​दैनिक समसामयिकी 05 November 2017

दैनिक समसामयिकी 05 November 2017(Sunday)
1.ट्रंप की एशिया के पांच देशों की यात्रा महत्वपूर्ण

• अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एशिया के पांच देशों की यात्रा बेहद महत्वपूर्ण होगी। यह उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित करने के चीन के प्रयासों के कारण सामने आ रहीं चुनौतियों से निपटने की वाशिंगटन की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी। 

• एक मीडिया रिपोर्ट में यह बात कही गई। ट्रंप 12 दिन की यात्रा पर शुक्रवार को व्हाइट हाउस से रवाना हो गए इस दौरान वह जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, वियतनाम और फिलीपीन का दौरा करेंगे। यह न केवल ट्रंप का सबसे लंबा दौरा है बल्कि पिछले 25 से अधिक वर्षो में किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किया एशिया का सबसे लंबा दौरा है। 

• ट्रंप के एशिया दौरे के लिए रवाना होने के बाद द वॉल स्ट्रीट जनरल एडिटोरियल बोर्ड ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप की पूर्वी एशिया यात्रा अभी तक के उनके कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा है। यह एक दशक में किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किया जा रहा एशिया का सबसे महत्वपूर्ण दौरा है। 

• दैनिक समाचार पत्र ने मुख्य संपादकीय में लिखा, उनकी बैठकें और भाषण एक संदेश देंगे, अच्छे या बुरे के लिए, उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्र म और क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित करने के चीन के प्रयासों के कारण सामने आ रहीं चुनौतियों से निपटने की अमेरिका की प्रतिबद्धता के बारे में सितम्बर की शुरुआत में उत्तर कोरिया द्वारा सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण करने के बाद से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है। 

• सरकारी एजेंसी केसीएनए ने इसके (मिसाइल के) हाइड्रोजन बम होने का दावा किया था। रिपोर्ट में कहा गया कि जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत, अमेरिका के साथ एकजुटता से काम करने पर विचार कर रहे हैं जो हिंद-प्रशांत परिधि का मजबूत आधार बन सकता है।

• अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार को अपने 12 दिनों के एशियाई दौरे पर रवाना हुए और इस दौरान वह जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, वियतनाम तथा फिलीपीन्स जाएंगे।पिछले 25 वर्षों में पहली बार कोई अमेरिकी राष्ट्रपति एशियाई देशों की इतनी लम्बी यात्रा पर जा रहा है। ट्रंप की यह यात्रा परमाणु परीक्षण मुद्दे पर उत्तर कोरिया के साथ बने तनाव के बीच हो रही है। 

• ट्रंप का मकसद उत्तर कोरिया के खिलाफ जापान को अपने साथ मिला कर एक संयुक्त मोर्चा तैयार करना है। इस मोर्चे द्वारा उत्तर कोरिया के खिलाफ सख्ती करने के लिए चीन पर दवाब बनाये जाने की उम्मीद है।

• अमेरिका के राष्ट्रपति अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ यात्रा के तहत सबसे पहले जापान पहुंचेंगे और उसके बाद दक्षिण कोरिया जाएंगे। ट्रंप ने अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव में फिलीपींस जाएंगे जहां वह दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के सम्मेलन में शामिल होंगे।
2. ईरान के हस्तक्षेप के विरोध में लेबनान के पीएम का इस्तीफा

• सऊदी अरब यात्र पर गए लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हरीरी के इस अचानक इस्तीफे से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। सुन्नी और शिया समुदायों में टकराव की आशंका बढ़ गई है।

• रियाद से टेलीविजन के जरिये अपने वक्तव्य में हरीरी ने ईरान और उसके द्वारा समर्थित सशस्त्र संगठन लेबनानी हिज्बुल्ला को इस्तीफे के लिए जिम्मेदार बताया है। साथ ही अपनी जान के लिए खतरा भी जताया है। 

• उन्होंने कहा, क्षेत्र में फैले ईरानी हथियार अब बैक फायर कर रहे हैं। वे इलाके में अस्थिरता और अशांति पैदा कर रहे हैं। हरीरी को 2016 में प्रधानमंत्री बनाया गया था। वह 30 सदस्यीय कैबिनेट के मुखिया थे जिसमें लेबनानी हिज्बुल्ला के लोग भी शामिल थे। 

• हरीरी खुद सुन्नी समुदाय से हैं। 1सऊदी अरब के प्रति वफादारी को लेकर लेबनान बंटा हुआ है। सुन्नी समुदाय जहां सऊदी अरब को अपना हितैषी मानता है तो हिज्बुल्ला समर्थक शिया ईरान को अपने नजदीक मानते हैं। इसी के चलते कैबिनेट में टकराव था और हरीरी को इस्तीफा देना पड़ा। 

• हरीरी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री रफीक हरीरी की देश में बने टकराव वाले हालात के बीच सन 2005 में हत्या हो गई थी।
3. सऊदी के बाद अब जापान ने दी एआइ पात्र को नागरिकता

• पिछले दिनों सऊदी अरब ने सोफिया नाम की रोबोट को नागरिकता दी थी। यह किसी रोबोट को नागरिक बनाने का पहला मामला था। अब जापान में शनिवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) पात्र को सेंट्रल टोक्यो प्रांत का नागरिक बनाया गया है। 

• यह एआइ पात्र सात साल के बालक सरीखा है जो शारीरिक रूप से मौजूद नहीं है लेकिन लोगों से लाइन नामक मैसेजिंग एप पर खूब चैटिंग करता है। उसका नाम शिबुआ मिराई है।
4.2047 तक उच्च मध्यम आय वर्ग में होगा भारत : विश्व बैंक का आकलन अगले तीन दशकों में हासिल होगा यह लक्ष्य

भले ही जीएसटी जैसे आर्थिक सुधारों के लिए विपक्ष मोदी सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा हो, लेकिन विश्व बैंक इन कदमों से खासा प्रभावित है। 

• ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, 2018 की रैंकिंग में भारत को 30 पायदान का उछाल देने वाले वल्र्ड बैंक का मानना है कि भारत अगले 30 साल में हाई मिडल इनकम इकोनॉमी बन जाएगा। विश्व बैंक ने शनिवार को कहा कि जीएसटी और अन्य सुधारों से भारत की अर्थव्यवस्था का स्तर बढ़ेगा।

• विश्व बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) क्रिस्टालीना जॉर्जिवा ने भारत में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर चार गुना होने को एक असाधारण उपलब्धि बताया। उन्होंने इसका श्रेय देश में पिछले तीन दशक के सुधारों को दिया। 

• उन्होंने कारोबारी सुगमता रिपोर्ट में 100वां स्थान हासिल करने को लेकर भी भारत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि 15 साल पहले शुरू हुई इस रैंकिंग में इतनी बड़ी छलांग पहले कभी देखने को नहीं मिली है।

• उन्होंने कहा, ‘जब हम भारत के विशाल आकार पर गौर करते हैं तो यह उपलब्धि विशेष रूप से और भी विशेष हो जाती है। मैं समझ सकती हूं कि क्रिकेट प्रेमी इस देश के लिए शतक जड़ना एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’ 

• वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रलय द्वारा दिल्ली में आयोजित इंडियाज बिजनस रिफॉर्म कार्यक्रम में उन्होंने कहा, सफलता के लिए जरूरी है कि उच्च स्तर पर उसे अपनाने और आगे बढ़ाने वाले हों। हमने सीखा है कि सुधारों के लिए धैर्य की जरूरत होती है। भारत के बारे में हमारी मान्यता है कि आज की ये सफलताएं भविष्य के सुधारों के लिए और अधिक ऊर्जा के रूप में काम आएंगी। 

• विश्व बैंक की अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुधार की कोशिशों की सराहना करते हुए कहा कि जीएसटी ने भारत के सामने एकीकृत समान बाजार के जरिये तेजी से वृद्धि का अनोखा अवसर पैदा किया है। उन्होंने कहा कि सुधारों का असर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर दिखने लगा है। एफडीआई 2013-14 के 36 अरब डॉलर से बढ़कर 60 अरब डॉलर हो गया है।

• जॉर्जिवा ने कहा कि ढांचागत निर्माण, मानव संसाधन में निवेश और सहयोगी एवं प्रतिस्पर्धी संघवाद देश की भविष्य की प्रगति का आधार बनेगा। उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि अब ऐसी परिस्थितियां बन चुकी हैं जहां देश में निपट गरीबी की बात बहुत जल्दी ही इतिहास का विषय बनने वाली है। इसके लिए 2026 का लक्ष्य तय किया गया था। मुङो लगता है कि मोदी इसे 2022 तक में ही करना चाहते हैं। अभी तक के प्रदर्शन को देखते हुए लगता है कि इसे भी पाना संभव है।’

• मौके पर भारतीय उद्योग जगत ने राह आसान करने के लिए कुछ और पुराने कानूनों को बदलने की वकालत की। सरकार करीब 1200 पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को रद कर चुकी है। उद्योग संगठन सीआइआइ की अध्यक्ष शोभना कामिनेनी ने कहा कि सरकार को अलग-अलग सेक्टरों के जोखिम के अनुरूप मंजूरियों में रियायत देने पर विचार करना चाहिए। मसलन कम जोखिम वाले सेक्टरों में कुछ मंजूरियों की जरूरत नहीं होनी चाहिए। 
5. 2022 तक भ्रष्टाचार, गरीबी मुक्त होगा भारत : नीति आयोग
• सरकार को सलाह देने वाली संस्था नीति आयोग ने साल 2022 तक गरीबी, गंदगी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद और सांप्रदायिकता मुक्त नए भारत की परिकल्पना की है। 

• नीति आयोग के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले महीने राज्यपालों के सम्मेलन में न्यू इंडिया ए-2022 दस्तावेज पेश किया था। इसके मुताबिक, अगर भारत 8 प्रतिशत की वृद्धि दर से आगे बढ़ना जारी रखता है तो 2047 तक विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में होगा। इसके साथ ही हम साल 2022 तक कुपोषण मुक्त भारत का सपना भी पूरा कर लेंगे। 

• दस्तावेज में दिखाया गया है कि सरकार 2019 तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 500 से अधिक आबादी वाले (विशेष इलाकों में 250 से अधिक की आबादी वाले) गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ सकती है। 

• साथ ही 2022 तक भारत में 20 विश्वस्तरीय उच्च शिक्षण संस्थानों की परिकल्पना की गई है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) के तहत चयनित सभी गांव 2022 तक आदर्श गांव का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं। दस्तावेज में यह कहा गया है कि हमें 2022 तक भारत को गरीबी मुक्त बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
6. ढांचागत विकास में होगा 25 लाख करोड़ का निवेश
• सड़क परिवहन तथा जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि उनके दोनों मंत्रालय ढांचागत विकास को विशेष महत्व दे रहे हैं। 2025 तक इस तरह की परियोजनाओं पर 25 लाख करोड़ रपए का निवेश किया जाएगा। 

• उन्होंने कहा कि हमारे यहां संसाधनों की कमी नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण के लिए ढांचागत विकास की कमी है जिसके कारण हमें नुकसान उठाना पड़ता है।

• गडकरी ने यहां चल रहे र्वल्ड फूड इंडिया 2017 सम्मेलन में ‘‘बुनियादी ढांचा प्रौद्योगिकी एवं उपकरण क्षेत्र में संभावना’ विषय पर बोलते हुए कहा कि सड़क परिवहन और राजमागरे का विस्तार तथा जल संसाधन का व्यवस्थित इस्तेमाल देश के ढांचागत विकास में मील का पत्थर साबित होंगे और उनके प्रभार वाले मंत्रालयों में इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

• गडकरी ने कहा कि उनके दोनों मंत्रालयों की योजना अगले सात साल में ढांचागत विकास के क्षेत्र में 25 लाख करोड़ रपए का निवेश करने की है। उन्होंने कहा कि छह लाख करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके लिए भूमि का अधिग्रहण भी किया जा चुका है।

• केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया में फल-सब्जी का उत्पादन करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है, लेकिन खराब फसल प्रबंधन तथा शीतगृह जैसे भंडारणों की कमी और ढांचागत विकास की अन्य सुविधाएं नहीं होने के कारण अपने उत्पाद का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता है। इस अभाव के कारण 35 प्रतिशत सब्जी खराब हो जाती है, जिसका सीधा नुकसान किसान और कारोबारियों को होता है। 

• उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी भारत की स्थिति दुनिया में बहुत कमजोर है। दुनिया में होने वाले कुल फूड प्रोसेसिंग में भारत की भागीदारी सिर्फ एक फीसद है, जबकि हमारे यहां 20 करोड़ लोग खेतीबाड़ी के कार्य से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि देश में कुल उत्पादित फल-सब्जी का सिर्फ 10 प्रतिशत ही प्रसंस्कृत होता है। इसको देखते हुए सरकार ने 2019 तक खाद्य प्रसंस्करण का लक्ष्य 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य तय किया है।

• गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इकॉनोमिक कोरिडोर तथा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने की योजना पर काम कर रहा है। चेन्नई, बेंगलुरू, विजयवाड़ा, हैदराबाद, सूरत तथा गुवाहाटी में लॉजिस्टिक पार्क बनाने का काम शुरू हो चुका है। 

• योजना के तहत देशभर में 24 लॉजिस्टिक पार्क और 44 इकॉनोमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जाना है। इकॉनोमिक कारिडोर बनने से ट्रकों की रफ्तार 200 किलोमीटर प्रति दिन बढ़ जाएगी।
7. वित्तीय सेवाओं में ब्लॉकचेन तकनीक उपयोगी
• कुछ भारतीय कंपनियों ने ब्लॉकचेन तकनीक के जरिये वित्तीय सेवाएं देना शुरू कर दिया है। यह तकनीक क्रिप्टोग्राफी से सुरक्षित है। हालांकि देश में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर बहस छिड़ी हुई है।

• बजाज समूह की एनबीएफसी व बीमा कंपनी बजाज फिनसर्व इस तकनीक की मदद से ट्रैवल इंश्योरेंस में संबंधित ग्राहक द्वारा सूचना दर्ज कराने से पहले ही क्लेम का निपटान कर रही है। बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा वित्तीय बाजार पर आयोजित कॉन्क्लेव के बाद बजाज फिनसर्व के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव बजाज ने कहा कि कंपनी ग्राहक सेवा में सुधार के मकसद से ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। 

• उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर फ्लाइट में देरी होती है तो इसकी सूचना सिस्टम को मिलेगी। इसके बाद तकनीक के सहारे स्वत: ही क्लेम जेनरेट होगा और संबंधित ग्राहक को तय मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि इस तकनीक पर पूरी निगरानी की जाती है। 

• कंपनी क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल के संबंध में नियामकीय दिशानिर्देशों को लेकर नजर रखती है। 1इलेक्टिकल इक्विपमेंट निर्माता कंपनी बजाज इलेक्टिकल्स लि. भी बिल डिस्काउंटिंग प्रोसेस में मानवीय हस्तक्षेप को खत्म करने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी ने इस साल के शुरू में इसके बारे में जानकारी दी थी।

• कितनी सक्षम है नई तकनीक : उद्योग संगठन एसोचैम की हाल में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार ब्लॉकचेन में तमाम उद्योगों की कार्यप्रणाली में भारी बदलाव लाने की क्षमता है। इससे प्रक्रिया को ज्यादा लोकतांत्रिक, सुरक्षित, पारदर्शी और सक्षम बनाया जा सकता है।
8. पांच करोड़ बच्चे हैं हेपेटाइटिस से पीड़ित
• दुनियाभर में पांच करोड़ से ज्यादा बच्चे हेपेटाइटिस से पीड़ित बताए जा रहे हैं। एक अध्ययन से पता चला है कि वर्ष 2016 में पांच करोड़ 20 लाख बच्चे पीड़ित थे, जिनमें 21 लाख बच्चे एचआईवी-एड्स से पीड़ित थे।

• हालांकि, अध्ययन में वर्ष 2016 के दौरान पूरी दुनिया में वायरल हेपेटाइटिस के मरीजों की तादाद बताई गई है। इनमें 19 साल से कम उम्र के 40 लाख बच्चे व किशोर हेपेटाइटिस-सी और 18 साल से कम उम्र के 48 लाख बच्चे व किशोर हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित थे। 

• ब्राजील में आयोजित र्वल्ड हेपेटाइटिस समिट-2017 में प्रस्तुत अध्ययन के नतीजों में बताया गया है कि दोनों वायरस से यकृत संबंधी रोग, यकृत कैंसर और उससे मौत भी हो सकती है। बगैर लाभ के मकसद से काम करने वाली लंदन स्थित संस्था र्वल्ड हेपेटाइटिस एलायंस के सीईओ रकेल पेक ने कहा, दुनियाभर में बच्चों को हेपेटाइटिस का भारी खतरा बना रहता है। 

• जाहिर है कि इसके लिए सार्वजनिक स्वास्य सेवाओं के प्रचुर निहितार्थ होते हैं।मिस स्थित शम्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मनाल अल-सईद ने बताया कि बच्चों में 80 फीसद हेपेटाइटिस-सी संक्रमण के लिए महज 21 देश जिम्मेदार हैं और इनमें भी इसकी दर सबसे ज्यादा विकासशील देशों में देखी जाती है। बच्चों में मुख्य रूप से हेपेटाइटिस-सी का संरचरण उनकी मां से ही होता है।
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