सामान्य विज्ञान अपडेट 17 जुलाई 2017

1. खटाई डालने पर दूध क्यों फट जाता है?

दूध में जल, वसा, कार्बोहाइड्रेट  तथा अकार्बनिक लवण होते हैं। केसीन नामक फास्फो प्रोटीन भी उपस्थित होता है। जब कोई अम्ल या खटाई दूध में मिलाई जाती है तो यह वसा तथा केसीन आपस में मिलकर थक्का बना लेते है तथा पात्र की तली में बैठ जाते है।  जल, कार्बोहाइड्रेड व लवण ऊपर तैरते रहते हैं इस क्रिया को हम दूध का फटना कहते हैं।

 

2. दिन में तारे दिखाई क्यों नही देते हैं?

पृथ्वी के चारों ओर सघन वायुमंडल है जो  सूर्य के प्रकाश के चारों ओर बिखेर देता है जिससे दिन में आकाश चमकदार हो जाता है तथा तारे दिखाई नहीं देते है जबकि चाँद पर जहाँ वायुमंडल नहीं है वहाँ दिन में भी तारे देखे जा सकते हैं।
3. महिलाओं एवं बच्चो की आवाज़ पुरुषों की अपेक्षा सुरीली क्यों होती है?

महिलाओं एवं बच्चों की आवाज पुरुषों की तुलना में सुरीली होती है क्योकि महिलाओं एवं बच्चों के वाकयन्त्र की आवृति पुरुषों से अधिक होती है। ध्वनि की आवृति जितनी अधिक होती है, ध्वनि उतनी ही अधिक सुरीली होती है। यही कारण है कि महिलाओं की आवाज़ पुरुषों की तुलना में सुरीली होती है।

 

4. पक्षी हवा में क्यों उड़ पाते हैं?

पक्षियों में पंख होते हैं जो अग्रपाद के रूपांतरण  होते हैं।  इनकी हड्डियाँ खोखली तथा फेफड़ों में वायुकोष होते है जो शरीर को हल्का बनाते हैं। इस प्रकार शरीर के हल्केपन तथा पंखों की सहायता से पक्षी हवा में सरलता से उड़ पाते हैं।
5. कई महिलाओं में पुरुषों की तरह ढाढ़ी आने लगती है। इसका क्या कारण है?

कई महिलाओं में पुरुषों की तरह दाढ़ी आने का मुख्य कारण पुरुष जनन हार्मोन एस्ट्रोजन की अधिकता है जिसके कारण अंडजनन की क्रिया बाधित होने लगती है। इस कारण उनमे पुरुषों के समान लक्षण दिखाई देने लगते हैं|

 

6. ट्यूबलाइट का बटन दबाते ही तेज प्रकाश कैसे उत्पन्न होता है?

ट्यूबलाइट में काँच की नली के दोनों सिरों पर टंगस्टन धातु के तंतु होते है तथा इसमें अल्प दाब पर पारे की वाष्प भरी रहती है। जैसे ही बटन दबाया जाता है टंगस्टन तन्तु से इलेक्ट्रोन उत्सर्जित होते है तथा पारे की वाष्प के अणुओं को आयनित कर देते |है जिससे दीप्त विसर्जन होता है| इनमें से कुछ प्रकाश तरंगों की तरंग दैर्ध्य अल्प होती है जिन्हें हम देख नहीं पाते है। अतः इन अदृश्य प्रकाश तरंगों को दृश्य प्रकाश तरंगों में परिवर्तित करने के लिये नली के भीतर की सतह पर प्रतिदीप्त पदार्थ पोत दिया जाता है जो अदृश्य प्रकाश को दृश्य प्रकाश में परिवर्तित करता है| इससे ट्यूब लाइट से अधिक प्रकाश प्राप्त होता है।
7. आतिशबाजी का रॉकेट ऊँचाई पर जाकर पुन: पृथ्वी पर आ जाता है किन्तु रॉकेट पुन: पृथ्वी की ओर लौटकर क्यों नहीं आता है?

पृथ्वी से प्रक्षेपित किए जाने वाले रॉकेट पलायन वेग से प्रक्षेपित होते हैं| अतः ये पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार कर जाते हैं जिससे उन पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल कार्य नहीं करता तथा वे पृथ्वी पर लौट कर नहीं आते हैं| जबकि आतिशबाजी का राकेट बहुत कम वेग से प्रक्षेपित होता है और पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण उसे अपनी ओर खींच लेता है| जलने के बाद आतिशबाजी के राकेट का बचा हुआ भाग पृथ्वी पर आ गिरता है|

 

 8. कैसे रंग देता है पान, मुख को?

पान बनाते समय कत्था व चूना लगाया जाता है। इस कत्थे में एक पदार्थ होता है जिसे कतेचू कहते है। यह कतेचू चूने से बने क्षारीय माध्यम में आक्सीजन से क्रिया करके कतेचूटैनिक अम्ल बनाता है। यह कतेचूटैनिक अम्ल लाल रंग का यौगिक होता है जो मुख को रंग देता है।

 

9. नान स्टिक बर्तनों में खाना क्यों नहीं चिपकता?

नान स्टिक बर्तनों में टेफ्लान की परत चढ़ी होती है। टेफ्लान फ़्लोरिनयुक्त पालीमर है जिसका रासायनिक नाम पोलिट्रेटा फ़्लुरोइथिलीन है। यह उष्मा के प्रभावों के प्रति अत्यन्त प्रतिरोधी होता है इसका घर्षण गुणांक भी बहुत कम होता है| इसमें एन्टीस्टिक गुण भी होता है अतः इसमें खाना पकाने पर खाना नहीं चिपकता।


10. कैसे भर जाते हैं जख्म?

जैसे ही त्वचा पर कोई कट लगता है, कटी हुई रक्त वाहिनी से रक्त बाहर आने लगता है तथा रक्त में मौजूद फिबरिन नामक प्रोटीन लम्बे तन्तु बनाने लगती है। जो आपस में मिलकर थक्का बुन लेते है। थक्का घाव को ढककर रक्त प्रवाह को बंद कर देता है। रक्त का थक्का बनने के साथ-साथ श्वेत रुधिर कणिकाएं भी घाव में आ जाती है तथा अन्दर प्रवेश करने वाले जीवाणु पर आक्रमण कर उन्हें नष्ट कर देती है। थक्के के नीचे कट के किनारों पर कोशिकायें शीघ्रता से विभाजित होने लगती है तथा कटके ऊपर आवरण बनाने लगती है। चार पाँच दिन में यह आवरण मोटा होकर त्वचा की नई परत बना देता है तथा घाव भरने की क्रिया पूरा होने के बाद एक शुष्क पपड़ी उतर जाती है।