मूल अधिकार से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

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मूल अधिकार

1. ➨ समता का अधिकार(Right to Equality) :➨
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►-अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समता तथा विधियों का समान संरक्षण प्रदान करता है (अर्थात विधि के शासन की स्थापना)।
►-अनुच्छेद 15 राज्य तथा व्यक्ति द्वारा व्यक्ति के साथ धर्म, मूल वंश, जन्म स्थान व लिंग के आधार पर भेदभाव प्रतिषेध करता है।
►-अनुच्छेद 16 लोकनियोजन में अवसर की समानता पर बल देता है।
►-अनुच्छेद 16 (4) में राज्य द्वारा पिछड़े वर्गों हेतु पदों के आरक्षण सम्बन्धी उपबंध है।
►-अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत और उसका आचरण निषिद्ध कर अस्पृश्यता का निवारण करता है।
अस्पृश्यता निवारण के लिए राज्य द्वारा ‘अस्पृश्यता अपराध अधिनियम- 1955 बनाया गया जिसे 1976 में बदलकर ‘नागरिक अधिकारों की रक्षा अधिनियम 1955 बना दिया गया।
►-अनुच्छेद 18 सेना व शिक्षा सम्बन्धी सम्मानों को छोडक़र, उपाधियों का अंत कर समाज में समानता स्थापित करता है।
►-सरकार द्वारा प्रदान किये जाने वाले पुरस्कार जो अनुच्छेद 18 का उल्लंघन नहीं करते इस प्रकार हैं-भारत रत्न,पद्म भूषण,पद्म विभूषण,पद्म श्री.
इन पुरस्कारों की स्थापना भारत सरकार द्वारा 1954 में की गई।
2. ➨ स्वतंत्रता का अधिकार(Right to Freedom):➨
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►-अनुच्छेद 19(1) में नागरिकों को छ: स्वतंत्रताएँ (अनुच्छेद 19-20) प्रदान की गई हैं|
►-अनुच्छेद 19(1)(्र) विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (प्रेस की स्वतंत्रता)
►-अनुच्छेद 19(1)(क्च) में शांतिपूर्ण सम्मेलन
►-अनुच्छेद 19(1)(ष्ट) संघ या संगठन या सहकारी समितियाँ१ बनाने की स्वतंत्रता
►-अनुच्छेद 19(1)(ष्ठ) अबाध संचरण या आगमन की स्वतंत्रता
►-अनुच्छेद 19(1)(श्व) निवास की स्वतंत्रता
►-अनुच्छेद 19(1)(स्न) वृत्ति या जीविका की स्वतंत्रता
►-अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोष सिद्धि के सम्बन्ध में संरक्षण प्रदान करता है। (भूतलक्षी प्रभाव व दोहरे दण्ड से संरक्षण)
►-अनुच्छेद 21 में प्राण एव दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण प्राप्त है।
नोट : (अनुच्छेद -21 में ‘कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया शब्द का उल्लेख।
►-अनुच्छेद 21 में प्राकृतिक न्याय का सिद्धान्त निहित है)
►-अनुच्छेद 21क२ में प्रारम्भिक शिक्षा के अधिकार का उल्लेख है।
►-अनुच्छेद -21क को क्रियान्वित करने के लिए संसद द्वारा ‘शिक्षा का अधिकार विधेयक-2009, 1 अप्रैल 2010 से लागू किया गया।प्रारम्भिक शिक्षा का अधिकार 6 से 14 वर्ष आयु के बच्चों के लिए है।
►-अनुच्छेद 22 कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण प्रदान करता है। (निवारक निरोध का उल्लेख अनुच्छेद 22 में है।)
3. ➨ शोषण के विरुद्ध अधिकार(Right Against ): ➨
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►-अनुच्छेद 23 मानव के दुराचार, बलात् श्रम तथा बन्धुआ मजदूरी के विरुद्ध अधिकार प्रदान करता है।
►-अनुच्छेद 24 कारखानों आदि जैसे खतरनाक कामों में 14 वर्षों से कम आयु के बच्चों के नियोजन को प्रतिषिद्ध करता है।
4. ➨ धर्म की स्वतंत्रता अर्थात धार्मिक स्वतंत्रता(Right to freedom of Religion):➨
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►-अनुच्छेद 25३ व्यक्ति को अन्त:करण की, धर्म के अबाध रूप से मानने,आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।
►-अनुच्छेद 26 धार्मिक कार्यों के प्रबन्ध की स्वतंत्रता प्रदान करता है अर्थात
►-अनुच्छेद 26 धार्मिक समुदाय या सम्प्रदाय को अधिकार प्रदान करता है।
►-अनुच्छेद 27 किसी विशिष्ट धर्म की अभिवृद्धि के लिए करों के संदाय अर्थात कर आरोपण से स्वतंत्रता प्रदान करता है।
►-अनुच्छेद 28 शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा में उपस्थित होने के बारे में स्वतंत्रता प्रदान करता है।
5. ➨संस्कृति और शिक्षा का अधिकार(Cultural and Education Rights):➨
►-अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यक वर्गों 4 के हितों का संरक्षण करता है।
►-अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यक वर्गों को शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अधिकार प्रदान करता है।अल्पसंख्यक शब्द को संविधान में परिभाषित नहीं किया गया है।
6. ➨संवैधानिक उपचारों का अधिकार(Right to constitutional Remedies):➨
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►-अनुच्छेद 32 मूल अधिकारों को प्रवर्तित कराने तथा मूल अधिकारों की रक्षार्थ उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226) को पाँच प्रकार की रिट प्रलेख जारी करने की शक्ति प्रदान करता है। पाँच प्रकार के रिट निम्न हैं-
►-बंदी प्रत्यक्षीकरण(HABEAS CORPUS)
►-परमादेश(MANDAMUS)
►-प्रतिषेध (PROHIBITION)
►-उत्प्रेषण (CERTIORARI)
►-अधिकार पृच्छा(QUO-WARRANTO)
►-सहकारी समितियों संबंधी उपबंध ‘97वें संविधान संशोधन अधिनियम 2011 द्वारा जनवरी, 2012 में जोड़ा गया।
►-अनुच्छेद 21क संविधान में ’86वें संशोधन अधिनियम-2002 द्वारा जोड़ा गया।
►-अनुच्छेद 25 के अन्तर्गत हिन्दुओं में सिख, जैन और बौद्ध सम्मिलित हैं।
►-अनुच्छेद 29 व 30 धार्मिक व भाषायी अल्पसंख्यकों को संरक्षण प्रदान करता है।