​दैनिक समसामयिकी 26 जून

दैनिक समसामयिकी 

1.ट्रंप ने मोदी को सच्चा मित्र बताया
• अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि सोमवार को जब वह यहां अपने सच्चे मित्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बातचीत करेंगे तो ‘‘रणनीतिक मुद्दों’ पर र्चचा होगी। अपनी पहली बैठक से पहले दोनों नेताओं ने संबंधों में सद्भाव स्थापित करने का प्रयास किया।

• ट्रंप ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, भारत के प्रधानमंत्री का सोमवार को व्हाइट हाउस में स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं। 

• सच्चे मित्र के साथ अहम रणनीतिक मुद्दों पर र्चचा होगी। जवाब में मोदी ने गर्मजोशी भरे व्यक्तिगत स्वागत के लिए ट्रंप के प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि वह भी व्हाइट हाउस में बैठक और र्चचा के लिए उत्सुक हैं। मोदी अमेरिकी नेता से पहली बार मुलाकात करने रविवार को यहां पहुंच गए। 

• ट्रंप और मोदी राष्ट्रपति कार्यालय में सोमवार दोपहर बातचीत करेंगे, एक दिन में अनेक कार्यक्रमों के दौरान घंटों साथ रहेंगे। इस दौरान दोनों के बीच आमने-सामने बैठक, प्रतिनिधि स्तर की बैठक, भोज और वर्किग डिनर शमिल हैं। मोदी के स्वागत में ट्रंप जो वर्किग डिनर आयोजित कर रहे हैं वह इस प्रशासन के तहत अपनी तरह का पहला कार्यक्म है। 

• ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, व्हाइट हाउस इसे खास यात्रा बनाने में दिलचस्पी ले रहा है। हम वाकई रेड कारपेट बिछाने का इंतजार कर रहे हैं। वास्तव में दोनों नेता डिनर करेंगे, व्हाइट हाउस में वर्किग डिनर। उन्होंने कहा, इस प्रशासन के तहत किसी विदेशी मेहमान के लिए यह पहला डिनर है। इसलिए हमारा मानना है कि यह बेहद अहम है। 

• मोदी की अमेरिका यात्रा की पूर्व संध्या पर ट्रंप प्रशासन ने उन खबरों को खारिज कर दिया था कि वह भारत की अनदेखी कर रहा है। उसने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप महसूस करते हैं कि यह देश दुनिया की अच्छाई के लिए ताकत है।
2. चीनी विदेश मंत्री ने इस्लामाबाद में कहा : पाक-अफगान मिल कर बनाएं आतंक से लड़ने का तंत्र
• दो दिन की अफगान यात्रा  के बाद चीनी विदेश मंत्री इस्लामाबाद पहुंचे तो उन्होंने दोनों देशों के बीच लगातार बिगड़ते जा रहे संबंधों पर गहरी चिंता जताई। बोले कि अफगान सरकार के साथ मिलकर पाक एक ऐसा तंत्र बनाए जो आतंक का खात्मा करने में कारगर हो सके। 

• चीन दोनों देशों का हर तरह से साथ देगा। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि अफगानिस्तान व पाकिस्तान के बीच लगातार वार्ताएं होनी बहुत जरूरी हैं। 

• इससे दोनों के बीच चल रही तल्खी खत्म हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इन वार्ताओं में चीन का होना आवश्यक है, क्योंकि वह बेहतर तरीके से दोनों के बीच सौहाद्र कायम कर सकता है। पाक सरकार के साथ वांग यी ने कई मसलों पर चर्चा की, इनमें अफगानिस्तान की स्थिति अहम रही।

• पाक की अफगान के साथ तकरार की वजह भारत है। 1947 से ही पाक अपने पड़ोसी मुल्क के लिए परेशानी की वजह बना हुआ है। अफगान सरकार मानती है कि काबुल में हाल में हुए हमलों की पीछे पाक का हाथ है।

• तालिबान को पाक में आसरा मिलता है जिससे वह अमेरिका समर्थित काबुल की सरकार के खिलाफ युद्ध जारी रखे हुए है। वांग यी ने पाक प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज के साथ बैठक की। उन्होंने आतंकवाद से लड़ने के लिए पाक की प्रतिबद्धता को सराहा।
3. नेपाल, भूटान की यात्रा के लिए वैध नहीं आधार
• गृह मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल और भूटान की यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए आधार वैध पहचान दस्तावेज नहीं है। देश के नागरिक वैध राष्ट्रीय पासपोर्ट अथवा चुनाव आयोग द्वारा जारी चुनाव पहचान पत्र ले कर नेपाल और भूटान की यात्रा कर सकते हैं। 

• इन दो देशों में यात्रा के लिए वीजा अनिवार्य नहीं है।यात्रा को सरल बनाने के लिए 65 साल से अधिक और 15 साल से कम आयु वाले अपनी आयु और पहचान की पुष्टि के लिए अपनी फोटो वाले दस्तावेज दिखा सकते हैं। इनमें पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र सरकार स्वास्य सेवा (सीजीएचएस) कार्ड और राशन कार्ड शामिल हैं लेकिन आधर कार्ड शामिल नहीं है। 

• मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नेपाल और भूटान की यात्रा के लिए आधार कार्ड स्वीकार्य यात्रा दस्तावेज नहीं है। यह परामर्श इस लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि एलपीजी पर सब्सिडी और सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने समेत अनेक कामों के लिए आधार अनिवार्य है। 

• नेपाल के साथ भारत की खुली सीमा है लेकिन वहां प्रवेश के वक्त वैध पहचान कार्ड दिखना जरूरी होता है। इस बीच, विमान से विदेश जानने वाले भारतीयों को अगले महीने से डिपार्चर कार्ड भरने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन रेलगाड़ी, बंदरगाह और सड़क मार्ग से विदेश जाने वालों को एंबारकेशन कार्ड भरना होगा।
4. छोटे निजी पीएफ ट्रस्ट EPFO के दायरे में आएंगे
• कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) करीब 500 छोटे निजी भविष्य निधि न्यासों को अपने दायरे में लाएगा। ऐसे पीएफ ट्रस्ट जिनका कुल कर्मचारी भविष्य निधि संग्रह एक करोड़ रपए तक है या जिनके सदस्यों की संख्या 20 तक है, उन्हें ईपीएफओ के तहत लाया जाएगा जिससे वे अपने अंशधारकों को बेहतर सेवाएं दे सकें।

• इसके अलावा 1,000 ऐसे निजी ईपीएफ न्यासों की निगरानी बढ़ाई जाएगी जिनके अंशधारकों का संख्या आधार बड़ा है। श्रम मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 का संशोधन करने की प्रक्रिया में है, जिससे बड़े निजी पीएफ न्यास अपने कर्मचारियों की ईपीएफ धन और खातों का प्रबंधन कर सकें। 

• श्रम मंत्रालय के सूत्र ने कहा कि ईपीएफ योजना में संशोधन के बाद मौजूदा निजी पीएफ न्यास जिनके सदस्यों की संख्या 20 तक है या जिनका ईपीएफ कोष एक करोड़ रपए (पेंशन और बीमा योगदान के बिना) है, उनकी ईपीएफ रिटर्न दाखिल करने की छूट समाप्त हो जाएगी। 

• ऐसे न्यासों का कोष और खाता ईपीएफओ के पास आ जाएगा। सूत्र ने कहा कि योजना में संशोधन के बाद इन छोटे ट्रस्टों को ईपीएफ रिटर्न दाखिल करने से 180 दिन की छूट मिलेगी।
5. सौ गांवों में नजर आएगा ‘बीबीपुर मॉडल’
• राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा गोद लिए गए हरियाणा के सौ गांवों में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता का बीबीपुर मॉडल लागू होगा। बीबीपुर जींद जिले का विकासशील गांव है, जहां शुरू हुई सामाजिक जागरूकता से राष्ट्रपति प्रभावित हैं। 

• राष्ट्रपति द्वारा गोद लिए गए गांवों में मेवात और गुरुग्राम के गांव शामिल हैं। 

• बीबीपुर मॉडल को सौ गांवों में लागू करने की जिम्मेदारी इसी गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान को सौंपी गई है। 

• राष्ट्रपति ने हाल ही में जागलान की सेल्फी विद डॉटर की शुरुआत की थी। राष्ट्रपति ने 2016 में गुरुग्राम के पांच गांवों को गोद लिया था। इन गांवों में हुए विकास कार्यो की समीक्षा के बाद 100 गांवों को गोद लिया गया है। 

• राष्ट्रपति भवन के निदेशक आइएएस निरंजन कुमार सुधांशु ने सुनील जागलान को पत्र भेजकर अभियान शुरू करने को कहा है। नए विकसित होने वाले गांव पूर्व में विकसित किए जा रहे गांवों के पांच से सात किलोमीटर के दायरे में हैं। 

• सुधांशु के अनुसार नए सौ गांवों में बीबीपुर मॉडल ऑफ वूमैन एंपावरमेंट एंड विलेज डेवलपमेंट, युवाओं को जागरूक करना, लाडो स्वाभिमान द्वारा सशक्तिकरण और पंचायत प्रतिनिधियों को जागरूक करने का काम शामिल है। सबसे पहले 100 गांवों की पंचायत को आपस में जोड़ने का काम होगा। इसके लिए अलग से वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है।

• यह है बीबीपुर मॉडल: –

• जींद जिले का बीबीपुर गांव देश का पहला ऐसा गांव है, जहां बेटियों को समाज में मान-सम्मान दिलाने की दिशा में सफल प्रयोग हुए हैं। 

• जागलान ने सरपंच रहते हुए यहां महिला पंचायत का आयोजन कराया। घरों के आगे बेटियों के नाम की तख्ती लगवाई। उनका सेल्फी विद डॉटर अभियान पूरे देश में प्रचलित हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में कई इन अभियानों का उल्लेख कर चुके हैं। 

• गांव की लड़कियों की टीम लाडो का गठन किया गया है।

•  लाडो टीम छुट्टी के दिन गांव की महिलाओं को उनके अधिकार बताने, उनके मोबाइल में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, एसएचओ महिला पुलिस स्टेशन, 1098 महिला हेल्प लाइन के नंबर सेव करने, कंप्यूटर के ज्ञान के प्रति जागरूक करने, स्वच्छता तथा परदा प्रथा के विरोध की जानकारी देती है।
6. हालात ठीक न होने पर केन-बेतवा लिंक परियोजना से केंद्र खींच सकता है हाथ
• केन-बेतवा लिंक परियोजना के पानी बंटवारे पर मध्य प्रदेश की आपत्ति के बाद भोपाल आए केंद्रीय जल संसाधन मंत्रलय के सचिव अमरजीत सिंह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चार दिन पहले गोपनीय बैठक हुई है। 

• इसमें प्रदेश के अफसरों ने उत्तर प्रदेश को ज्यादा पानी देने पर सख्त लहजे में ऐतराज जताया तो केंद्रीय सचिव को कहना पड़ा कि एमओयू के 12 साल बाद आपत्ति क्यों उठाई जा रही है। उन्होंने इशारों में यह तक कह दिया कि ऐसे ही हालात रहे तो हमें परियोजना से हाथ खींचने पड़ेंगे। 

• सूत्र बताते हैं कि जल संसाधन विभाग से जुड़े रहे अफसरों की आपत्ति पर केंद्रीय सचिव सिंह ने कहा कि मप्र को पहले मजबूती से अपना पक्ष रखना था। 12 साल में कई बैठकें हुईं। 2008 और 2010 में इसी समझौते के आधार पर डीपीआर तैयार हुई, तब क्यों नहीं बताया। 

• अब जबकि परियोजना फाइनल स्टेज पर है। उसे पर्यावरण, फॉरेस्ट और वाइल्ड लाइफ की क्लीयरेंस मिल चुकी है। ऐसे में आपत्ति परियोजना में रोडा बनेगी। 

• प्रदेश के अफसरों ने जब कहा कि हम समय-समय पर आपत्ति उठाते रहे हैं तो केंद्रीय सचिव ने जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव से कहा कि अगर इस संबंध में पहले कोई पत्र लिखा है, तो दिखाओ। मैं तीन दिन से पत्र मांग रहा हूं। सचिव ने उत्तर प्रदेश सरकार से बात कर मामले को सुलझाने की सलाह दी है। 

• गौरतलब है कि पन्ना जिले में केन-बेतवा नदी के संगम पर बनाए जा रहे दूधन डैम से दोनों राज्यों को सिंचाई और पीने का पानी मिलेगा। इस डैम के बनने से पन्ना टाइगर रिजर्व का कुछ हिस्सा डूब रहा है। यहां से करीब 12 गांवों को शिफ्ट भी किया जाना है। 1मध्य प्रदेश में ज्यादा पानी की जरू रत : राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के आंकड़ों के मुताबिक इस परियोजना से मप्र की दो लाख 87 हजार हेक्टेयर और उत्तर प्रदेश की दो लाख 27 हजार हेक्टेयर कृ षि भूमि में सिंचाई होनी है। 

• सूत्र बताते हैं कि बैठक में इन आंकड़ों पर पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने आपत्ति की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा में सिंचाई नहीं करना है और इतनी सिंचाई के लिए 500 एमसीएम पानी पर्याप्त है। 

• उल्लेखनीय है कि पानी को लेकर मध्य प्रदेश का पड़ोसी राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश के साथ विवाद चल रहा है। हालांकि इसे सुलझाने के लिए दोनों ही राज्य प्रयासरत हैं।
7. एसईजेड का मामला घरेलू बाजार में उत्पाद बेच सकेंगी निर्यात इकाइयां
• केंद्र सरकार विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) इकाइयों को घरेलू बाजार में शुल्क की कम दरों पर उत्पाद बेचने की इजाजत दे सकती है। अभी तक इन इकाइयों को कर मुक्त एसईजेड से बाहर उत्पाद बेचने की इजाजत नहीं है। इसलिए विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थापित यूनिटों को घरेलू बाजार से बाहर माना जाता है। यहां होने वाले उत्पादन को केवल निर्यात किया जा सकता है।

• निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए बने एसईजेड की यूनिटों को अगर घरेलू बाजार में अपने उत्पाद बेचने होते थे, तो इन पर कस्टम की तय दर के मुताबिक शुल्क लगाया जाता है। इन उत्पादों को आयातित सामान के बराबर समझा जाता है। मगर ऐसी इकाइयों का कहना है कि उन्हें मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के नियमों के तहत घरेलू बाजार में भी उत्पाद बेचने की इजाजत होनी चाहिए। 

• भारत के कई देशों के साथ हुए एफटीए में इस तरह का प्रावधान रखा गया है। इसके तहत कुछ खास शर्तो के साथ उत्पादों को घरेलू बाजार में बेचने की इजाजत दी जाती है। दरअसल, एसईजेड में स्थापित निर्यातोन्मुख इकाइयां चाहती हैं कि एफटीए के तहत कम शुल्क या शून्य शुल्क दर पर घरेलू बाजार में सामान बेचने की उन्हें भी इजाजत मिलनी चाहिए। 

• भारत ने इस तरह का एफटीए कई देशों के साथ किया है। इनमें जापान, मलेशिया और दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों का समूह आसियान शामिल है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया के साथ हुए समझौते में भी कस्टम की निचली या शून्य दर पर उत्पादों के आयात की इजाजत दी गई है। 

• सूत्र बताते हैं कि वाणिज्य मंत्रलय निर्यात इकाइयों (ईओयू) को प्रोत्साहित करने के लिए अब ऐसी इजाजत एसईजेड की यूनिटों को देने पर भी विचार कर रहा है। एक अधिकारी के मुताबिक यह कदम देश में मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में अहम होगा। 

• भले ही एसईजेड निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित किए गए हों, लेकिन वे देश की सीमा के भीतर रहकर ही मैन्यूफैक्चरिंग का काम करते हैं। इससे घरेलू स्तर पर ही रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। इस क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा तो रोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे। वाणिज्य मंत्रलय में हाल ही में हुई एक बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

• प्रस्ताव के विरोधी खेमे का मानना है कि इससे घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों को नुकसान होगा और वे प्रतिस्पर्धा से बाहर हो जाएंगी। 

• इसके जवाब में एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर एसईजेड एंड ईओयू के चेयरमैन राहुल गुप्ता का मानना है कि प्रस्ताव लागू करने से घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग उद्योग प्रभावित नहीं होगा। एसईजेड की यूनिटें उत्पादों के निर्माण में घरेलू कच्चे माल का इस्तेमाल करेंगी और रोजगार भी देंगी।
8. किदाम्बी ने दिखाया दम, रचा इतिहास फाइनल में ओलंपिक चैंपियन लोंग को हराया
• भारत के स्टार शटलर किदाम्बी श्रीकांत ने अपना स्वर्णिम प्रदर्शन जारी रखते हुए ओलंपिक चैंपियन चीन के चेन लोंग को रविवार लगातार गेमों में 22-20, 21-16 से हराकर आस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज का पुरु ष एकल वर्ग का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। 

• विश्व के 11वें नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत का इंडोनेशिया ओपन के बाद यह लगातार दूसरा सुपर सीरीज खिताब और ओवरआल चौथा सुपर सीरीज खिताब है। उन्हें इसी साल अप्रैल में खेले सिंगापुर ओपन फाइनल में हमवतन बीसाई प्रणीत से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने इंडोनेशिया ओपन के फाइनल में जगह बनाई थी और खिताब जीता।

• श्रीकांत ने इस जीत से दो बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। वह लगातार दो सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने। श्रीकांत आस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि सायना नेहवाल को हासिल थी जिन्होंने दो बार यह खिताब जीता था। सायना ने 2014 और 2016 में यह खिताब जीता था।

• श्रीकांत लगातार तीन सुपर सीरीज फ़ाइनल में खेलने वाले पहले भारतीय और दुनिया के छठे खिलाड़ी बन गए हैं। श्रीकांत अपने लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर 22 जून को जारी विश्व रैंकिं में 11 स्थानों की छलांग लगाकर 11वें स्थान पर पहुंच गए थे और अब अगले बृहस्पतिवार को जब नई रैंकिंग जारी होगी तो वह टॉप टेन में पहुंच जाएंगे। 

• जिस समय रविवार को श्रीकांत सिडनी में फाइनल में खेल रहे थे उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में उन्हें इंडोनेशिया ओपन जीतने पर बधाई दी।
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