दैनिक समसामयिकी 28 सितंबर 2018

सुप्रीम कोर्ट / पति की संपत्ति नहीं है पत्नी, वह अपनी मर्जी से जो चाहे, कर सकती है

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को व्यभिचार से जुड़ी आईपीसी की 158 साल पुरानी धारा 497 को खत्म कर दिया। कहा- पत्नी, पति की संपत्ति नहीं है। महिला अपने फैसले खुद करने के लिए स्वतंत्र है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि व्यभिचार को सामाजिक बुराई के तौर पर देखा जाना चाहिए। अब कोर्ट ने आईपीसी की धारा 497 और सीआरपीसी की धारा 198 को खत्म कर दिया है। इसलिए व्यभिचार के मामलों में महिला और पुरुष, दोनों को ही सजा नहीं होगी।

पहले क्या था : 158 साल पुरानी भारतीय दंड संहिता की धारा 497 कहती थी- किसी की पत्नी के साथ अगर उसके पति की सहमति के बिना यौन संबंध बनाए जाते हैं तो इसे व्यभिचार माना जाएगा। इसमें सीआरपीसी की धारा 198 के तहत मुकदमा चलाया जाता था और इसमें अधिकतम पांच साल की सजा का प्रावधान था। पति की शिकायत पर मुकदमे दर्ज होते थे। धारा की व्याख्या ऐसे की जाती थी जैसे महिला अपने पति की संपत्ति हो।

सुप्रीम कोर्ट / 1994 का फैसला बरकरार- मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अयोध्या विवाद से जुड़े एक मामले में फैसला दिया। इसमें शीर्ष अदालत ने 1994 के एक फैसले को दोबारा विचार के लिए बड़ी बेंच के पास भेजने से इनकार कर दिया। कहा- अयोध्या विवाद पर होने वाले निर्णय पर पिछले फैसलों का असर नहीं होगा। 1994 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है। तब कोर्ट ने कहा था कि सरकार अगर चाहे तो जिस हिस्से पर मस्जिद है, उसे अपने कब्जे में ले सकती है।

रिपोर्ट / साल 2030 तक भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा

साल 2030 तक भारत जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। एचएसबीसी होल्डिंग्स की रिपोर्ट में यह अनुमान जारी किया गया। एचएसबीसी होल्डिंग्स के मुताबिक 2030 तक भारत की जीडीपी 5.9 लाख करोड़ डॉलर हो जाएगी। पिछले साल भारत फ्रांस को पीछे छोड़ दुनिया की छठी बड़ी इकोनॉमी वाला देश बन गया।

भारत में नवम्बर में होगा बधिर टी-20 विश्वकप

इस साल नवंबर में भारत आईसीसी टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट का आयोजन करने जा रहा है । भारत में इस टूर्नामेंट के आयोजन के पीछे का मुख्य लक्ष्य भारत में सुनने में असमर्थ लोगों के लिए क्रिकेट का प्रचार और आयोजन करना है। यह बधिर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (बहरा आईसीसी) से संबद्ध है।भारत इस साल पहली बार बधिर आईसीसी टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट का आयोजन करने जा रहा है। इस टूर्नामेंट का आयोजन इस साल नवम्बर में होगा। डेफ (बधिर) क्रिकेट सोसाइटी (डीसीएस) द्वारा इसका आयोजन किया जाएगा।

फुटबॉल / 36 साल बाद जर्मनी में होगा यूरो कप, 2024 की मेजबानी मिली

जर्मनी ने यूरो कप 2024 की मेजबानी हासिल कर ली है। गुरुवार को यूईएफा कार्यकारी समिति ने मतदान के जर्मनी को मेजबान चुना। इस रेस में तुर्की दूसरे स्थान पर रहा। 1988 के बाद पहली बार जर्मनी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। तब वह पश्चिमी जर्मनी ने यूरो कप का आयोजन किया था।

जी-4 राष्ट्रों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की धीमी गति के प्रति चिंता व्यक्त की

इस बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, ‘विदेश मंत्रियों ने सुरक्षा परिषद में सुधार के मसले पर चर्चा की और अपने राजनयिकों को सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के तरीकों पर गौर करने को कहा.’

केंद्र सरकार ने लोकपाल खोज समिति गठित की

ये समिति लोकपाल के उम्मीदवारों की तलाश करेगी फिर उनके नाम सरकार के पास भेजेगी. इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी.

श्रीशंकर ने लम्बी कूद में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया

श्रीशंकर का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7.99 मीटर था जो उन्होंने इस साल मार्च में फेडरेशन कप में बनाया था. सेना के वीओ जिनेश ने 7.95 मीटर की छलांग के साथ दूसरा स्थान हासिल किया.

समयपूर्व लोकसभा और विधानसभा भंग होते ही लागू होगी आचार संहिता: चुनाव आयोग

भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावों के दौरान लागू की जाने वाली आचार सहिंता को लेकर एक बड़ा फैसला है. इस आचार सहिंता में राज्य की कार्यवाहक सरकार नयी येाजनाओं की घोषणा नहीं कर सकती है.

केंद्र सरकार ने नेशनल डिजिटल कम्युनिकेशन पॉलिसी को मंजूरी प्रदान की

नेशनल डिजिटल कम्युनिकेशन पॉलिसी के ड्राफ्ट में नेट निरपेक्षता पर भी जोर दिया गया है. इसके साथ ही डिजिटल विषयवस्तु के साथ कोई भेदभाव न करते हुए पारदर्शिता को बढ़ावा देने की बात कही गई है.

व्यभिचार कानून पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: विवाहेतर संबंध अपराध नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में स्त्री और पुरुष के बीच विवाहेतर संबंध से जुड़ी IPC की धारा 497 को गैर-संवैधानिक करार दे दिया है. जस्टिस दीपक मिश्रा ने अपना और जस्टिस एम खानविलकर का फैसला सुनाया.