगढ़ बीओपी। बीएसएफ सूत्रों के अनुसार सारी तैयारी पूरी कर ली गई है।
• बांग्लादेश, भूटान, तिब्बत और नेपाल से सटे होने के कारण नार्थ-ईस्ट का यह इलाका सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर डोकलाम विवाद के बाद चीन की रणनीति को ध्यान में रखकर भारत सरकार भी पड़ोसी देशों के साथ अपने संबंधों को नया आयाम दे रही है।
• बांग्लादेश बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के आयोजन को भी इसी का हिस्सा माना जा रहा है। गृह मंत्रलय के निर्देश पर शुक्रवार से फूलवाड़ी बॉर्डर पर शुरू हो रही ज्वाइंट रिट्रीट को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ की 51वीं बटालियन इस परेड में शामिल होगी।